Adyayan.com

राजस्थान का संगीत एवं लोकगीत

राजस्थान का संगीत एवं लोकगीत
TOPICS ▾
राजस्थान का संगीत एवं लोकगीत राजस्थान का साहित्य राजस्थान की चित्र शैलियाँ राजस्थान की प्रसिद्ध महिला व्यक्तित्व राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ राजस्थान की भाषा एवं बोलियाँ राजस्थान की शब्दावली राजस्थान की स्थापत्य कला राजस्थान की हस्तकला राजस्थान के आभूषण एवं वेशभूषा राजस्थान के क्षेत्रीय कार्यक्रम राजस्थान के त्यौहार राजस्थान के नृत्य राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय राजस्थान के प्रमुख स्थानों के उपनाम राजस्थान के मेले राजस्थान के रीति-रिवाज एवं प्रथाएँ राजस्थान के लोक देवता व देवियाँ राजस्थान के सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल
SORT BY ▾
1. प्रसिद्ध गीत “पधारो म्हारे देस” किस राग पर आधारित है? Jamadar Grade II 2025
  • A. (A) सोरठ
  • B. (B) मारू
  • C. (C) मांड
  • D. (D) परराज
  • E. (E) अनुत्तरित प्रश्न
Answer: राजस्थान का सुप्रसिद्ध लोकगीत पधारो म्हारे देस मांड (Mand) राग गायकी शैली पर आधारित है, जो राज्य की एक प्रमुख शास्त्रीय लोक गायन शैली है।
2. नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन (Assertion A) के रूप में लिखित है और दूसरा उसके कारण (Reason R) के रूप में। Jamadar Grade II 2025
कथन (Statements)
(a) (Assertion A) विवाह पश्चात दूल्हे और दुल्हन की प्रेम की आकांक्षा बन्ना-बन्नी गीतों में परिलक्षित होती है।
(b) (Reason R) रविन्द्रनाथ टैगोर ने लोक संगीत को संस्कृति की वह कला कहा है, जो एक मनोहर और आनंददायक संदेश वाहक है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:

  • A. A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है लेकिन R सही नहीं है।
  • D. A सही नहीं है लेकिन R सही है।
Answer: बन्ना-बन्नी राजस्थान के विवाह गीत हैं जो दूल्हे (बन्ना) और दुल्हन (बन्नी) के मध्य प्रेम और आकांक्षाओं को व्यक्त करते हैं, इसलिए अभिकथन (A) सही है। रविन्द्रनाथ टैगोर का लोक संगीत के संबंध में दिया गया कथन भी तथ्यात्मक रूप से सही है और लोक संस्कृति के महत्व को दर्शाता है। तथापि, टैगोर का सामान्य कथन बन्ना-बन्नी गीतों की विशिष्ट विषयवस्तु का प्रत्यक्ष कारण (Reason) नहीं है। इसलिए, दोनों कथन सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
3. मांड गायन में असाधारण योगदान के लिए निम्नलिखित में से किसे पद्मश्री से सम्मानित किया गया - Rajasthan Patwar Exam 2025 1st Shift
  • A.अल्लाह जिलाई बाई
  • C.राना बाई
  • B.मीरा बाई
  • D.गवरी देवी
Answer: अल्लाह जिलाई बाई बीकानेर की प्रसिद्ध मांड गायिका थीं। उन्हें 1982 में पद्मश्री और 2012 में मरणोपरांत 'राजस्थान रत्न' से सम्मानित किया गया। उन्होंने राजस्थान के प्रसिद्ध लोक गीत 'केसरिया बालम, आवो नी पधारो म्हारे देस' को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उन्हें 'मरु कोकिला' के नाम से भी जाना जाता है।
4. ख्याल शैली के गायक व रचनाकार मनरंग किस घराने के प्रवर्तक माने जाते हैं -
  • A. जयपुर घराना
  • B. मेवाती घराना
  • C. पटियाला घराना
  • D. आगरा घराना
Answer: मनरंग (भूपत खां) को ख्याल गायकी की 'जयपुर घराना' शैली का संस्थापक माना जाता है।
5. निम्नलिखित में से कौन सा तत् वाद्य नहीं है-
  • A. रावणहत्था
  • B. कामायचा
  • C. अलगोजा
  • D. जन्तर
Answer: अलगोजा एक सुषिर (फूंक मारकर बजाया जाने वाला) वाद्य यंत्र है, जबकि रावणहत्था, कामायचा और जन्तर तार वाले (तत्) वाद्य यंत्र हैं।
6. निम्न में से कौन सा तत वाद्य नहीं है-
  • A. जन्तर
  • B. रवाज
  • C. सतारा
  • D. चौतारा
Answer: सतारा एक सुषिर (हवा से बजने वाला) वाद्य यंत्र है। जन्तर, रवाज और चौतारा, ये सभी तार वाले (तत्) वाद्य यंत्र हैं।
7. निम्नलिखित में से कौन-सा वाद्य यंत्र बांसुरी की तरह होता है?
  • A. अलगोजा
  • B. भपंग
  • C. रावणहत्था
  • D. तंदूरा
Answer: अलगोजा दो बांसुरियों का एक संयोजन होता है, जिसे एक साथ मुंह में रखकर बजाया जाता है, इसलिए यह बांसुरी की तरह का वाद्य यंत्र है।
8. सपेरों का कोन सा लोक वाद्य प्रसिद्ध है-
  • A. बांसुरी
  • B. शहनाई
  • C. मंजीरा
  • D. पूंगी
Answer: पंगी (या बीन) पारंपरिक रूप से सपेरों द्वारा सांपों को मोहित करने के लिए बजाया जाने वाला प्रसिद्ध वाद्य यंत्र है।
9. मांड गायिकी से सम्बन्धित गायक/गायिका निम्नलिखित में से कौन है -
  • A. अल्लाह जिला बाई
  • B. हुमा कुरेशी
  • C. ईला अरूण
  • D. उषा चैहान
Answer: अल्लाह जिलाई बाई राजस्थान की एक विश्व प्रसिद्ध मांड गायिका थीं, जिन्हें 'मरु कोकिला' भी कहा जाता है।
10. प्रसिद्ध राजस्थानी लोकगीत ‘पाथल और पीथल’ के रचयिता हैं –
  • A. सत्यप्रकाश जोशी
  • B. चन्द्रप्रकाश देवल
  • C. विजयदान देथा
  • D. कन्हैयालाल सेठिया
Answer: ‘पाथल और पीथल’ महाराणा प्रताप और पृथ्वीराज राठौड़ पर आधारित एक प्रसिद्ध कविता है, जिसकी रचना कन्हैयालाल सेठिया ने की थी।