गुर्जर प्रतिहार वंश
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41. निम्नलिखित में से किन अभिलेखों में प्रतिहारों को गुर्जर कहा गया है -1. नीलगुण्ड 2. देवली3. राधनपुर 4. कराड़कूट -
Answer: नीलगुण्ड, देवली, राधनपुर और कराड़, इन सभी शिलालेखों में प्रतिहारों को 'गुर्जर' कहा गया है, जो उनके जातीय या क्षेत्रीय संबंध को इंगित करता है।
42. राजस्थान में प्रतिहार वंश के संस्थापक हरिशचन्द्र की राजधानी थी -
Answer: प्रतिहार वंश के संस्थापक हरिश्चंद्र ने जोधपुर के पास स्थित मंडोर को जीतकर अपनी राजधानी स्थापित की थी।
43. किसके शासन काल में कन्नौज को लेकर त्रिपक्षीय संघर्ष(राष्ट्रकूट, पाल व प्रतिहार) प्रारम्भ हुआ -
Answer: कन्नौज पर प्रभुत्व स्थापित करने के लिए प्रतिहार, पाल और राष्ट्रकूट वंशों के बीच प्रसिद्ध त्रिपक्षीय संघर्ष की शुरुआत प्रतिहार शासक वत्सराज के समय हुई थी।
44. निम्न में से किस विदेश यात्री ने गुर्जर-प्रतिहार राजवंश की सैन्य शक्ति एवं समृद्धि का उल्लेख किया -
Answer: अरब यात्री सुलेमान ने 9वीं शताब्दी में सम्राट मिहिरभोज के शासनकाल में भारत की यात्रा की और प्रतिहारों की शक्तिशाली सेना और समृद्ध साम्राज्य का विस्तृत वर्णन किया।
45. गुर्जर को हराने वाले शासक कौन था -
Answer: वर्धन वंश के शासक प्रभाकर वर्धन ने अपने राज्य का विस्तार करते हुए गुर्जरों को हराया था, जिसका उल्लेख बाणभट्ट के 'हर्षचरित' में मिलता है।
46. प्रतिहार वंश की मण्डोर शाखा के किस शासक ने अपनी राजधानी मण्डोर से मेड़ता स्थान्तरित की थी -
Answer: मंडोर शाखा के शासक नागभट्ट प्रथम ने अपने राज्य का विस्तार करते हुए मेड़ता को अपनी राजधानी बनाया था।
47. निम्न में से कौन सा शासक ‘रोहिल्लद्धि’ नाम से जाना जाता था -
Answer: गुर्जर-प्रतिहार वंश के आदि पुरुष या संस्थापक हरिश्चंद्र को 'रोहिलद्धि' के नाम से भी जाना जाता था।
48. प्रतिहार वंश की मण्डोर शाखा के किस शासक ने अपनी राजधानी मण्डोर से मेड़ता स्थानान्तरित की थी -
Answer: मंडोर शाखा के शासक नागभट्ट प्रथम ने मंडोर के अलावा मेड़ता को भी जीतकर उसे अपनी राजधानी बनाया था, जिससे उनके बढ़ते प्रभाव का पता चलता है।
49. सूची- II के साथ सूची- I का मिलान कीजिए और नीचे दिए गए कूट से उत्तर चुनिए:सूची- I (राजपूत वंश)सूची- II (स्थान)A. चौहान1. दक्षिण राजस्थानB. प्रतिहार परिहार2. काठियावाड़C. चालुक्य / सोलंकी3. मालवाD. परमार / पवार4. पूर्वी राजस्थान
Answer: सही मिलान है: चौहान (पूर्वी राजस्थान), प्रतिहार (दक्षिण राजस्थान), चालुक्य/सोलंकी (काठियावाड़), परमार/पवार (मालवा)।
50. निम्न में से किन अभिलेखों में प्रतिहारों को गुर्जर कहा गया है -अ. कराड़ ब. नीलगुण्ड स. राधनपुर द. देवली
