विजयनगर साम्राज्य एवं अन्य प्रांतीय राज्य
TOPICS ▾
उत्तर भारत: राजपूत काल
दक्षिण भारत: चोल साम्राज्य एवं अन्य
दिल्ली सल्तनत
भक्ति आंदोलन
भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन
मध्यकालीन भारत: विविध तथ्य (कला, साहित्य, प्रशासन)
मराठा साम्राज्य एवं संघ
मुगल साम्राज्य (मुगल काल)
विजयनगर साम्राज्य एवं अन्य प्रांतीय राज्य
सूफी आंदोलन
SORT BY ▾
21. कृष्णदेव राय ने ‘आमुक्तमाल्यद' (काव्य) की रचना किस भाषा में की ?
Answer: 'आमुक्तमाल्यद' तेलुगु साहित्य का एक महाकाव्य है जिसकी रचना स्वयं सम्राट कृष्णदेव राय ने की थी। यह उनकी साहित्यिक प्रतिभा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
22. प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल हम्पी किस जिले में स्थित है?
Answer: हम्पी, विजयनगर साम्राज्य की पूर्व राजधानी, वर्तमान में कर्नाटक राज्य के बेल्लारी जिले में स्थित है। (नोट: 2021 में, हम्पी विजयनगर नामक एक नए जिले का हिस्सा बन गया है, जो बेल्लारी से अलग होकर बना है।)
23. विजयनगर साम्राज्य में सैनिक विभाग किस नाम से जाना जाता था?
Answer: विजयनगर साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में, सैन्य विभाग को 'कदाचार' कहा जाता था और इसका प्रमुख 'दंडनायक' या 'सेनापति' होता था।
24. वैदिक ग्रंथों के प्रसिद्ध भाष्यकार सायण निम्न में से किस एक काल में सक्रिय थे ?
Answer: सायण और उनके भाई माधवाचार्य (विद्यारण्य), जो वेदों के महान भाष्यकार थे, विजयनगर साम्राज्य के संस्थापक हरिहर और बुक्का के गुरु और मंत्री थे।
25. किसका शासनकाल ‘तेलुगू साहित्य का क्लासिकी युग' माना जाता है ?
Answer: कृष्णदेव राय के शासनकाल को तेलुगु साहित्य का 'स्वर्ण युग' या 'क्लासिकी युग' माना जाता है। उनके दरबार में 'अष्टदिग्गज' नामक आठ महान कवि थे।
26. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए :सूची-I (राज्य)A. बरार B. अहमदनगर C. बीजापुर व गोलकुंडा D. बीदर सूची-II (राज्य का विलय)1. अहमदनगर 2. शाहजहां 3. औरंगजेब 4. बीजापुर
Answer: सही विलय क्रम है: बरार का विलय अहमदनगर में हुआ, अहमदनगर को शाहजहाँ ने मुगल साम्राज्य में मिलाया, बीजापुर और गोलकुंडा को औरंगजेब ने जीता, और बीदर का विलय बीजापुर में हुआ।
27. किस पुस्तक में कृष्णदेव राय अपनाये गये राजनीतिक-प्रशासनिक सिद्धांतों का वर्णन मिलता है ?
Answer: कृष्णदेव राय द्वारा रचित तेलुगु महाकाव्य 'आमुक्तमाल्यद' में न केवल एक काव्यात्मक कथा है, बल्कि इसमें शासन कला और राजनीतिक-प्रशासनिक सिद्धांतों पर भी विस्तृत चर्चा की गई है।
28. 'अठवण' का क्या मतलब है?
Answer: विजयनगर साम्राज्य की प्रशासनिक शब्दावली में, 'अठवण' या 'अथवन' का तात्पर्य भू-राजस्व विभाग से था, जो राज्य की आय का मुख्य स्रोत था।
29. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए :सूची-I A. भंडारवाद ग्राम भूमि B. मान्या भूमि C. अमरम भूमि D. रतकोडगे भूमि सूची-II 1. राज्य के सीधे नियन्त्रण वाले ग्रामों की भूमि 2. राज्य द्वारा कर-मुक्त की मान्यता प्राप्त भूमि 3. सैनिक व असैनिक अधिकारियों को उनकी सेवा के बदले में दी जाने वाली भूमि 4. युद्ध में शौर्य प्रदर्शित करनेवाले को दी जाने वाली भूमि
Answer: यह विजयनगर की भूमि वर्गीकरण प्रणाली का सही मिलान है: भंडारवाद (सीधे राज्य के नियंत्रण में), मान्या (कर-मुक्त), अमरम (सेवा के बदले), और रतकोडगे (वीरता के लिए)।
30. विजयनगर का अपने स्थापना से लेकर पतन तक किस राज्य के साथ संघर्ष चलता रहा?
