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- भारत के प्रमुख खनिज और उनके क्षेत्र (Major Minerals of India)
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भारत की वनस्पति (Natural Vegetation)
भारत की वनस्पति (Vegetation of India)
- प्राकृतिक वनस्पति (Natural Vegetation): वह पादप समुदाय जो बिना किसी बाह्य मानवीय हस्तक्षेप के किसी विशिष्ट क्षेत्र में उत्पन्न होता है तथा विकास करता है।
- वनावरण (Forest Cover): वन क्षेत्र में वृक्ष एवं झाड़ियों का सघन आवरण।
- वन क्षेत्र (Forest Area): सरकार द्वारा ‘वन’ के रूप में अधिसूचित (राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में) क्षेत्र।
- Tree Cover Area: एक हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल में वृक्षों एवं झाड़ियों का सघन आवरण।
वनों का वर्गीकरण (Classification of Forests)
(A) प्रशासनिक वर्गीकरण (Administrative Classification)
भारतीय वन अधिनियम के अनुसार वनों को 3 भागों में बांटा गया है:
| प्रकार | प्रतिशत | विवरण |
|---|---|---|
| 1. आरक्षित वन (Reserved) | 55% | लकड़ी काटने व पशुचारण पर पूर्ण प्रतिबंध। (सर्वाधिक सुरक्षित)। |
| 2. रक्षित वन (Protected) | 28% | सूखी लकड़ी काटने व सीमित पशुचारण की अनुमति दी जा सकती है। |
| 3. अवर्गीकृत वन (Unclassified) | 17% | लकड़ी काटने व पशुचारण पर कोई प्रतिबंध नहीं। |
(B) संविधान के अनुसार वर्गीकरण
- राज्य वन (State Forest): कुल वनों का 94%। (राज्य/केन्द्र सरकार का अधिकार)।
- सामुदायिक वन (Community Forest): कुल वनों का 5%। (स्थानीय निकाय – पंचायत, नगर पालिका का अधिकार)।
- निजी वन (Private Forest): कुल वनों का 1%। (व्यक्तिगत अधिकार)।
(C) भौगोलिक वर्गीकरण (Geographical Classification)
भारत में वनों का वितरण मुख्य रूप से जलवायु (वर्षा) पर निर्भर करता है।
1. उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन (Tropical Evergreen)
- दशाएँ: वर्षा > 200 cm, तापमान > 24°C, आर्द्रता > 70%।
- क्षेत्र: पश्चिमी घाट का पश्चिमी ढाल, उत्तर-पूर्वी भारत (असम, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड), अंडमान-निकोबार।
- विशेषता: वृक्ष वर्ष भर हरे-भरे। जैव विविधता सर्वाधिक। वृक्षों के साथ अधिपादप (Epiphytes) पाए जाते हैं।
- प्रमुख वृक्ष: रबर (Hevea Brasiliensis), आबनूस, महोगनी, रोजवुड, सिनकोना, बांस, बेंत।
- नोट: सिनकोना (कुनैन) का सबसे बड़ा निर्यातक देश इंडोनेशिया (जावा द्वीप) है।
2. उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन (Moist Deciduous)
- वर्षा: 100 – 200 cm। (इन्हें ‘मानसूनी वन’ भी कहते हैं)।
- विशेषता: शुष्क ऋतु में पत्तियां गिरा देते हैं।
- क्षेत्र: पश्चिमी घाट का पूर्वी ढाल, हिमालय का तराई प्रदेश, पूर्वी MP, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, बिहार।
- प्रमुख वृक्ष: सागवान (Teak), साल, शीशम, महुआ, चंदन, शहतूत, आंवला, जामुन।
- तथ्य:
- चंदन (Sandalwood): सर्वाधिक कर्नाटक व तमिलनाडु में।
- लाल चंदन (Red Sanders): आंध्र प्रदेश (शेषाचलम)।
- सागवान (Teak): सर्वाधिक MP और छत्तीसगढ़ में। (फर्नीचर के लिए)।
3. उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन (Dry Deciduous)
- वर्षा: 50 – 100 cm। (पतझड़ वन)।
- विशेषता: भारत में सर्वाधिक क्षेत्रफल पर विस्तृत वन।
- प्रमुख वृक्ष: पलास (ढाक/टेसू – जंगल की आग), आम, बरगद, पीपल, नीम, तेंदू (पत्ते से बीड़ी), अमलतास, खेर।
- वैज्ञानिक नाम: पलास – Butea Monosperma।
4. उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन (Thorn/Desert Forests)
