अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र / पिछड़े वर्गों के संबंध में विशेष प्रावधान
TOPICS ▾
अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र / पिछड़े वर्गों के संबंध में विशेष प्रावधान
आपात उपबन्ध
आयोग व परिषदें
उच्च न्यायालय
उपराष्ट्रपति
केंद्र-राज्य संबंध
जम्मू-कश्मीर के संबंध में विशेष प्रावधान
दल-बदल विरोधी कानून
नागरिकता
निर्वाचन आयोग
पंचायती राज व्यवस्था
पदाधिकारियों का अनुक्रम
प्रधानमंत्री
प्रमुख पदाधिकारीगण/उप-प्रधानमंत्री
प्रमुख पदाधिकारीगण/नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
प्रमुख पदाधिकारीगण/महान्यायवादी
प्रमुख पदाधिकारीगण/लोकसभा अध्यक्ष
भारत का संवैधानिक इतिहास
भारतीय राजनीति में दबाव समूह
भारतीय संसद
मुख्यमंत्री
मूल अधिकार
मूल कर्तव्य
राजनीतिक दल
राजभाषा
राज्य के नीति निर्देशक तत्व
राज्य सभा
राज्यपाल
राष्ट्रपति
लोकसभा
विधान परिषद
विधानसभा
संघ और उसके राज्य क्षेत्र
संघ राज्य क्षेत्रों का प्रशासन
संघीय मंत्रिपरिषद
संविधान की अनुसूचियां
संविधान की प्रस्तावना
संविधान की विशेषताएं
संविधान के अनुच्छेद
संविधान के भाग
संविधान के स्त्रोत
संविधान संशोधन
संविधान सभा
संसदीय समितियां
सर्वोच्च न्यायालय
SORT BY ▾
1. भारतीय संविधान के किस किस अनुच्छेद के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्यों को लोकसभा में आरक्षण प्रदान किया गया है ?
Answer: संविधान का अनुच्छेद 330 लोकसभा में अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटों के आरक्षण का प्रावधान करता है।
2. राज्य विधानसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं होने पर संबंधित राज्य का राज्यपाल संविधान के किस अनुच्छेद के तहत एक व्यक्ति को सदस्यता के लिए नामांकित कर सकता है ?
Answer: अनुच्छेद 333 के तहत यह प्रावधान था। नोट: 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा इस प्रावधान को जनवरी 2020 से समाप्त कर दिया गया है। अब राज्यपाल द्वारा आंग्ल-भारतीय सदस्य का मनोनयन नहीं किया जाता है।
3. भारतीय संविधान के किस भाग में अल्पसंख्यकों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है ?
Answer: संविधान के भाग III में मौलिक अधिकारों के अंतर्गत अनुच्छेद 29 और 30 विशेष रूप से भाषाई और धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रावधान करते हैं, जैसे कि अपनी संस्कृति का संरक्षण और शिक्षण संस्थानों की स्थापना।
4. संविधान की किस अनुसूची में असम, मेघालय, त्रिपुरा तथा मिजोरम राज्यों के अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के संबंध में प्रावधान किया गया है ?
Answer: संविधान की छठी अनुसूची विशेष रूप से चार पूर्वोत्तर राज्यों - असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम - के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के लिए है, जिसमें स्वायत्त जिला परिषदों (Autonomous District Councils) के गठन का प्रावधान है।
5. पूर्वोत्तर भारत के किस राज्य में स्वायत्त जिले की व्यवस्था नहीं है ?
Answer: स्वायत्त जिलों की व्यवस्था छठी अनुसूची के तहत केवल असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में है। अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड जैसे राज्यों को पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत विशेष प्रावधान प्राप्त हैं, लेकिन वहां छठी अनुसूची वाले स्वायत्त जिले नहीं हैं।
6. वर्तमान समय में लोकसभा की 543 सीटों में से कितनी सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है ?
Answer: 2008 के परिसीमन के बाद, वर्तमान में लोकसभा की कुल 543 सीटों में से 84 सीटें अनुसूचित जाति (Scheduled Castes - SC) के लिए आरक्षित हैं।
7. लोकसभा के निर्वाचन क्षेत्रों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के प्रतिनिधियों के लिए सुरक्षित निर्वाचन क्षेत्र की भी व्यवस्था है | ऐसे निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या कितनी है ?
Answer: लोकसभा में अनुसूचित जाति (SC) के लिए 84 सीटें और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं। इस प्रकार, कुल आरक्षित सीटों की संख्या 131 (84 + 47) है।
8. लोकसभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं होने पर संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राष्ट्रपति उस समुदाय के दो व्यक्तियों को सदस्यता के लिए नामांकित कर सकता है ?
Answer: अनुच्छेद 331 के तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार था। नोट: 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा लोकसभा में आंग्ल-भारतीय सदस्यों के मनोनयन के इस प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है।
9. संविधान के किस संशोधन द्वारा अनुसूचित जनजातियों के लिए एक पृथक राष्ट्रीय आयोग के गठन का प्रावधान किया गया है ?
Answer: 89वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 ने अनुच्छेद 338 में संशोधन किया और अनुच्छेद 338-A को जोड़कर अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए एक अलग राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना की।
10. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्यों के लिए विधानसभाओं में सीटें आरक्षित प्रदान की गई है ?
Answer: संविधान का अनुच्छेद 332 राज्यों की विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान करता है।