राजपूत युग
TOPICS ▾
आमेर का कछवाहा वंश
किसान एवं आदिवासी आन्दोलन
गुर्जर प्रतिहार वंश
चौहान वंश
प्रजामंडल आंदोलन
ब्रिटिश शासन के दौरान प्रेस और पत्रकारिता
महाजनपद काल में राजस्थान
मेवाड़ का गुहिल वंश
राजपूत युग
राजस्थान का एकीकरण
राजस्थान की मध्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था
राजस्थान की रियासतें एवं ब्रिटिश संधियाँ
राजस्थान के अन्य राजवंश
राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
राजस्थान में 1857 की क्रांति
राठौड़ वंश
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गठित संगठन
SORT BY ▾
QUESTION 31
गौरी शंकर ओझा और मुहणोत नैंसी के अनुसार गोहिल वंश थे
Answer: इतिहासकार गौरीशंकर ओझा और मुहणोत नैणसी, दोनों ने मेवाड़ के गुहिल (गोहिल) वंश को सूर्यवंशी माना है, अर्थात् उनकी उत्पत्ति सूर्य देव से बताई है।
QUESTION 32
नागर ब्राह्मणों से राजपूतों की उत्पत्ति का सिद्धांत किसने प्रतिपादित किया -
Answer: डॉ. डी.आर. भंडारकर ने कुछ शिलालेखों की अपनी व्याख्या के आधार पर यह सिद्धांत दिया कि कुछ राजपूत वंश, विशेष रूप से गुहिल, मूल रूप से नागर ब्राह्मण थे।
QUESTION 33
गुरू विशिष्ठ ने राजपूतों की उत्पत्ति के लिए यज्ञ का आयोजन कहां किया था -
Answer: प्रचलित अग्निकुंड कथा के अनुसार, राक्षसों का संहार करने के लिए योद्धाओं को उत्पन्न करने हेतु गुरु वशिष्ठ ने माउंट आबू पर एक विशाल यज्ञ का आयोजन किया था।
QUESTION 34
अग्निकुण्ड के सिद्धान्त के अनुसार उत्पन्न अन्तिम व चौथा वीर राजपूत योद्धा कौनसा था -
Answer: अग्निकुंड की कथा के अनुसार, यज्ञ से उत्पन्न पहले तीन वंश राक्षसों को हराने में असफल रहे। तब चौथे और सबसे शक्तिशाली योद्धा के रूप में चौहानों की उत्पत्ति हुई, जिन्होंने राक्षसों का संहार किया।