- वर्षा: 50 cm से कम।
- क्षेत्र: थार का मरुस्थल (पश्चिमी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, गुजरात), दक्कन का वृष्टि छाया प्रदेश।
- विशेषता: मरुद्भिद (Xerophytes) वनस्पति। पत्तियां छोटी व कांटों में रूपांतरित, जड़ें गहरी।
- प्रमुख वृक्ष: खेजड़ी, बबूल, बेर, केर, नागफनी (Cactus), रोहिड़ा।
- घास: सेवण, धामण, करड़ (जैसलमेर की लाठी सीरीज़ में)।
5. ज्वारीय / मैंग्रोव वन (Tidal / Mangrove)
- अन्य नाम: अनूप, वेलांचली, डेल्टाई, कच्छ वनस्पति।
- वितरण: विश्व के कुल मैंग्रोव का 3.3% भारत में।
- राज्यवार: (1) पश्चिम बंगाल (सुंदरवन – सबसे बड़ा क्षेत्र), (2) गुजरात, (3) अंडमान निकोबार, (4) आंध्र प्रदेश, (5) ओडिशा।
- प्रमुख वृक्ष: सुंदरी (सुंदरवन डेल्टा), राइजोफोरा, केवड़ा, सोनेरेशिया।
- विशेषता: जड़ें श्वसन के लिए बाहर निकली होती हैं (न्यूमेटोफोर – Pneumatophores)।
6. पर्वतीय वन (Mountain Forests)
A. दक्षिण भारत के पर्वतीय वन:
- नीलगिरी, अन्नामलाई, पालनी पहाड़ियों पर (1000-1500m)।
- शोला वन (Sholas): दक्षिण भारत की पहाड़ियों पर पाए जाने वाले शीतोष्ण वनों को ‘शोला’ कहते हैं।
- वृक्ष: सिनकोना, लॉरेल, मैगनोलिया।
B. हिमालय के पर्वतीय वन (ऊंचाई के अनुसार):
- 1500m तक: उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती (साल, सागवान)।
- 1500 – 2500m: शीतोष्ण कटिबंधीय (ओक, चेस्टनट, देवदार, चीड़/Pine)।
- 2500 – 4500m: कोणधारी/शंकुधारी (Coniferous) – स्प्रूस, सिल्वर फर, ब्लूपाइन।
- 4500m से ऊपर: अल्पाइन वन (टुण्ड्रा) – काई (Moss), लाइकेन, जूनीपर।
चीड़ (Pine): इसके वृक्ष से ‘लीसा’ प्राप्त होता है (बिरोजा/तारपीन तेल निर्माण में)।
महत्वपूर्ण संगठन और नीतियां
- भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (BSI): स्थापना 13 Feb 1890। संस्थापक: सर जॉर्ज किंग। मुख्यालय: कोलकाता। (1954 में पुनर्गठन)। कार्य: दुर्लभ पादपों की सूची।
- वन नीति:
- प्रथम: 1894।
- स्वतंत्र भारत की प्रथम: 1952 (लक्ष्य: 33% भूभाग पर वन; पर्वतीय-60%, मैदानी-20%)।
- संशोधित: 1988।
- भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI): स्थापना: June 1981। मुख्यालय: देहरादून। कार्य: वन रिपोर्ट (ISFR) जारी करना। (प्रथम रिपोर्ट 1987)।
- कानून: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972, वन संरक्षण अधिनियम 1980, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986।
भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2023 (ISFR 2023)
जारी: 21 दिसंबर 2024 को भूपेन्द्र यादव (पर्यावरण मंत्री) द्वारा। संस्करण: 18वां।
कुल आवरण (Total Cover)
- वन + वृक्ष आवरण: 8,27,357 वर्ग किमी (25.17%)
- वनावरण (Forest Cover): 7,15,343 वर्ग किमी (21.76%)
- वृक्षावरण (Tree Cover): 1,12,014 वर्ग किमी (3.41%)
कुल वृद्धि: 1,445 वर्ग किमी
(वनावरण +156, वृक्षावरण +1289)
(वनावरण +156, वृक्षावरण +1289)
शीर्ष राज्य (Top States)
- सर्वाधिक वनावरण (Area):
- मध्य प्रदेश (85,724 km²)
- अरुणाचल प्रदेश
- महाराष्ट्र
- सर्वाधिक वनावरण (%):
- मिजोरम (85.34%)
- अरुणाचल प्रदेश (79.62%)
- मेघालय (76.00%)
- सर्वाधिक वृद्धि (Growth):
- मिजोरम (+242 km²)
- गुजरात (+180 km²)
अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े:
- मैंग्रोव आवरण: 4,992 वर्ग किमी (+17 km² की वृद्धि)।
- बांस क्षेत्र: 1,54,670 वर्ग किमी। (+5,227 km² की वृद्धि)।
- कार्बन स्टॉक: 7,285.5 मिलियन टन।
- केन्द्र शासित प्रदेशों में सर्वाधिक %: लक्षद्वीप (91.33%)।