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- भारत की नदियाँ (Indian River System)
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भारत की नदियाँ (Indian River System)
भारत की नदियाँ देश की जीवनरेखा हैं, जो न केवल कृषि और अर्थव्यवस्था बल्कि हमारी संस्कृति का भी आधार हैं। भौगोलिक आधार पर भारत की नदियों को मुख्य रूप से दो भागों में बाँटा गया है: हिमालयी नदियाँ और प्रायद्वीपीय (दक्षिण भारत की) नदियाँ।

भारत की नदियाँ (Bharat Ki Nadiya) – सम्पूर्ण नोट्स
1. अपवाह तंत्र (Drainage System)
- Drainage Line (प्रवाह रेखा): किसी नदी के रेखीय स्वरूप को प्रवाह रेखा कहते हैं।
- Drainage Network (प्रवाह जाल): कई प्रवाह रेखाओं के योग को अपवाह जाल कहते हैं।
- Drainage System (अपवाह तंत्र): किसी क्षेत्र के जल को कौन सी नदियाँ बहाकर ले जाती हैं, उसे अपवाह तंत्र कहते हैं।
भारतीय अपवाह तंत्र का वर्गीकरण
समुद्र में जल विसर्जन के आधार पर:
- बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) का अपवाह तंत्र (77%): इसमें गंगा, ब्रह्मपुत्र, महानदी, कृष्णा, कावेरी आदि नदियाँ शामिल हैं।
- अरब सागर (Arabian Sea) का अपवाह तंत्र (23%): इसमें सिंधु, नर्मदा, ताप्ती, माही आदि नदियाँ शामिल हैं।
2. हिमालयी अपवाह तंत्र (Himalayan Drainage System)
इस क्षेत्र की नदियाँ बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि इन्हें वर्षा और बर्फ (ग्लेशियर) पिघलने दोनों से जल प्राप्त होता है। मैदानी भागों में ये नदियाँ विसर्पाकार (Meandering) मार्ग अपनाती हैं और अपना रास्ता बदलने (जैसे कोसी नदी) के लिए जानी जाती हैं।
(A) सिंधु नदी तंत्र (Indus River System)
- उद्गम (Origin): तिब्बत (चीन) में कैलाश पर्वत श्रेणी में ‘बोखर चू’ (Bokhar Chu) हिमनद के पास। ऊँचाई 4164 मीटर। तिब्बत में इसे ‘सिंगी खंबान’ या ‘शेर मुख’ कहते हैं।
- विस्तार: यह लद्दाख और जास्कर श्रेणियों के बीच बहती है। लद्दाख श्रेणी को काटती हुई गिलगित के पास एक गॉर्ज (Gorge) का निर्माण करती है।
- लंबाई: कुल लंबाई 2,880 किमी (भारत में 1,114 किमी)।
- सिंधु जल संधि (1960): इसके तहत भारत पूर्वी नदियों (व्यास, रावी, सतलज) का पानी उपयोग कर सकता है, जबकि पश्चिमी नदियों (सिंधु, चिनाब, झेलम) का नियंत्रण पाकिस्तान के पास है (भारत केवल 20% उपयोग कर सकता है)।
- सहायक नदियाँ:
- दाहिने तट पर: श्योक, गिलगित, काबुल, कुर्रम, गोमल।
- बाएँ तट पर (पंचनद): सतलज, व्यास, रावी, चिनाब, झेलम।
सिंधु की प्रमुख सहायक नदियाँ:
- झेलम (वितस्ता): उद्गम कश्मीर के बेरीनाग (शेषनाग) झरने से। वुलर झील से होकर बहती है। पाकिस्तान में चिनाब से मिलती है।
- चिनाब (अस्किनी): सिंधु की सबसे बड़ी सहायक नदी। हिमाचल प्रदेश के बारालाचा दर्रे के पास ‘चंद्रा’ और ‘भागा’ के मिलने से बनती है।
- रावी (इरावती/परुष्णी): हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे से निकलती है। चम्बा घाटी से बहती है।
- व्यास (विपाशा): रोहतांग दर्रे के पास व्यास कुंड से निकलती है। यह पूर्णतः भारत में बहती है और हरिके (पंजाब) में सतलज से मिल जाती है।
- सतलज: तिब्बत में मानसरोवर के पास ‘राकसताल’ झील से (तिब्बत में नाम: लांगचेन खंबान)। भारत में शिपकी-ला दर्रे से प्रवेश करती है।
