राजपूत युग
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महाजनपद काल में राजस्थान
मेवाड़ का गुहिल वंश
राजपूत युग
राजस्थान का एकीकरण
राजस्थान की मध्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था
राजस्थान की रियासतें एवं ब्रिटिश संधियाँ
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राजस्थान में 1857 की क्रांति
राठौड़ वंश
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गठित संगठन
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QUESTION 11
निम्न में से कौन से वंश की उत्पत्ति अग्निकुंड से नहीं हुई -
Answer: अग्निकुंड की अवधारणा के अनुसार, चार राजपूत वंशों - परमार, प्रतिहार, चौहान और चालुक्य (सोलंकी) की उत्पत्ति यज्ञ की अग्नि से हुई थी। सिसोदिया वंश स्वयं को सूर्यवंशी मानता है, न कि अग्निवंशी।
QUESTION 12
‘पृथ्वीराज रासो’ ग्रंथ में राजपूतों की उत्पत्ति बताई गई है -
Answer: चंदबरदाई द्वारा रचित 'पृथ्वीराज रासो' में यह वर्णन है कि गुरु वशिष्ठ ने आबू पर्वत पर एक यज्ञ किया था, जिसकी अग्नि से चार राजपूत वंशों (प्रतिहार, परमार, चालुक्य और चौहान) का उदय हुआ।
QUESTION 13
निम्नलिखित में किसने राजपूतों की उत्पत्ति विदेशी जातियों से बताई -
Answer: कर्नल टॉड, विलियम क्रुक और डॉ. डी. आर. भंडारकर, इन सभी इतिहासकारों ने यह मत दिया कि राजपूतों की उत्पत्ति विदेशी जातियों (जैसे शक, हूण, कुषाण) से हुई थी जो भारत आकर बस गए थे।
QUESTION 14
निम्न में से किस इतिहासकार ने राजपूतों को शक अथवा सिथियन जाति के वंशज माना है -
Answer: कर्नल जेम्स टॉड इस सिद्धांत के मुख्य प्रतिपादक थे। उनका मानना था कि राजपूत प्राचीन काल में भारत पर आक्रमण करने वाली सिथियन (शक) जनजातियों के वंशज हैं।
QUESTION 15
इतिहासकार आर. सी मजूमदार के अनुसार गुर्जर प्रतिहारों ने कितनी शताब्दी तक अरब आक्रमणकारियों के लिए बाधक का काम किया-
Answer: इतिहासकार आर. सी. मजूमदार का मानना है कि गुर्जर-प्रतिहार शासकों ने अपनी शक्ति से लगभग छठी से बारहवीं शताब्दी तक अरब आक्रमणकारियों को भारत में आगे बढ़ने से रोके रखा और एक मजबूत बाधा के रूप में काम किया।
QUESTION 16
गुर्जर-प्रतिहार शासक इस नाम से भी जाने जाते हैं -
Answer: पृथ्वीराज रासो में वर्णित अग्निकुंड की कथा के अनुसार, गुर्जर-प्रतिहार उन चार राजपूत वंशों में से एक थे जिनकी उत्पत्ति गुरु वशिष्ठ के यज्ञ-कुंड से हुई थी। इसलिए उन्हें अग्निकुंड राजपूत भी कहा जाता है।
QUESTION 17
किस इतिहासकार ने चौहानों को ब्राह्मण वंश से उत्पन्न होना माना है -
Answer: डॉ. डी. आर. भंडारकर ने बिजौलिया शिलालेख जैसे अभिलेखों के आधार पर यह मत दिया कि चौहानों की उत्पत्ति ब्राह्मण वंश से हुई थी, क्योंकि शिलालेख में उन्हें 'वत्स गोत्र' का 'विप्र' (ब्राह्मण) बताया गया है।
QUESTION 18
भारतीय इतिहास में राजपूत वंशों का प्रभुत्व _____ तक की अवधि के दौरान था।
Answer: सम्राट हर्षवर्धन की मृत्यु के बाद और दिल्ली सल्तनत की स्थापना से पहले, यानी लगभग 8वीं से 12वीं शताब्दी तक, उत्तर भारत की राजनीति में राजपूत वंशों का वर्चस्व था।
QUESTION 19
नैणसी री ख्यात में गुहिलों की कितनी शाखाओं का उल्लेख मिलता है -
Answer: 17वीं शताब्दी के इतिहासकार मुहणोत नैणसी ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ 'नैणसी री ख्यात' में मेवाड़ के गुहिल राजवंश की कुल 24 शाखाओं का वर्णन किया है।
QUESTION 20
इतिहासकार आर. सी. मजूमदार के अनुसार गुर्जर प्रतिहारों ने कितनी शताब्दी तक अरब आक्रमणकारियों के लिए बाधक का काम किया -
Answer: इतिहासकार आर. सी. मजूमदार ने इस बात पर जोर दिया है कि गुर्जर-प्रतिहारों ने छठी से बारहवीं शताब्दी तक सिंध से आगे अरबों के विस्तार को सफलतापूर्वक रोका, जिससे वे भारतीय सीमा के रक्षक बने।