गुर्जर प्रतिहार वंश
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21. गुर्जर प्रतिहार राजवंश की स्थापना किसके द्वारा की गई थी -
Answer: यद्यपि हरिश्चंद्र संस्थापक थे, लेकिन गुर्जर-प्रतिहार साम्राज्य की वास्तविक और शक्तिशाली नींव नागभट्ट प्रथम ने रखी थी।
22. निम्न में से कौन सा शासक गोड़ (बंगाल) में भोज-प्रथम का समकालीन था -
Answer: प्रतिहार सम्राट भोज प्रथम (मिहिरभोज) के समय बंगाल पर पाल वंश का शासन था और उनके समकालीन शासक देवपाल थे।
23. प्रतिहार एवं पाल शासकों पर विजय की उपलक्ष में ध्रुव ने गंगा व जमुना के चिह्नों को सम्मिलित किया -
Answer: राष्ट्रकूट शासक ध्रुव ने त्रिपक्षीय संघर्ष में प्रतिहार और पाल दोनों को हराया और इस उत्तर भारत की विजय के प्रतीक के रूप में गंगा-यमुना के चिह्न को अपने राजचिह्न में शामिल किया।
24. राजा नागभट्ट द्वितीय का संबंध निम्नलिखित में से किस राजवंश से था -
Answer: नागभट्ट द्वितीय, गुर्जर-प्रतिहार वंश का एक प्रतापी शासक था जिसने कन्नौज को अपनी राजधानी बनाया था।
25. ‘रणहस्तिन’ की उपाधि धारण की थी -
Answer: 'रणहस्तिन' (युद्ध का हाथी) की उपाधि प्रतिहार शासक वत्सराज ने धारण की थी, जो उनकी सैन्य शक्ति और युद्ध कौशल को दर्शाती है।
26. गुर्जर प्रतिहार वंश के किस शासक ने अपनी राजधानी मण्डोर से मेड़ता स्थानान्तरित की थी -
Answer: मंडोर शाखा के शासक नागभट्ट प्रथम ने अपनी शक्ति का विस्तार करते हुए मेड़ता को जीतकर उसे अपनी राजधानी बनाया।
27. प्रतिहार वंश का अंतिम शासक था -
Answer: गुर्जर-प्रतिहार साम्राज्य का अंतिम शासक यशपाल था, जिसके बाद यह साम्राज्य छोटे-छोटे राज्यों में बिखर गया।
28. वत्सराज के शासनकाल के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है -
Answer: यह कथन सही है क्योंकि वत्सराज ने ही कन्नौज पर अधिकार के लिए त्रिपक्षीय संघर्ष की शुरुआत की और पाल शासक धर्मपाल को हराया था।
29. वह गुर्जर प्रतिहार शासक जिसने “रत्नहस्तिन” का विरुद धारण किया था -
Answer: यह 'रणहस्तिन' का ही एक रूप है, जिसका अर्थ है 'युद्ध का हाथी'। यह उपाधि वत्सराज की थी।
30. सूची – I से सूची – II को सुमेलित कीजिये और नीचे दिये गये कूट का प्रयोग करते हुये। सही उत्तर चुनिये –सूची -I (शासक)सूची -II(राजवंश)(A) विग्रहराज IV (i) प्रतिहार(B) हरिशचन्द्र (ii) चौहान(C) बप्पा रावल (iii) गहड़वाल(D) जयचंद (iv) गुहिल(A) (B) (C) (D)
Answer: सही मिलान है: विग्रहराज IV (चौहान), हरिशचन्द्र (प्रतिहार), बप्पा रावल (गुहिल), जयचंद (गहड़वाल)।