(B) गंगा नदी तंत्र (Ganga River System)
- परिचय: भारत का सबसे बड़ा अपवाह तंत्र (26% हिस्सा)। भारत की सबसे लंबी नदी।
- लंबाई (2525 किमी): उत्तराखंड (310 किमी), उत्तर प्रदेश (1140 किमी), बिहार (455 किमी), पश्चिम बंगाल (520 किमी)।
- उद्गम: गंगोत्री हिमनद (उत्तरकाशी) से ‘भागीरथी’ के नाम से। देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलने के बाद ‘गंगा’ कहलाती है। हरिद्वार में मैदान में प्रवेश करती है।
- अंत: पश्चिम बंगाल में फरक्का बैराज पर दो भागों में बंटती है – हुगली (भारत) और पद्मा (बांग्लादेश)। अंत में मेघना बनकर बंगाल की खाड़ी में सुंदरवन डेल्टा बनाती है।
गंगा की सहायक नदियाँ:
- यमुना: सबसे लंबी सहायक (1376 किमी)। उद्गम: यमुनोत्री हिमनद (बंदरपूंछ)। प्रयागराज में गंगा से संगम। सहायक: चंबल, बेतवा, केन, हिंडन।
- रामगंगा: पौड़ी गढ़वाल (नैनीताल) से निकलती है। कन्नौज के पास गंगा में मिलती है।
- गोमती: उद्गम मैदानी भाग (पीलीभीत की गोमत ताल/फुल्हर झील) से। लखनऊ इसी के किनारे है।
- घाघरा (सरयू): मापचाचुंग हिमनद (तिब्बत) से। सहायक: शारदा, राप्ती।
- गंडक: नेपाल हिमालय (धौलागिरी व एवरेस्ट के बीच) से। सोनपुर (बिहार) के पास गंगा में।
- कोसी: उद्गम गोसाईथान चोटी (नेपाल)। इसे ‘बिहार का शोक’ (Sorrow of Bihar) कहते हैं।
- सोन: अमरकंटक पठार से निकलती है। पटना के पास गंगा में मिलती है।
- दामोदर: छोटानागपुर पठार (पलामू) से। हुगली की सहायक। इसे ‘बंगाल का शोक’ कहा जाता था।
नमामि गंगे परियोजना (Namami Gange)
- शुरुआत: जुलाई 2014 (प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में)।
- उद्देश्य: गंगा का संरक्षण और शुद्धि।
- बजट: 2021 तक 30 हजार करोड़ (लगभग)।
- अर्थ-गंगा (Arth-Ganga): 2019 में इसे आर्थिक गतिविधियों (Sustainable agriculture, river tourism) से जोड़ने का विचार किया गया।
(C) ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र (Brahmaputra River System)
- उद्गम: मानसरोवर झील (तिब्बत) के पास चेमायुंगडुंग हिमनद से।
- नाम: तिब्बत में ‘सांगपो’, अरुणाचल में ‘दिहांग’, असम में ‘ब्रह्मपुत्र’, बांग्लादेश में ‘जमुना’।
- विशेषता: असम घाटी में गुंफित जलमार्ग बनाती है। विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप ‘माजुली’ (Majuli) इसी नदी पर है।
- सहायक नदियाँ: सुबनसिरी, कामेंग, धनसिरी, मानस, तीस्ता, संकोश, लोहित, दिबांग।
- तीस्ता जल विवाद: भारत और बांग्लादेश के बीच (1983 से विवादित)।
3. प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र (Peninsular Drainage System)
यह हिमालयी तंत्र से प्राचीन है। नदियाँ मौसमी हैं और डेल्टा या एश्चुअरी (Estuary) बनाती हैं।
(A) अरब सागर में गिरने वाली (West Flowing)
- नर्मदा: अमरकंटक (MP) से। विंध्याचल व सतपुड़ा के बीच भ्रंश घाटी में बहती है। धुआंधार प्रपात (जबलपुर) बनाती है। डेल्टा नहीं बनाती।
- ताप्ती (तापी): मुलताई (बेतूल, MP) से। सतपुड़ा के दक्षिण में बहती है।
- माही: विंध्याचल पर्वत (MP) से। कर्क रेखा को दो बार काटती है। खंभात की खाड़ी में गिरती है।
- लूनी: अरावली (अजमेर) से। कच्छ के रण में विलुप्त (अंतः स्थलीय अपवाह)। इसे ‘लवणवारी’ कहते हैं।
