भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन: उदारवादी चरण
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भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन: उदारवादी चरण
सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन
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111. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ इंडियन एसोसिएशन का विलय कब हुआ था ?
Answer: 1885 में अपने स्वयं के राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन के बाद, सुरेन्द्रनाथ बनर्जी के नेतृत्व वाला इंडियन एसोसिएशन 1886 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में विलीन हो गया।
112. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- 1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन कलकत्ता में हुआ 2. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दूसरा अधिवेशन दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में हुआ 3. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तथा मुस्लिम लीग, दोनों ने लखनऊ में 1916 में अधिवेशन किया तथा लखनऊ समझौता संपन्न हुआ उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं?
Answer: पहला कथन गलत है (पहला अधिवेशन बंबई में हुआ था)। दूसरा और तीसरा कथन सही हैं।
113. भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के 1905-1917 की अवधि को कहा जाता है—
Answer: यह अवधि बंगाल विभाजन के बाद शुरू हुई और इसमें बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल जैसे उग्रवादी (गरमपंथी) नेताओं का प्रभुत्व था।
114. निम्नलिखित में किसने एक सार्वजनिक भाषण में राष्ट्रीय कांग्रेस पर हमला किया तथा उसे 'जनता के एक बहुत सूक्ष्म भाग' (Microscopic Minority) का प्रतिनिधि बताकर उसकी हँसी उड़ाई?
Answer: वायसराय लॉर्ड डफरिन ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को महत्वहीन बताते हुए उसे 'सूक्ष्म अल्पसंख्यक' कहकर उसका उपहास किया था।
115. निम्नलिखित में से किसे भारतीय 'अशांति के जनक' के रूप में जाना जाता है?
Answer: ब्रिटिश पत्रकार वेलेंटाइन शिरोल ने बाल गंगाधर तिलक को उनके उग्र राष्ट्रवादी विचारों और ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनता को संगठित करने के कारण 'भारतीय अशांति का जनक' कहा था।
116. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन लगभग आखिरी समय पर पूना से बंबई स्थानांतरित किया गया, क्योंकि-
Answer: कांग्रेस का पहला अधिवेशन मूल रूप से पूना में होने वाला था, लेकिन शहर में हैजा फैलने के कारण इसे अंतिम समय में बंबई स्थानांतरित करना पड़ा।
117. निम्नलिखित भारतीय नेताओं में से कौन एक ब्रिटिश द्वारा इंडियन सिविल सर्विस से बर्खास्त किया गया था?
Answer: सुरेन्द्रनाथ बनर्जी को 1874 में एक मामूली न्यायिक त्रुटि के आधार पर भारतीय सिविल सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था, जिसे व्यापक रूप से एक भेदभावपूर्ण कार्रवाई माना गया।
118. उदारवादियों की कार्यपद्धति के साधन थे
Answer: उदारवादी (नरमपंथी) नेता ब्रिटिश सरकार के समक्ष अपनी मांगों को रखने के लिए संवैधानिक तरीकों जैसे प्रार्थना, याचिका और शांतिपूर्ण विरोध का उपयोग करते थे।
119. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- दादा भाई नौरोजी 1. तीन बार राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए 2. 'पावर्टी एण्ड अनब्रिटिश रूल इन इंडिया' (Poverty and Un-British Rule in India) नामक पुस्तक की रचना की। 3. 'नेशनल सोशल कांफ्रेंस' की स्थापना की इन कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Answer: दादाभाई नौरोजी तीन बार कांग्रेस अध्यक्ष बने और उन्होंने 'पॉवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया' लिखी। नेशनल सोशल कॉन्फ्रेंस की स्थापना एम. जी. रानाडे और रघुनाथ राव ने की थी।
120. 'पंजाब केसरी' का खिताब किसको दिया गया था ?
Answer: लाला लाजपत राय को उनकी निडरता और पंजाब में राष्ट्रवादी आंदोलन के नेतृत्व के लिए 'पंजाब केसरी' (पंजाब का शेर) की उपाधि दी गई थी।