Answer: कराड़, नीलगुण्ड, राधनपुर और देवली, इन सभी अभिलेखों में प्रतिहारों को गुर्जर जाति या गुर्जरात्रा प्रदेश से संबंधित बताया गया है।
51. जोधपुर से प्राप्त घटियाला शिलालेख से किस प्रतिहार राजा की जानकारी मिलती है -
Answer: घटियाला (जोधपुर) से प्राप्त शिलालेख मंडोर शाखा के प्रतिहार शासक कक्कुक के बारे में जानकारी देता है।
52. निम्नलिखित प्रतिहार शासकों में से किसने मण्डोर को बदलकर मेड़ता को राजधानी बनाया -
Answer: मंडोर शाखा के शासक नागभट्ट प्रथम ने अपने राज्य का विस्तार किया और मेड़ता को अपनी नई राजधानी बनाया।
53. किस प्रतिहार शासक के शासनकाल में उद्योतन सूरि ने कुवलयमाला ग्रन्थ की रचना की -
Answer: जैन विद्वान उद्योतन सूरि ने 778 ई. में प्रतिहार शासक वत्सराज के शासनकाल में जालौर में 'कुवलयमाला' ग्रंथ की रचना की।
54. प्रतिहार के संस्थापक हरिशचंद्र की कौन सी राजधानी थी -
Answer: गुर्जर-प्रतिहार वंश के संस्थापक हरिश्चंद्र ने जोधपुर के पास स्थित मंडोर को अपनी प्रारंभिक राजधानी बनाया था।
55. उस प्रतिहार शासक का नाम बताइये जिसने न केवल अरबों के आगे बढ़ने पर अंकुश लगाया बल्कि अनेक शासकों को उनके आधिपत्य से भी मुक्त किया -
Answer: नागभट्ट प्रथम ने न केवल अरबों को रोका बल्कि कई छोटे राज्यों को अरबों के शासन से मुक्त भी कराया।
56. ओसियां के कलात्मक मन्दिरों का निर्माण कराया -
Answer: जोधपुर के पास ओसियां में स्थित सूर्य मंदिर और हरिहर मंदिर जैसे भव्य मंदिरों का निर्माण गुर्जर-प्रतिहार शासकों, विशेषकर वत्सराज के समय में हुआ था।
57. निम्नलिखित में से कौन सा शासक गुर्जर-प्रतिहार राजवंश से संबंधित नहीं है -
Answer: नागभट्ट द्वितीय, महेंद्रपाल प्रथम और देवपाल, सभी गुर्जर-प्रतिहार वंश के प्रमुख शासक थे, जबकि भरत्रभट्ट इस वंश से संबंधित नहीं है।
58. किस राजा के वंशज गुर्जर प्रतिहार कहे जाने लगे -
Answer: नागभट्ट द्वितीय ने कन्नौज पर विजय प्राप्त कर एक विशाल साम्राज्य की स्थापना की, जिसके बाद उनके वंशज प्रमुखता से गुर्जर-प्रतिहार सम्राट कहलाए।
59. निम्न में से किस विदेशी यात्री ने गुर्जर-प्रतिहार वंश की सैन्य शक्ति एवं समृद्धि का उल्लेख किया है -
Answer: अरब सौदागर और यात्री सुलेमान ने मिहिर भोज के साम्राज्य का दौरा किया और उनकी शक्तिशाली सेना और सुव्यवस्थित शासन की प्रशंसा की।
60. कन्नौज पर अधिकार हेतु चले त्रिपक्षीय युद्ध में राजपूताना के किस वंश के शासकों ने भाग लिया -
Answer: 8वीं से 10वीं शताब्दी तक कन्नौज पर अधिकार के लिए चले त्रिपक्षीय संघर्ष में राजस्थान के गुर्जर-प्रतिहारों ने एक प्रमुख भूमिका निभाई।