(B) बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली (East Flowing)
- महानदी: सिहावा (रायपुर, छत्तीसगढ़) से। हीराकुंड बांध (विश्व का सबसे लंबा) इसी पर है।
- गोदावरी: नासिक (त्र्यंबकेश्वर) से। प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी (1465 किमी)। इसे ‘दक्षिण गंगा’ या ‘वृद्ध गंगा’ कहते हैं।
- कृष्णा: महाबलेश्वर (महाराष्ट्र) से। दूसरी सबसे लंबी प्रायद्वीपीय नदी (1400 किमी)। नागार्जुन सागर बांध इसी पर है।
- कावेरी: ब्रह्मगिरी (कर्नाटक) से। ‘दक्षिण भारत की गंगा’। शिवसमुद्रम प्रपात बनाती है।
4. भारत की प्रमुख नदियाँ: उद्गम, सहायक नदियाँ और परियोजनाएं (Detailed Table)
| नदी (River) | उद्गम (Origin) | संगम/मुहाना | सहायक नदियाँ (Tributaries) | परियोजना/शहर/विशेष |
|---|---|---|---|---|
| सिंधु | मानसरोवर (बोखर चू) | अरब सागर | श्योक, गिलगित, सतलज, व्यास, रावी, चिनाब, झेलम | लेह शहर। सिंधु जल संधि। |
| झेलम | बेरीनाग (कश्मीर) | चिनाब में | किशनगंगा | श्रीनगर। तुलबुल और उरी परियोजना। |
| चिनाब | बारालाचा दर्रा (HP) | सिंधु में | चंद्रा, भागा | बगलिहार, सलाल, दुल्हस्ती परियोजना। |
| रावी | रोहतांग दर्रा (HP) | चिनाब में | – | लाहौर (पाक), चम्बा। थीन बांध (रणजीत सागर)। |
| व्यास | व्यास कुंड (HP) | सतलज में (हरिके) | – | पोंग बांध। मनाली, कुल्लू। |
| सतलज | राकसताल (तिब्बत) | चिनाब में | स्पीति | भाखड़ा नांगल, नाथपा झाकरी बांध। लुधियाना, फिरोजपुर। |
| गंगा | गंगोत्री (UK) | बंगाल की खाड़ी | यमुना, सोन, रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, कोसी | हरिद्वार, कानपुर, पटना, वाराणसी। फरक्का बैराज। |
| यमुना | यमुनोत्री (बंदरपूंछ) | प्रयागराज (गंगा में) | चंबल, बेतवा, केन, हिंडन | दिल्ली, आगरा, मथुरा। लखवार-व्यासी बांध। |
| चंबल | जानापाव पहाड़ी (MP) | यमुना (इटावा) | बनास, कालीसिंध, पार्वती, क्षिप्रा | कोटा। गांधी सागर, राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर बांध। |
| घाघरा | मापचाचुंग (तिब्बत) | गंगा (छपरा) | शारदा, राप्ती | अयोध्या (सरयू किनारे)। |
| कोसी | गोसाईथान (नेपाल) | गंगा (भागलपुर) | अरुण, सुनकोसी | ‘बिहार का शोक’। सप्तकोसी। |
| दामोदर | छोटानागपुर पठार | हुगली | बराकर, कोनार | पंचेत, तिलैया बांध। दुर्गापुर, धनबाद। |
| ब्रह्मपुत्र | चेमायुंगडुंग (तिब्बत) | पद्मा (गंगा) | सुबनसिरी, तीस्ता, मानस, लोहित | गुवाहाटी, डिब्रूगढ़। माजुली द्वीप। |
| महानदी | सिहावा (छत्तीसगढ़) | बंगाल की खाड़ी | शिवनाथ, जोंक, तेल | हीराकुंड बांध। कटक, संबलपुर। |
| गोदावरी | त्र्यंबकेश्वर (नासिक) | बंगाल की खाड़ी | वेनगंगा, पेनगंगा, इंद्रावती, मंजीरा | जायकवाड़ी, पोचमपाद परियोजना। नासिक, राजमुंद्री। |
| कृष्णा | महाबलेश्वर (MH) | बंगाल की खाड़ी | तुंगभद्रा, भीमा, कोयना, मूसी | नागार्जुन सागर, अलमाटी, श्रीशैलम बांध। विजयवाड़ा। |
| कावेरी | ब्रह्मगिरी (कर्नाटक) | बंगाल की खाड़ी | काबिनी, भवानी, अमरावती | शिवसमुद्रम, मेट्टूर बांध। तिरुचिरापल्ली। |
| नर्मदा | अमरकंटक (MP) | खंभात की खाड़ी | तवा, हिरन | सरदार सरोवर, इंदिरा सागर। जबलपुर, भरूच। |
| ताप्ती | मुलताई (MP) | खंभात की खाड़ी | पूर्णा | उकाई, काकरापार बांध। सूरत। |
