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भारत के भू-आकृतिक प्रदेश

पृथ्वी की उत्पत्ति (Origin Concept):

  • लगभग 60 करोड़ वर्ष पूर्व (प्री-कैम्बियन युग) में पृथ्वी के समस्त महाद्वीप संयुक्त रूप में थे जिसे पैंजिया (Pangea) कहा जाता था।
  • चारों ओर जलीय भाग था जिसे पैंथालासा (Panthalassa) कहा जाता था।
  • पैंजिया का विभाजन:
    • उत्तरी भाग (North Part): अंगारालैण्ड (Angaraland)
    • दक्षिणी भाग (South Part): गोण्डवानालैण्ड (Gondwanaland)
    • मध्य भाग: टेथिस सागर (Tethys Sea)
कालक्रम (Timeline):

1. Azoic (जीवन नहीं था)

2. Paleozoic (जीवन का आरंभ)

3. Mesozoic (मध्यजीवी)

4. Cenozoic (नवीन समय)

भारत को मुख्य रूप से 4 भू-आकृतिक प्रदेशों में विभक्त किया गया है:

  1. उत्तरी पर्वतीय प्रदेश (Northern Mountain Region)
  2. दक्षिणी प्रायद्वीपीय पठारी प्रदेश (Southern Peninsular Plateau)
  3. मध्यवर्ती विशाल मैदान (Mid Great Plain)
  4. तटीय मैदान व द्वीप समूह (Coastal Plains & Islands)
भारत के भू आकृतिक प्रदेश

क्षेत्र (Region)प्रतिशत (%)
पर्वत क्षेत्र (Mountains) – अधिक ऊँचाई10.6%
पहाड़ी क्षेत्र (Hills) – कम ऊँचाई18.5%
पठारी क्षेत्र (Plateaus)27.7%
मैदानी क्षेत्र (Plains)43.2%

1. उत्तरी पर्वतीय प्रदेश (Northern Mountain Region)

भारत के उत्तरी भाग में Tertiary Period (टर्शियरी काल) में निर्मित नवीन वलित पर्वत (New Folded Mountains) पाये जाते हैं। इसे निम्न भागों में बांटा गया है:

हिमालय का उत्तर से दक्षिण विभाजन

1. पार/ट्रांस हिमालय (Trans Himalaya)
2. महान/वृहत् हिमालय (Great Himalaya)
3. मध्य/लघु हिमालय (Middle Himalaya)
4. शिवालिक हिमालय (Shivalik)

(A) पार / ट्रांस हिमालय (Trans Himalaya)

इसे तिब्बती हिमालय या टेथिस हिमालय भी कहते हैं। इसमें वनस्पति (Vegetation) का अभाव होता है। इसमें 3 प्रमुख श्रेणियाँ हैं (उत्तर से दक्षिण):

(i) कराकोरम श्रेणी (Karakoram Range):

  • अन्य नाम: कृष्णगिरी / उच्च एशिया की रीढ़ (Backbone of High Asia)।
  • सबसे ऊंची चोटी: K2 (गाडविन ऑस्टिन) – 8611 मी. (PoK में स्थित, भारत की सबसे ऊंची चोटी)।
  • ग्लेशियर (Glaciers): सियाचिन (72 km – सबसे लंबा), हिस्पर, बियाफो, बाल्टोरो।
  • विशेष: श्योक नदी कराकोरम और लद्दाख श्रेणी के मध्य बहती है।
(ii) लद्दाख श्रेणी (Ladakh Range):

  • राकापोशी (Rakaposhi): विश्व की सर्वाधिक तीव्र ढाल वाली चोटी (7788 मी.)।
  • इसे ‘शीत मरुस्थल’ (Cold Desert) भी कहते हैं।
(iii) जास्कर श्रेणी (Zaskar Range):

  • सिंधु नदी लद्दाख और जास्कर श्रेणी के मध्य बहती है।
  • दर्रे: फोटो ला, जोजिला (श्रीनगर को लेह से जोड़ता है)।

