राजस्थान का संगीत एवं लोकगीत
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81. साकर खान को 2012 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया क्योंकि वे ____ लोक वाद्य के सबसे बड़े प्रवक्ता थे-
Answer: साकर खान कामायचा के एक महान उस्ताद थे और इस वाद्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
82. लोक-कथा ‘देवनारायण जी की फड़’ के गायन में कौन-सा वाद्य यन्त्र प्रयोग में लाया जाता है -
Answer: देवनारायण जी के भोपे उनकी फड़ का वाचन करते समय जन्तर नामक वाद्य यंत्र का प्रयोग करते हैं।
83. निम्नलिखित में से कौन जयपुर अतरौली घराना के संस्थापक हैं -
Answer: उस्ताद अल्लादिया खान को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के 'जयपुर-अतरौली घराना' का संस्थापक माना जाता है।
84. मृदंग वाद्य यंत्र है -
Answer: मृदंग एक ढोलक जैसा वाद्य है जिसके दोनों तरफ चमड़ा मढ़ा होता है, इसलिए यह एक अवनद्ध वाद्य है।
85. सरगड़ों का खानदानी वाद्य है-
Answer: बांकिया, जो पीतल से बना एक सुषिर वाद्य है, सरगड़ा जाति का पारंपरिक वाद्य माना जाता है।
86. निम्नलिखित में से कौन सा लोक गीत वीर रस से परिपूर्ण है और सेनाओं के रण प्रयाण के समय गाया जाता था -
Answer: ढोला-मारू की कथा पर आधारित मारू राग और गीत वीर और श्रृंगार रस से परिपूर्ण हैं और युद्ध के समय उत्साहवर्धन के लिए गाए जाते थे।
87. लोक वाद्य यंत्र ‘टामक’ राजस्थान के किस सांस्कृतिक क्षेत्र से सम्बंधित है -
Answer: टामक (या दमामा) एक बड़ा नगाड़ा है जो मुख्य रूप से मेवात (अलवर-भरतपुर) क्षेत्र में युद्ध और उत्सवों के दौरान बजाया जाता था।
88. निम्न में से तत् वाद्य है :
Answer: जन्तर, रवाज और भपंग, ये तीनों ही तार वाले वाद्य यंत्र हैं, अतः ये सभी तत् वाद्य की श्रेणी में आते हैं।
89. निम्नलिखित में से कौनसा तत् वाद्य नहीं है -
Answer: अलगोजा एक सुषिर वाद्य (फूंक से बजने वाला) है, जबकि अन्य सभी तत् वाद्य (तार वाले) हैं।
90. उस कवयित्री का नाम जो कृष्ण को समर्पित थी और जिसे ‘वागड़ की मीरा’ के नाम से भी जाना जाता था -
Answer: डूंगरपुर की गवरी बाई अपनी कृष्ण भक्ति के लिए प्रसिद्ध थीं, जिसके कारण उन्हें 'वागड़ की मीरा' की उपाधि दी गई।
91. ऐसा लोकवाद्य जिसका निर्माण आधे कटे नारियल की कटोरी से होता है-
Answer: रावणहत्था का मुख्य भाग (खोल) आधे कटे हुए नारियल से बनाया जाता है।
92. निम्न में से कौन-सा वाद्य घन वाद्य नहीं है -
Answer: जंतर एक तत् (तार वाला) वाद्य है, जबकि झांझ, खड़ताल और मंजीरा घन (धातु से बने और टकराकर बजाए जाने वाले) वाद्य हैं।
93. ‘तारपी’ वाद्ययंत्र का प्रयोग मुख्यतः किस जाति के द्वारा किया जाता है -
Answer: तारपी एक सुषिर वाद्य है जिसे मुख्य रूप से कथौड़ी जनजाति के लोग बजाते हैं।
94. सारंगी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है -
Answer: यह कथन गलत है। सिंधी सारंगी, सारंगी के अन्य प्रकारों की तुलना में अधिक जटिल होती है और इसमें तारों की संख्या अक्सर अधिक होती है।
95. ‘जला’ गीत स्त्रियों द्वारा कब गाया जाता है -
Answer: यह गीत वधू पक्ष की महिलाओं द्वारा तब गाया जाता है जब वे दूल्हे की बारात के ठहरने का स्थान (डेरा) देखने जाती हैं।
96. पटेल्या, लालर, मूमल, बिछियो हैं –
Answer: ये सभी राजस्थान के प्रसिद्ध लोकगीतों के नाम हैं।
97. निम्नलिखित में से कौन सा वाद्य यंत्र पुंगी का परिष्कृत रूप है, जिसमें नलीदार तुम्बी के नीचे चौड़े भाग में दो बांस की नालियाँ फंसाई जाती हैं -
Answer: मुरला या मुरली, जिसे लंगा जाति के लोग बजाते हैं, पंगी का ही एक उन्नत और सुरीला रूप है।
98. ‘राजस्थान कबीर यात्रा’ का संबंध निम्नलिखित में से किस क्षेत्र से है -
Answer: राजस्थान कबीर यात्रा एक घूमता-फिरता संगीत समारोह है जिसमें लोक कलाकार कबीर और अन्य संतों के पदों का गायन करते हैं।
99. निम्नलिखित में से कौन सा वाद्य यंत्र अष्टभुजाकार है और होली के अवसर पर डंडे पर कपड़ा लपेटकर बजाया जाता है -
Answer: घेरा एक अष्टभुजाकार लकड़ी के फ्रेम पर बना चंग जैसा वाद्य है जिसे होली पर बजाया जाता है।
100. पाबूजी की फड़ में भोपा द्वारा प्रयोग किया जाने वाला लोकवाद्य है -
Answer: पाबूजी के भोपे उनकी फड़ का वाचन करते समय रावणहत्था बजाते हैं।