अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र / पिछड़े वर्गों के संबंध में विशेष प्रावधान
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1. भारतीय संविधान के किस किस अनुच्छेद के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्यों को लोकसभा में आरक्षण प्रदान किया गया है ?
Answer: संविधान का अनुच्छेद 330 लोकसभा में अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटों के आरक्षण का प्रावधान करता है।
2. राज्य विधानसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं होने पर संबंधित राज्य का राज्यपाल संविधान के किस अनुच्छेद के तहत एक व्यक्ति को सदस्यता के लिए नामांकित कर सकता है ?
Answer: अनुच्छेद 333 के तहत यह प्रावधान था। नोट: 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा इस प्रावधान को जनवरी 2020 से समाप्त कर दिया गया है। अब राज्यपाल द्वारा आंग्ल-भारतीय सदस्य का मनोनयन नहीं किया जाता है।
3. भारतीय संविधान के किस भाग में अल्पसंख्यकों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है ?
Answer: संविधान के भाग III में मौलिक अधिकारों के अंतर्गत अनुच्छेद 29 और 30 विशेष रूप से भाषाई और धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रावधान करते हैं, जैसे कि अपनी संस्कृति का संरक्षण और शिक्षण संस्थानों की स्थापना।
4. संविधान की किस अनुसूची में असम, मेघालय, त्रिपुरा तथा मिजोरम राज्यों के अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में प्रावधान किया गया है ?
Answer: संविधान की छठी अनुसूची विशेष रूप से चार पूर्वोत्तर राज्यों - असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम - के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के लिए है, जिसमें स्वायत्त जिला परिषदों (Autonomous District Councils) के गठन का प्रावधान है।
5. पूर्वोत्तर भारत के किस राज्य में स्वायत्त जिले की व्यवस्था नहीं है ?
Answer: स्वायत्त जिलों की व्यवस्था छठी अनुसूची के तहत केवल असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में है। अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड जैसे राज्यों को पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत विशेष प्रावधान प्राप्त हैं, लेकिन वहां छठी अनुसूची वाले स्वायत्त जिले नहीं हैं।
6. वर्तमान समय में लोकसभा की 543 सीटों में से कितनी सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है ?
Answer: 2008 के परिसीमन के बाद, वर्तमान में लोकसभा की कुल 543 सीटों में से 84 सीटें अनुसूचित जाति (Scheduled Castes - SC) के लिए आरक्षित हैं।
7. लोकसभा के निर्वाचन क्षेत्रों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के प्रतिनिधियों के लिए सुरक्षित निर्वाचन क्षेत्र की भी व्यवस्था है | ऐसे निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या कितनी है ?
Answer: लोकसभा में अनुसूचित जाति (SC) के लिए 84 सीटें और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं। इस प्रकार, कुल आरक्षित सीटों की संख्या 131 (84 + 47) है।
8. लोकसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं होने पर संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति उस समुदाय के दो व्यक्तियों को सदस्यता के लिए नामांकित कर सकता है ?
Answer: अनुच्छेद 331 के तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार था। नोट: 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा लोकसभा में आंग्ल-भारतीय सदस्यों के मनोनयन के इस प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है।
9. संविधान के किस संशोधन द्वारा अनुसूचित जनजातियों के लिए एक पृथक राष्ट्रीय आयोग के गठन का प्रावधान किया गया है ?
Answer: 89वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 ने अनुच्छेद 338 में संशोधन किया और अनुच्छेद 338-A को जोड़कर अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए एक अलग राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना की।
10. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्यों के लिए विधानसभाओं में सीटें आरक्षित प्रदान की गई है ?
Answer: संविधान का अनुच्छेद 332 राज्यों की विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान करता है।
11. लोकसभा में सुरक्षित निर्वाचन क्षेत्र किससे संबंधित नहीं है ?