5. नदियों के किनारे बसे प्रमुख नगर (Cities on River Banks)
- आगरा, दिल्ली, मथुरा: यमुना
- हरिद्वार, कानपुर, वाराणसी, पटना: गंगा
- कटक, संबलपुर: महानदी
- अहमदाबाद: साबरमती
- सूरत: ताप्ती
- अयोध्या: सरयू (घाघरा)
- लखनऊ, जौनपुर: गोमती
- लुधियाना, फिरोजपुर: सतलज
- डिब्रूगढ़, गुवाहाटी: ब्रह्मपुत्र
- जबलपुर, होशंगाबाद: नर्मदा
- कोटा: चंबल
- नासिक, राजमुंद्री: गोदावरी
- श्रीरंगपट्टनम: कावेरी
- उज्जैन: क्षिप्रा
- हैदराबाद: मूसी
- श्रीनगर: झेलम
- लेह: सिंधु
- बद्रीनाथ: अलकनंदा
- गोरखपुर: राप्ती
- विजयवाड़ा: कृष्णा
- पणजी: मांडवी
6. पंच प्रयाग और दोआब (Panch Prayag & Doabs)
उत्तराखंड के पंच प्रयाग
| विष्णु प्रयाग | अलकनंदा + धौलीगंगा |
| नंद प्रयाग | अलकनंदा + नंदाकिनी |
| कर्ण प्रयाग | अलकनंदा + पिंडर |
| रुद्र प्रयाग | अलकनंदा + मंदाकिनी |
| देव प्रयाग | अलकनंदा + भागीरथी (= गंगा) |
पंजाब के प्रमुख दोआब (Doabs)
| बिस्त (Bist) | व्यास और सतलज के बीच |
| बारी (Bari) | व्यास और रावी के बीच |
| रचना (Rechna) | रावी और चिनाब के बीच |
| छाज (Chaj) | चिनाब और झेलम के बीच |
| सिंध सागर | झेलम और सिंधु के बीच |
7. भारत के प्रमुख जलप्रपात (Waterfalls)
- कुंचिकल (Kunchikal): वराही नदी (कर्नाटक) – सबसे ऊँचा (455m)।
- जोग/गरसोप्पा (Jog): शरावती नदी (कर्नाटक)।
- शिवसमुद्रम: कावेरी नदी (कर्नाटक)।
- धुआंधार (Dhuandhar): नर्मदा नदी (जबलपुर, MP)।
- चित्रकोट (Chitrakote): इंद्रावती नदी (छत्तीसगढ़) – ‘भारत का नियाग्रा’।
- हुंडरू: स्वर्णरेखा नदी (झारखंड)।
- चूलिया: चंबल नदी (राजस्थान)।
- दूधसागर: मांडवी नदी (गोवा)।
8. भारत की प्रमुख झीलें (Lakes)
- वुलर झील (J&K): भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील।
- चिल्का झील (ओडिशा): भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून झील।
- सांभर झील (राजस्थान): अंतःस्थलीय सर्वाधिक लवणता वाली झील।
- वेम्बनाड झील (केरल): भारत की सबसे लंबी झील (लैगून)।
- लोकतक झील (मणिपुर): पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी झील (केयबुल लामजाओ पार्क)।
- लोनार झील (महाराष्ट्र): क्रेटर झील (उल्कापात से निर्मित)।
- पुलिकट झील: आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु सीमा पर।
- गोविंद बल्लभ पंत सागर: कृत्रिम झील (रिहंद बांध, UP)।
- चोलामु झील (सिक्किम): सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित।
- डल झील: श्रीनगर (J&K)।
अन्य महत्वपूर्ण बिंदु (Miscellaneous)
- विलुप्त सरस्वती नदी: शोध (2015) के अनुसार यह भूमि से 60 मीटर नीचे बहती है। इसे पुनर्जीवित करने का प्रयास 1987 में शुरू हुआ।
- नदी जोड़ो परियोजना: अमृत क्रांति (Amrit Kranti) नदियों को जोड़ने से संबंधित है। केन-बेतवा लिंक पहली परियोजना है।
- माजुली द्वीप: ब्रह्मपुत्र नदी पर असम में स्थित विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप। इसे जिला भी घोषित किया गया है।
- सुंदरवन डेल्टा: गंगा और ब्रह्मपुत्र द्वारा निर्मित विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा। सुंदरी वृक्ष के लिए प्रसिद्ध।
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