Answer: विजयनगर साम्राज्य और उसके उत्तरी पड़ोसी बहमनी सल्तनत (और बाद में उसके उत्तराधिकारी राज्यों) के बीच रायचूर दोआब जैसे उपजाऊ क्षेत्रों पर नियंत्रण के लिए लगातार संघर्ष चलता रहा।
31. तेलुगू के 'कवित्रय' में शामिल नहीं था
Answer: नन्नय, तिक्कन और येर्राप्रगडा को संयुक्त रूप से 'कवित्रय' (कवियों की त्रिमूर्ति) कहा जाता है, जिन्होंने महाभारत का तेलुगु में अनुवाद किया। तिरुवल्लुवर एक महान तमिल कवि और दार्शनिक थे।
32. निम्नलिखित मुस्लिम शासकों में किस एक को उसकी धर्मनिरपेक्षता में आस्था के कारण उसकी मुस्लिम प्रजा 'जगदगुरु' कहकर पुकारती थी ?
Answer: बीजापुर के सुल्तान इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय को उसकी धार्मिक सहिष्णुता, हिंदुओं को उच्च पदों पर नियुक्त करने और संगीत तथा कला के संरक्षण के कारण 'जगद्गुरु बादशाह' की उपाधि दी गई थी।
33. 'वीर पंचाल' का अर्थ है
Answer: विजयनगर समाज में, 'वीर पंचाल' शब्द का प्रयोग दस्तकार या कारीगर समुदायों के लिए किया जाता था, जिसमें लोहार, बढ़ई, सुनार आदि शामिल थे।
34. विजयनगर-बहमनी संघर्ष का आरंभ किसके शासनकाल में आरंभ हुआ?
Answer: विजयनगर और बहमनी साम्राज्यों के बीच संघर्ष उनके संस्थापकों, हरिहर और बुक्का तथा अलाउद्दीन हसन बहमन शाह के समय से ही शुरू हो गया था।
35. विजयनगर के किस शासक ने वीदर के सुल्तान के रूप में महमूद शाह को पुनर्स्थापित करने के उपलक्ष्य में 'यवनराज्यस्थापनाचार्य' की उपाधि धारण की ?
Answer: कृष्णदेव राय ने बहमनी सल्तनत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किया और महमूद शाह को बीदर के सिंहासन पर फिर से स्थापित करने में मदद की, जिसके बाद उन्होंने 'यवन राज्य स्थापनाचार्य' (यवन राज्य के संस्थापक) की उपाधि धारण की।
36. इनमें से किसे 'आंध्रभोज' भी कहा जाता है?
Answer: कृष्णदेव राय को साहित्य, विशेषकर तेलुगु साहित्य के महान संरक्षक होने के कारण 'आंध्रभोज' की उपाधि दी गई थी, जो प्राचीन राजा भोज की साहित्यिक संरक्षण की परंपरा को दर्शाता है।
37. बीजापुर का गोल गुम्बज किसका मकबरा है ?
Answer: गोल गुम्बज बीजापुर के आदिल शाही वंश के सातवें सुल्तान मुहम्मद आदिल शाह का मकबरा है। यह अपने विशाल गुंबद और व्हिस्परिंग गैलरी के लिए प्रसिद्ध है।
38. कृष्णदेव राय किसके समकालीन थे ?
Answer: विजयनगर के शासक कृष्णदेव राय (शासनकाल 1509-1529) और मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर (शासनकाल 1526-1530) समकालीन थे। बाबर ने अपनी आत्मकथा 'बाबरनामा' में कृष्णदेव राय को एक शक्तिशाली शासक के रूप में उल्लेख किया है।
39. बहमनी साम्राज्य से सबसे अंत में कौन राज्य स्वतंत्र हुआ ?
Answer: बहमनी साम्राज्य के विघटन के बाद बनने वाले पांच राज्यों में से, बीदर में बरीद शाही वंश की स्थापना सबसे अंत में (लगभग 1528 में) हुई।
40. कृष्णदेव राय का राजकवि था
Answer: अल्लसानी पेद्दना, जो 'अष्टदिग्गज' में सबसे प्रमुख थे, कृष्णदेव राय के राजकवि थे। उन्हें 'आंध्रकवितापितामह' (आंध्र कविता के पितामह) के रूप में भी जाना जाता है।