Answer: लोकसभा में सीटें केवल अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए आरक्षित हैं। अन्य पिछड़े वर्गों (OBC) के लिए लोकसभा में कोई राजनीतिक आरक्षण नहीं है।
12. संविधान के किस संशोधन द्वारा अनुच्छेद 338 में संशोधन करके अनुसूचित जाति तथा जनजाति आयोग के गठन के संबंध में प्रावधान किया गया था ?
Answer: 65वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1990 द्वारा अनुच्छेद 338 में संशोधन कर एक सदस्यीय आयोग के स्थान पर अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए एक बहु-सदस्यीय राष्ट्रीय आयोग की स्थापना की गई।
13. राज्य विधानसभाओं के कुल 4120 स्थानों में से कितने स्थान अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित है ?
Answer: निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, देश भर की राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों (SC) के लिए लगभग 614 और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए 554 सीटें आरक्षित हैं, जिनका कुल योग दिए गए विकल्पों में से 1109 के सबसे करीब है। (नोट: यह संख्या समय-समय पर थोड़ी बदल सकती है)।
14. मूल संविधान में संसद (लोकसभा) एवं विधानमंडल (विधानसभा) में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण के लिए निर्धारित 10 वर्ष को बढ़ाकर अब कितने वर्षों के लिए विस्तारित किया गया है ?
Answer: यह आरक्षण मूल रूप से 10 वर्षों (1960 तक) के लिए था। इसे हर 10 साल में बढ़ाया जाता रहा है। प्रश्न के अनुसार 60 वर्ष (2010 तक) सही है। नोट: नवीनतम 104वें संशोधन (2019) द्वारा इसे 80 वर्षों (2030 तक) के लिए बढ़ा दिया गया है।
15. किसी क्षेत्र को अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र घोषित करने का अधिकार किसे है ?
Answer: संविधान के अनुसार, भारत के राष्ट्रपति को किसी भी क्षेत्र को 'अनुसूचित क्षेत्र' घोषित करने और किसी भी जाति या जनजाति को 'अनुसूचित जाति/जनजाति' के रूप में अधिसूचित करने का अधिकार है।
16. संविधान की किस अनुसूची में अनुसूचित जाति और जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में प्रावधान किया गया है ?
Answer: पांचवीं अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम को छोड़कर अन्य राज्यों के अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है, जबकि छठी अनुसूची इन चार राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है।
17. संविधान की किस अनुसूची में असम, मेघालय, त्रिपुरा तथा मिजोरम राज्यों के अतिरिक्त अन्य राज्यों के अधीन आनेवाले अनुसूचित जाति और जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में प्रावधान किया गया है ?
Answer: संविधान की पांचवीं अनुसूची में असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम को छोड़कर, भारत के अन्य राज्यों में अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में प्रावधान हैं।
18. कौन व्यक्ति अनुसूचित जाति या जनजाति का सदस्य है, इसका निर्धारण करने का अधिकार किसको है ?
Answer: संविधान के अनुच्छेद 341 और 342 के तहत, संबंधित राज्य के राज्यपाल से परामर्श के बाद किसी भी जाति या जनजाति को अनुसूचित जाति/जनजाति के रूप में अधिसूचित करने का अंतिम अधिकार राष्ट्रपति के पास है।
19. संविधान में किन वर्गों के संबंध में विशेष प्रावधान किया गया है ?
Answer: भारतीय संविधान में अल्पसंख्यकों (अनु. 29, 30), अनुसूचित जातियों/जनजातियों (अनु. 330, 332) और आंग्ल-भारतीय समुदाय (अनु. 331, 333 - अब समाप्त) सहित इन सभी वर्गों के उत्थान और संरक्षण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
20. संविधान में किन वर्गों के संबंध में विशेष प्रावधान किया गया है ?
Answer: भारतीय संविधान में अल्पसंख्यकों (अनु. 29, 30), अनुसूचित जातियों/जनजातियों (अनु. 330, 332) और आंग्ल-भारतीय समुदाय (अनु. 331, 333 - अब समाप्त) सहित इन सभी वर्गों के उत्थान और संरक्षण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।