
किशनगढ़ चित्रशैली (Kishangarh School of Art)
“बणी-ठणी” (Bani Thani)
- उपनाम: भारत की मोनालिसा (Monalisa of India) – एरिक डिकिंसन द्वारा कहा गया।
- चित्रकार (Artist): मोरध्वज निहालचंद (Mordhwaj Nihal Chand)।
- शासक (King): सावंत सिंह (नागरीदास) के समय चित्रित।
- मॉडल: विष्णुप्रिया (रसिक बिहारी) – जो राजा सावंत सिंह की प्रेयसी थीं।
विशेष तथ्य: 5 मई 1973 को भारत सरकार ने ‘बणी-ठणी’ पर 20 पैसे का डाक टिकट जारी किया था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Background)
किशनगढ़ शैली मारवाड़ स्कूल की एक उप-शैली है।
| विवरण | तथ्य |
|---|---|
| स्वर्ण काल (Golden Era) | राजा सावंत सिंह (1748-1764) |
| खोजकर्ता (Discoverer) | एरिक डिकिंसन (Eric Dickinson) और डॉ. फैयाज अली (1943 में) |
| प्रमुख विषय | राधा-कृष्ण का प्रेम (सावंत सिंह व बणी-ठणी के रूप में) |
| प्रधान रंग | श्वेत (White) और गुलाबी (Pink) |
बणी-ठणी चित्र की विशेषताएँ (Features of Bani Thani)
इस चित्र में नारी सौंदर्य का आदर्श रूप दिखाया गया है। इसे ‘भारतीय चित्रकला का सर्वश्रेष्ठ चित्र’ माना जाता है।
शारीरिक बनावट (Physical Features)
- नाक: लंबी और तीखी नाक (Long sharp nose)। नाक में ‘बेसरी’ (Besari) आभूषण।
- आंखें: खंजन पक्षी जैसी / कमल की कली जैसी (Lotus shaped eyes), धनुषाकार भौहें।
- चेहरा: लंबा चेहरा, नुकीली ठुड्डी (Pointed Chin)।
- गर्दन: सुराहीदार लंबी गर्दन।
वस्त्र और आभूषण (Attire)
- ओढ़नी: पारदर्शी (Transparent) ओढ़नी।
- हाथ: पतले और लंबी उंगलियां। बाएं हाथ में कमल की कलियां (Lotus buds) पकड़े हुए।
- मुद्रा: लजीली मुद्रा, एक हाथ से घूंघट पकड़े हुए।
किशनगढ़ शैली के अन्य प्रसिद्ध चित्र
- चांदनी रात की संगोष्ठी (Gosthi in Moonlight): यह चित्रकार अमरचंद द्वारा बनाया गया है। इसमें राजा और उनके दरबारी झील किनारे संगीत का आनंद लेते दिखाए गए हैं।
- नौका विहार (Boat Love): गुन्दोलाव झील में राधा-कृष्ण (सावंत सिंह-बणी ठणी) का चित्रण।
- दीपावली: नानकराम द्वारा चित्रित।
शैली के प्रमुख चित्रकार (Famous Painters):
निहालचंद (प्रमुख), अमरचंद, सीताराम, बदनसिंह, नानकराम, रामनाथ, सवाईराम, लाड़लीदास।
कांगड़ा शैली का प्रभाव (Influence)
किशनगढ़ शैली पर वल्लभ सम्प्रदाय (कृष्ण भक्ति) और कांगड़ा शैली (ब्रज साहित्य) का गहरा प्रभाव है।
- पृष्ठभूमि (Background) में केले के वृक्ष, कदम के वृक्ष और झीलों (हंस, बतख, सारस) का चित्रण बहुतायत से मिलता है।
- गुलाबी और सफेद रंगों का संयोजन (कांगड़ा प्रभाव)।