(B) वृहत् / महान हिमालय (Great Himalaya)

  • विस्तार: नगा पर्वत (J&K/Ladakh) से नामचा बरवा (China/Arunachal border) तक।
  • आकार: सतत चापाकार (Arc shape), लंबाई: 2400-2500 km।
  • विश्व की सबसे ऊंची पर्वत श्रेणी (औसत ऊंचाई 6100 मी.)।

प्रमुख पर्वत चोटियाँ (Major Peaks):

चोटीऊंचाई (m)स्थितिविवरण
Mount Everest8848नेपालविश्व की सर्वोच्च चोटी। (नेपाली नाम: सागरमाथा, तिब्बती: चोमोलुग्मा)।
Kanchenjunga8598सिक्किमभारत में हिमालय की सबसे ऊंची चोटी। (विश्व की तीसरी)।
Makalu8481नेपाल
Dhaulagiri8172नेपाल
Nanga Parbat8126PoK/Ladakhहिमालय का पश्चिमी विस्तार।
Annapurna8078नेपाल
Nanda Devi7817Uttarakhandकुमाऊं हिमालय की सर्वोच्च चोटी।
Namcha Barwa7756China (Tibet)हिमालय का पूर्वी विस्तार।

(C) मध्य / लघु हिमालय (Middle Himalaya)

ऊंचाई: 3700-4500 मी.। इसमें प्रमुख श्रेणियाँ हैं: पीरपंजाल (J&K), धौलाधर (HP), नागटिब्बा (UK), महाभारत (नेपाल)।

प्रमुख घाटियाँ (Valleys):

  • कश्मीर घाटी: वृहत् और पीरपंजाल के मध्य। (करेवा मिट्टी – केसर/जाफरान के लिए प्रसिद्ध)।
  • कुल्लू-कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश।
  • काठमांडू घाटी: नेपाल।
घास के मैदान (Grasslands):

  • मर्ग: कश्मीर (उदा. सोनमर्ग, गुलमर्ग)।
  • बुग्याल/पयार: उत्तराखण्ड।

(D) शिवालिक हिमालय (Shivalik)

सबसे बाहरी और नवीनतम पर्वत श्रेणी। औसत ऊँचाई: 900-1200m.

  • मध्य हिमालय और शिवालिक के बीच की घाटियों को ‘दून’ (पश्चिम में, जैसे देहरादून) और ‘द्वार’ (पूर्व में, जैसे हरिद्वार) कहते हैं।

हिमालय का प्रादेशिक विभाजन (सिडनी बुराड द्वारा):

  1. पंजाब हिमालय: सिंधु और सतलज नदी के मध्य (560 km)।
  2. कुमाऊं हिमालय: सतलज और काली नदी के मध्य (320 km)। (नंदा देवी चोटी यहीं है)।
  3. नेपाल हिमालय: काली और तिस्ता नदी के मध्य (800 km)। (माउंट एवरेस्ट यहीं है)।
  4. असम हिमालय: तिस्ता और दिहांग (ब्रह्मपुत्र) नदी के मध्य (720 km)।

2. दक्षिणी प्रायद्वीपीय पठारी प्रदेश (Peninsular Plateau)

  • यह प्राचीनतम गोण्डवानालैण्ड का भाग है।
  • आकृति: त्रिभुजाकार (Triangular)
  • क्षेत्रफल: 16 लाख वर्ग किमी (सबसे बड़ा भौतिक प्रदेश)।

प्रमुख पठार (Major Plateaus)

(i) दक्कन का पठार (Deccan Plateau): महाराष्ट्र, गुजरात, MP, कर्नाटक में विस्तृत। बेसाल्ट लावा से निर्मित (काली मिट्टी/रेगुर – कपास के लिए उपयुक्त)।
(ii) छोटा नागपुर का पठार (Chota Nagpur Plateau): झारखंड, पश्चिम बंगाल।

