राजस्थान के लोक देवता व देवियाँ
TOPICS ▾
राजस्थान का संगीत एवं लोकगीत
राजस्थान का साहित्य
राजस्थान की चित्र शैलियाँ
राजस्थान की प्रसिद्ध महिला व्यक्तित्व
राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ
राजस्थान की भाषा एवं बोलियाँ
राजस्थान की शब्दावली
राजस्थान की स्थापत्य कला
राजस्थान की हस्तकला
राजस्थान के आभूषण एवं वेशभूषा
राजस्थान के क्षेत्रीय कार्यक्रम
राजस्थान के त्यौहार
राजस्थान के नृत्य
राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व
राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय
राजस्थान के प्रमुख स्थानों के उपनाम
राजस्थान के मेले
राजस्थान के रीति-रिवाज एवं प्रथाएँ
राजस्थान के लोक देवता व देवियाँ
राजस्थान के सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल
SORT BY ▾
1. सूची I को सूची II से सुमेलित करें। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें : Jamadar Grade II 2025
| सूची-I | सूची-II | ||
|---|---|---|---|
| (a) | गोगाजी | (i) | भीलवाड़ा |
| (b) | तेजाजी | (ii) | शीर्षमेड़ी |
| (c) | पाबूजी | (iii) | कोलू |
| (d) | देवनारायणजी | (iv) | खरनाल |
सही मिलान चुनें:
Answer: सही सुमेलन इस प्रकार है:
(a) गोगाजी - (ii) शीर्षमेड़ी (ददरेवा, चूरू)
(b) तेजाजी - (iv) खरनाल (नागौर)
(c) पाबूजी - (iii) कोलू (फलोदी)
(d) देवनारायणजी - (i) भीलवाड़ा (आसींद)
(a) गोगाजी - (ii) शीर्षमेड़ी (ददरेवा, चूरू)
(b) तेजाजी - (iv) खरनाल (नागौर)
(c) पाबूजी - (iii) कोलू (फलोदी)
(d) देवनारायणजी - (i) भीलवाड़ा (आसींद)
2. निम्नलिखित में से कौन पंच पीर में शामिल नहीं है - Rajasthan Patwar Exam 2025 1st Shift
Answer: राजस्थान के लोक साहित्य में 'पंच पीर' उन पाँच देवताओं को कहा जाता है जिन्हें हिंदू और मुस्लिम दोनों समान रूप से पूजते हैं। इनके नाम याद रखने का सूत्र है: 'पाबू, हड़बू, रामदे, मांगलिया मेहा। पांचूं पीर पधारज्यौ, गोगाजी जेहा।' अतः पंच पीर में 1. पाबूजी, 2. हड़बूजी, 3. रामदेवजी, 4. मेहाजी मांगलिया और 5. गोगाजी शामिल हैं। तेजाजी राजस्थान के बहुत बड़े लोक देवता हैं, लेकिन वे इन 'पंच पीरों' की सूची में शामिल नहीं हैं।
3. केला देवी के भक्तों द्वारा गाए जाने वाले ‘लांगुरिया’ गीत राजस्थान के किस क्षेत्र में लोकप्रिय है -नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें। Rajasthan Patwar Exam 2025 1st Shift
Answer: कैला देवी का मंदिर करौली जिले में त्रिकूट पर्वत पर स्थित है। इनके सम्मान में गाए जाने वाले प्रसिद्ध भक्ति गीतों को 'लांगुरिया' कहा जाता है। लांगुरिया शब्द 'हनुमान जी' के प्रतीक के रूप में माना जाता है, जिन्हें देवी का अनन्य भक्त माना जाता है। यहाँ लगने वाले लक्खी मेले में भक्त लांगुरिया गीत गाते हुए 'घुटकर' नृत्य भी करते हैं।
4. किस लोक देवता ने गायों की रक्षार्थ प्रत्यक्ष युद्ध नहीं किया -
Answer: गोगा जी, तेजाजी और पाबूजी, तीनों ने गायों की रक्षा के लिए युद्ध लड़े थे। रामदेव जी ने सामाजिक सुधार और सांप्रदायिक सद्भाव पर अधिक ध्यान केंद्रित किया, हालांकि वे भी गौरक्षक थे, उन्होंने इसके लिए सीधा युद्ध नहीं किया।
5. राजस्थान की एकमात्र देवी जिसकी खण्डित मूर्ति की पूजा की जाती है -
Answer: राजस्थान की एकमात्र देवी, शीतला माता की पूजा खंडित रूप में की जाती है। यह चेचक की देवी मानी जाती हैं और उनका मुख्य मंदिर चाकसू (जयपुर) में है।
6. ‘जाहरपीर’ के नाम से कौन से लोक देवता को जाना जाता है-
Answer: महमूद गजनवी से युद्ध करते समय गोगाजी की वीरता देखकर गजनवी ने उन्हें 'जाहरपीर' (साक्षात पीर या जीवित पीर) कहा था।
7. पाबूजी की फड़ सुनाते समय इस मुख्य वाद्य यंत्र का उपयोग होता है -
Answer: पाबूजी की फड़ का वाचन करते समय भोपा 'रावणहत्था' नामक वाद्य यंत्र का प्रयोग करते हैं। यह एक तार वाला वाद्य यंत्र है जो नारियल के खोल से बना होता है।
8. लांगुरिया नृत्य होते हैं -
Answer: लांगुरिया नृत्य और गीत कैला देवी के भक्तों द्वारा उनके मंदिर (करौली) में उनकी आराधना में किए जाते हैं।
9. निम्नलिखित में से गलत युग्म को चिन्हित कीजिए -
Answer: सकराय माता (शाकम्भरी माता) का मुख्य मंदिर झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी में है, न कि सीकर में। अन्य सभी युग्म सही हैं।
10. ‘भाथी खत्री’ किस लोक देवता को संदर्भित करता है -
Answer: कल्लाजी राठौड़ को 'भाथी खत्री' के रूप में भी जाना जाता है। वे चार हाथों वाले देवता, शेषनाग के अवतार और एक सिद्ध योगी के रूप में प्रसिद्ध हैं।