वैदिक काल एवं संस्कृति
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वैदिक काल एवं संस्कृति
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सिंधु घाटी सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता)
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81. निम्नलिखित में से कौन-सी एक ऋग्वैदिक आर्यों की लाक्षणिक विशेषता नहीं है?
Answer: यह कथन गलत है। ऋग्वैदिक आर्य लोहे से अपरिचित थे। लोहे का प्रयोग भारत में उत्तर-वैदिक काल (लगभग 1000 ईसा पूर्व के बाद) में शुरू हुआ।
82. 'सभा और समिति प्रजापति की दो पुत्रियाँ थी' का उल्लेख किस वेद में मिलता है ?
Answer: यह प्रसिद्ध कथन अथर्ववेद में मिलता है, जो सभा और समिति नामक राजनीतिक संस्थाओं के महत्व को दर्शाता है। इन्हें प्रजापति (सृष्टिकर्ता) की दो पुत्रियों के समान महत्वपूर्ण बताया गया है।
83. निम्नलिखित में कौन 'प्रस्थानत्रयी ' में शामिल नहीं है ?
Answer: वेदांत दर्शन में उपनिषद्, ब्रह्मसूत्र और भगवद्गीता को मिलाकर 'प्रस्थानत्रयी' कहा जाता है। ये मोक्ष के मार्ग के तीन स्तंभ माने जाते हैं। भागवत पुराण इसमें शामिल नहीं है।
84. 'आर्य' शब्द का शाब्दिक अर्थ है
Answer: संस्कृत भाषा में 'आर्य' शब्द का अर्थ होता है 'उत्तम', 'सभ्य', 'श्रेष्ठ' या 'कुलीन'। यह किसी नस्ल या जाति का वाचक नहीं है।
85. 800 ईसा पूर्व से 600 ईसा पूर्व का काल किस युग से जुड़ा है ?
Answer: यह काल उत्तर-वैदिक काल का अंतिम चरण है, जिसमें वेदों पर टीका के रूप में ब्राह्मण ग्रंथों की रचना प्रमुख रूप से हुई। इसलिए इसे 'ब्राह्मण युग' भी कहा जाता है।
86. किस वेद में सभा को 'नरिष्ट' अर्थात् सामूहिक वाद-विवाद या अनुल्लंघनीय कहा गया है?
Answer: अथर्ववेद में 'सभा' को 'नरिष्ट' कहा गया है, जिसका अर्थ है एक ऐसा स्थान जहाँ सामूहिक निर्णय लिया जाता है और जिसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता।
87. आर्य भारत में बाहर से आए और सर्वप्रथम बसे थे -
Answer: आर्यों का भारत में पहला निवास स्थान 'सप्तसैंधव' प्रदेश था, जो आधुनिक पंजाब और उसके आसपास का क्षेत्र है। ऋग्वेद में इस क्षेत्र की नदियों का प्रमुखता से वर्णन है।
88. ऋग्वेद में 'अघन्य' (वध योग्य नहीं) शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया था ?
Answer: ऋग्वेद में गाय को 'अघन्या' कहा गया है, जिसका अर्थ है 'जिसे मारा नहीं जाना चाहिए'। यह वैदिक समाज में गाय की आर्थिक और धार्मिक महत्ता को दर्शाता है।
89. कृष्ण भक्ति का प्रथम और प्रधान ग्रंथ है
Answer: श्रीमद्भगवद्गीता, जो महाभारत का एक हिस्सा है, कृष्ण भक्ति और कर्म, ज्ञान, और भक्ति योग का प्रमुख स्रोत है। इसे कृष्ण भक्ति का पहला और सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है।
90. कौन-से तीन वेद संयुक्त रूप से त्रयी' या 'वेदत्रयी' कहलाते हैं?
Answer: पहले तीन वेदों- ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद- को संयुक्त रूप से 'वेदत्रयी' कहा जाता है क्योंकि इनमें मुख्य रूप से यज्ञ और देवताओं की स्तुति का वर्णन है। अथर्ववेद को बाद में जोड़ा गया और इसमें लौकिक विषय भी शामिल हैं।