“भारत का रूर प्रदेश” (Ruhr of India) – खनिजों का अजायबघर।

दामोदर नदी इसे दो भागों (हजारीबाग और रांची पठार) में बांटती है। (दामोदर: बंगाल का शोक)। पारसनाथ चोटी (1365m)।
(iii) मालवा का पठार: MP और राजस्थान (हाड़ौती) में विस्तृत। (काली मिट्टी का विस्तार)।
(iv) मेघालय का पठार: यह प्रायद्वीपीय पठार का ही हिस्सा है (गारो-खासी-जयंतिया पहाड़ियाँ)। इसे ‘शिलांग का पठार’ भी कहते हैं।
(v) अन्य: बुंदेलखंड (MP+UP), बघेलखंड, दण्डकारण्य (छत्तीसगढ़-बस्तर, ओडिशा, AP)।

प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ (Hill Ranges)

1. अरावली पर्वत श्रेणी:

विश्व की प्राचीनतम वलित पर्वतमाला (Pre-Cambrian)। पालनपुर (गुजरात) से दिल्ली तक (692 km)। सर्वोच्च शिखर: गुरुशिखर (1722m), माउंट आबू (राजस्थान)।

2. विंध्याचल श्रेणी:

उत्तर भारत को दक्षिण भारत से अलग करती है। चूना पत्थर के लिए प्रसिद्ध। (गुजरात से सासाराम, बिहार तक)।

3. सतपुड़ा श्रेणी:

ब्लॉक पर्वत (Block Mt.) का उदाहरण। नर्मदा और ताप्ती नदियों के मध्य स्थित।

  • भाग: राजपीपला, महादेव, मैकाल।
  • सर्वोच्च चोटी: धूपगढ़ (1350m) (महादेव पहाड़ी, पचमढ़ी MP)।
  • अमरकंटक चोटी (मैकाल श्रेणी) से नर्मदा और सोन नदियाँ निकलती हैं।

4. पश्चिमी घाट (Western Ghats / सह्याद्रि):

ताप्ती मुहाने से कन्याकुमारी तक (1600 km)।

  • उत्तरी सह्याद्रि: सर्वोच्च चोटी – कलसूबाई (1646m, MH)।
  • मध्य सह्याद्रि: महाबलेश्वर, कुद्रेमुख (लौह अयस्क)।
  • नीलगिरी पहाड़ियाँ: जहाँ पूर्वी और पश्चिमी घाट मिलते हैं। सर्वोच्च चोटी – डोडाबेट्टा (2637m)। (टोडा जनजाति)।
  • अन्नामलाई: दक्षिण भारत की सबसे ऊंची चोटी – अनाईमुड़ी (2695m)
  • इलायची (Cardamom) पहाड़ियाँ: सबसे दक्षिण में। (शेनकोट्टा दर्रा)।
प्रमुख दर्रे: थालघाट (मुंबई-नासिक), भोरघाट (मुंबई-पुणे), पालघाट (कोच्चि-कोयंबटूर)।

5. पूर्वी घाट (Eastern Ghats):

कटा-फटा पर्वत। सर्वोच्च चोटी: अरमाकोंडा / विशाखापत्तनम (1680m) और महेंद्रगिरी (1501m)। (भाग: नल्लामल्ला, वेलीकोंडा, पालकोंडा, जावादी, शेवराय)।

3. मध्यवर्ती विशाल मैदान (The Great Plains)

हिमालय और प्रायद्वीपीय पठार के मध्य स्थित। नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil) से निर्मित। भारत का अन्न भंडार।

संरचनात्मक विभाजन (Structural Division):

