भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन: उदारवादी चरण
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भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन: उदारवादी चरण
सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन
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101. भारतीय परिषद अधिनियम, 1909 का सर्वग्राह्य नाम है
Answer: 1909 के अधिनियम को आमतौर पर मॉर्ले-मिंटो सुधार के रूप में जाना जाता है, जो भारत के तत्कालीन राज्य सचिव जॉन मॉर्ले और वायसराय लॉर्ड मिंटो के नाम पर रखा गया था।
102. सांप्रदायिक निर्वाचन क्षेत्रों की पद्धति की शुरुआत भारत में किसके द्वारा हुई?
Answer: 1909 के मॉर्ले-मिंटो सुधारों ने पहली बार मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचक मंडल (सांप्रदायिक निर्वाचन क्षेत्र) की शुरुआत की, जिससे भारतीय राजनीति में सांप्रदायिकता का बीज बोया गया।
103. किस गवर्नर जनरल के कार्यकाल के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस बनी थी ?
Answer: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई थी, उस समय लॉर्ड डफरिन भारत के वायसराय थे।
104. निम्न में से कौन नरमपंथियों में नहीं थे ?
Answer: बाल गंगाधर तिलक गरमपंथी (उग्रवादी) दल के नेता थे, जबकि गोखले, दत्त और बनर्जी नरमपंथी (उदारवादी) थे।
105. सुरेन्द्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस ने कांग्रेस के जन्म के पहले किस राष्ट्रवादी पार्टी की स्थापना की, जो कांग्रेस के पूर्ववर्ती संगठनों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण थी ?
Answer: 1876 में स्थापित 'इंडियन एसोसिएशन ऑफ कलकत्ता' भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से पहले सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रवादी संगठनों में से एक था।
106. कांग्रेस की प्रार्थना और याचिका की नीति अंततोगत्वा समाप्त हो गई
Answer: बाल गंगाधर तिलक जैसे गरमपंथी नेताओं के उदय के साथ, कांग्रेस ने धीरे-धीरे केवल प्रार्थना और याचिका की नीति को त्याग दिया और अधिक प्रत्यक्ष कार्रवाई की ओर बढ़ी।
107. लैंड होल्डर्स सोसाइटी, कलकत्ता के संस्थापक थे
Answer: द्वारकानाथ टैगोर 1838 में कलकत्ता में स्थापित लैंड होल्डर्स सोसाइटी के प्रमुख संस्थापकों में से एक थे।
108. मॉर्ले-मिण्टो रिफॉर्स को किस वर्ष में प्रस्तुत किया गया था?
Answer: मॉर्ले-मिंटो सुधार, जिसे भारतीय परिषद अधिनियम भी कहा जाता है, 1909 में प्रस्तुत किया गया था।
109. 1915-16 में दो होमरुल लीग आरंभ की गई थी नेतृत्व में -
Answer: भारत में दो होमरूल लीग शुरू की गईं: एक अप्रैल 1916 में बाल गंगाधर तिलक द्वारा और दूसरी सितंबर 1916 में एनी बेसेंट द्वारा।
110. 1905 में बंगाल विभाजन किस वायसराय ने किया ?
Answer: भारत के वायसराय लॉर्ड कर्जन ने 1905 में बंगाल के विभाजन का आदेश दिया, जिससे व्यापक राजनीतिक अशांति फैल गई।
111. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ इंडियन एसोसिएशन का विलय कब हुआ था ?
Answer: 1885 में अपने स्वयं के राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन के बाद, सुरेन्द्रनाथ बनर्जी के नेतृत्व वाला इंडियन एसोसिएशन 1886 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में विलीन हो गया।
112. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- 1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन कलकत्ता में हुआ 2. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दूसरा अधिवेशन दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में हुआ 3. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तथा मुस्लिम लीग, दोनों ने लखनऊ में 1916 में अधिवेशन किया तथा लखनऊ समझौता संपन्न हुआ उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं?
Answer: पहला कथन गलत है (पहला अधिवेशन बंबई में हुआ था)। दूसरा और तीसरा कथन सही हैं।
113. भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के 1905-1917 की अवधि को कहा जाता है—
Answer: यह अवधि बंगाल विभाजन के बाद शुरू हुई और इसमें बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल जैसे उग्रवादी (गरमपंथी) नेताओं का प्रभुत्व था।
114. निम्नलिखित में किसने एक सार्वजनिक भाषण में राष्ट्रीय कांग्रेस पर हमला किया तथा उसे 'जनता के एक बहुत सूक्ष्म भाग' (Microscopic Minority) का प्रतिनिधि बताकर उसकी हँसी उड़ाई?
Answer: वायसराय लॉर्ड डफरिन ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को महत्वहीन बताते हुए उसे 'सूक्ष्म अल्पसंख्यक' कहकर उसका उपहास किया था।
115. निम्नलिखित में से किसे भारतीय 'अशांति के जनक' के रूप में जाना जाता है?
Answer: ब्रिटिश पत्रकार वेलेंटाइन शिरोल ने बाल गंगाधर तिलक को उनके उग्र राष्ट्रवादी विचारों और ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनता को संगठित करने के कारण 'भारतीय अशांति का जनक' कहा था।
116. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन लगभग आखिरी समय पर पूना से बंबई स्थानांतरित किया गया, क्योंकि-
Answer: कांग्रेस का पहला अधिवेशन मूल रूप से पूना में होने वाला था, लेकिन शहर में हैजा फैलने के कारण इसे अंतिम समय में बंबई स्थानांतरित करना पड़ा।
117. निम्नलिखित भारतीय नेताओं में से कौन एक ब्रिटिश द्वारा इंडियन सिविल सर्विस से बर्खास्त किया गया था?
Answer: सुरेन्द्रनाथ बनर्जी को 1874 में एक मामूली न्यायिक त्रुटि के आधार पर भारतीय सिविल सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था, जिसे व्यापक रूप से एक भेदभावपूर्ण कार्रवाई माना गया।
118. उदारवादियों की कार्यपद्धति के साधन थे
Answer: उदारवादी (नरमपंथी) नेता ब्रिटिश सरकार के समक्ष अपनी मांगों को रखने के लिए संवैधानिक तरीकों जैसे प्रार्थना, याचिका और शांतिपूर्ण विरोध का उपयोग करते थे।
119. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- दादा भाई नौरोजी 1. तीन बार राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए 2. 'पावर्टी एण्ड अनब्रिटिश रूल इन इंडिया' (Poverty and Un-British Rule in India) नामक पुस्तक की रचना की। 3. 'नेशनल सोशल कांफ्रेंस' की स्थापना की इन कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Answer: दादाभाई नौरोजी तीन बार कांग्रेस अध्यक्ष बने और उन्होंने 'पॉवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया' लिखी। नेशनल सोशल कॉन्फ्रेंस की स्थापना एम. जी. रानाडे और रघुनाथ राव ने की थी।
120. 'पंजाब केसरी' का खिताब किसको दिया गया था ?
Answer: लाला लाजपत राय को उनकी निडरता और पंजाब में राष्ट्रवादी आंदोलन के नेतृत्व के लिए 'पंजाब केसरी' (पंजाब का शेर) की उपाधि दी गई थी।