1. भाबर (Bhabar): शिवालिक के तलहटी में 8-16 km चौड़ी पट्टी। कंकड़-पत्थर युक्त। नदियाँ यहाँ विलुप्त हो जाती हैं। कृषि के लिए अयोग्य।
2. तराई (Tarai): भाबर के दक्षिण में। नदियाँ पुनः सतह पर आती हैं। दलदली क्षेत्र। गन्ना/चावल के लिए उपयुक्त।
3. बांगर (Bangar): पुरानी जलोढ़ मिट्टी। बाढ़ का पानी नहीं पहुँचता। (इसमें ‘रेह’ या ‘कल्लर’ भूमि पाई जाती है)।
4. खादर (Khadar): नवीन जलोढ़ मिट्टी। बाढ़ का पानी प्रतिवर्ष पहुँचता है। सर्वाधिक उपजाऊ।

प्रादेशिक विभाजन:

  • पंजाब का मैदान: सिंधु व सहायक नदियों द्वारा। दोआब क्षेत्र (बारी, बिस्त, रचना, चाज, सिंधु सागर)।
  • राजस्थान का मैदान: शुष्क/अर्धशुष्क।
  • गंगा का मैदान: UP, Bihar, WB। (सबसे बड़ा)।
  • असम (ब्रह्मपुत्र) का मैदान: माजुली द्वीप (विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप) स्थित है।

4. तटीय मैदान व द्वीप समूह (Coastal Plains & Islands)

(A) पश्चिमी तटीय मैदान

  • गुजरात तट: कच्छ/काठियावाड़।
  • कोंकण तट: दमन से गोवा (MH)।
  • कन्नड़/केनरा तट: गोवा से मंगलौर (कर्नाटक)।
  • मालाबार तट: मंगलौर से कन्याकुमारी (केरल)। (लैगून/कयाल – वेम्बनाड, अष्टमुडी झील)।

(B) पूर्वी तटीय मैदान

  • उत्कल तट: ओडिशा (महानदी डेल्टा)।
  • उत्तरी सरकार: ओडिशा से आंध्र प्रदेश (कृष्णा डेल्टा तक)।
  • कोरोमंडल तट: कृष्णा डेल्टा से कन्याकुमारी (TN)। (कावेरी डेल्टा – दक्षिण भारत का अन्न भंडार)।

द्वीप समूह (Islands)

(i) अण्डमान निकोबार (Andaman & Nicobar):

  • म्यांमार की अराकानयोमा श्रेणी का विस्तार।
  • भाग: उत्तरी अंडमान (सैडल पीक 738m), मध्य अंडमान (सबसे बड़ा), दक्षिणी अंडमान (पोर्ट ब्लेयर), छोटा अंडमान।
  • ज्वालामुखी: बैरन (सक्रिय), नारकोण्डम (प्रसुप्त)।
  • कार निकोबार & ग्रेट निकोबार: इंदिरा पॉइंट (पिग्मेलियन पॉइंट) ग्रेट निकोबार में।
  • चैनल: 10° चैनल (अंडमान व निकोबार के मध्य), डंकन पास (दक्षिणी व छोटा अंडमान के मध्य), ग्रेट चैनल (सुमात्रा व निकोबार)।
(ii) लक्षद्वीप (Lakshadweep):

  • अरब सागर में। प्रवाल (Coral/Atoll) निर्मित।
  • राजधानी: कवारती। सबसे बड़ा द्वीप: मिनिकाय (सांस्कृतिक दृष्टि से), एंड्रोट (क्षेत्रफल)।
  • चैनल: 8° चैनल (मालदीव – मिनिकाय), 9° चैनल (मिनिकाय – लक्षद्वीप)।
(iii) अन्य द्वीप:

  • श्रीहरिकोटा: आंध्र प्रदेश (पुलिकट झील)। सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र।
  • व्हीलर द्वीप (अब्दुल कलाम द्वीप): ओडिशा। मिसाइल परीक्षण।
  • पम्बन द्वीप (रामेश्वरम): भारत-श्रीलंका के मध्य। (रामसेतु/एडम्स ब्रिज)।
  • माजुली: असम (ब्रह्मपुत्र नदी)।
  • न्यू मूर द्वीप: भारत-बांग्लादेश सीमा (विवादित)।