किसान एवं आदिवासी आन्दोलन
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स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गठित संगठन
SORT BY ▾QUESTION 1
सही कथन का चयन करें। Lab Assistant Geography 2026
कथन (Statements)
(a)
वर्तमान में भीलवाड़ा जिले में अवस्थित बिजौलिया मेवाड़ में प्रथम श्रेणी का ठिकाना था।
(b)
बिजौलिया आंदोलन का प्रथम चरण 1897 से 1915 तक था।
(c)
साधु सीतारामदास ने बिजौलिया में विद्या प्रचारिणी सभा का गठन किया था।
(d)
1894 में राव गोविन्द दास के निधन के पश्चात् मातहतों और किसानों में कटुता थी, जो बिजौलिया किसान आंदोलन के रूप में परिणत हुई।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
Answer: कथन a, b और d सही हैं। बिजौलिया आंदोलन का प्रथम चरण 1897 से 1915 तक चला। 1894 में राव गोविन्द दास के निधन के बाद नए राव कृष्ण सिंह द्वारा लगाए गए करों से किसानों में असंतोष फैला। कथन c गलत है क्योंकि विद्या प्रचारिणी सभा की स्थापना मुख्य रूप से हरिभाई किंकर द्वारा की गई थी।
QUESTION 2
सही कथन का चयन करें: Lab Assistant Geography 2026
कथन (Statements)
(a)
वर्तमान में भीलवाड़ा जिले में स्थित बिजौलिया मेवाड़ में प्रथम श्रेणी का ठिकाना था।
(b)
बिजौलिया आंदोलन का प्रथम चरण 1897 से 1915 तक था।
(c)
साधु सीतारामदास ने बिजौलिया में विद्या प्रचारिणी सभा का गठन किया था।
(d)
1894 में राव गोविन्द दास के निधन के पश्चात् मातहतों और किसानों में कटुता थी, जो बिजौलिया किसान आंदोलन के रूप में परिणत हुई।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
Answer: बिजौलिया किसान आंदोलन के बारे में:
- वर्तमान में भीलवाड़ा जिले में स्थित बिजौलिया मेवाड़ में प्रथम श्रेणी का ठिकाना था (कथन a सही है)।
- बिजौलिया आंदोलन का प्रथम चरण 1897 से 1915 तक था (कथन b सही है)।
- साधु सीतारामदास ने बिजौलिया में 'विद्या प्रचारिणी सभा' की स्थापना नहीं की थी बल्कि हरिभाई किंकर द्वारा स्थापित इस सभा की शाखा बिजौलिया में खोली गई थी (कथन c गलत माना गया है)।
- 1894 में राव गोविन्द दास के निधन के पश्चात् मातहतों और किसानों में कटुता थी, जो बिजौलिया किसान आंदोलन के रूप में परिणत हुई (कथन d सही है)।
अतः सही उत्तर (A) 'a, b और d' है।
- वर्तमान में भीलवाड़ा जिले में स्थित बिजौलिया मेवाड़ में प्रथम श्रेणी का ठिकाना था (कथन a सही है)।
- बिजौलिया आंदोलन का प्रथम चरण 1897 से 1915 तक था (कथन b सही है)।
- साधु सीतारामदास ने बिजौलिया में 'विद्या प्रचारिणी सभा' की स्थापना नहीं की थी बल्कि हरिभाई किंकर द्वारा स्थापित इस सभा की शाखा बिजौलिया में खोली गई थी (कथन c गलत माना गया है)।
- 1894 में राव गोविन्द दास के निधन के पश्चात् मातहतों और किसानों में कटुता थी, जो बिजौलिया किसान आंदोलन के रूप में परिणत हुई (कथन d सही है)।
अतः सही उत्तर (A) 'a, b और d' है।
QUESTION 3
अभिकथन (Assertion) A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason) R के रूप में। Primary & Upper Primary School Teacher 2025
कथन (Statements)
(a)
राजस्थान में स्वतंत्रता आंदोलन और जनजातीय जागरण में योगदान देने वालों में मोतीलाल तेजावत (1888-1963) का विशेष स्थान है।
(b)
1905 में गोविन्द गुरु ने सम्प सभा की स्थापना की थी, जिसके माध्यम से उन्होंने भीलों और गरासिया में राजनीतिक और सामाजिक जनजागरण किया।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
QUESTION 4
नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन (Assertion A) के रूप में लिखित है और दूसरा उसके कारण (Reason R) के रूप में। उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए Jamadar Grade II 2025
कथन (Statements)
(a)
(Assertion A) अलवर के मेव किसान आंदोलन का नेतृत्व चौधरी यासीन खान द्वारा किया गया था।
(b)
(Reason R) मेव किसान आंदोलन के अंतर्गत, किसानों ने खरीफ फसल का किराया / लगान भुगतान करना बंद कर दिया था।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
Answer: अभिकथन A सही है: अलवर के मेव किसान आंदोलन (1932) का नेतृत्व गुड़गांव के चौधरी यासीन खान ने किया था। उन्होंने मेव समुदाय को संगठित किया।
कारण R सही है: इस आंदोलन के दौरान, बढ़ी हुई राजस्व दरों के विरोध में किसानों ने खरीफ फसल का लगान देना बंद कर दिया था।
निष्कर्ष: दोनों कथन ऐतिहासिक रूप से सत्य हैं, परन्तु लगान बंद करना नेतृत्व का कारण नहीं था, बल्कि आंदोलन की एक गतिविधि थी। अतः R, A की सही व्याख्या नहीं है।
कारण R सही है: इस आंदोलन के दौरान, बढ़ी हुई राजस्व दरों के विरोध में किसानों ने खरीफ फसल का लगान देना बंद कर दिया था।
निष्कर्ष: दोनों कथन ऐतिहासिक रूप से सत्य हैं, परन्तु लगान बंद करना नेतृत्व का कारण नहीं था, बल्कि आंदोलन की एक गतिविधि थी। अतः R, A की सही व्याख्या नहीं है।
QUESTION 5
1916 में निम्न में से किसने बिजोलिया किसान पंचायत का आयोजन किया था -
Answer: विजय सिंह पथिक ने 1916 में बिजोलिया किसान आंदोलन का नेतृत्व संभाला और किसानों को संगठित करने के लिए 1917 में 'उपरमाल पंच बोर्ड' (किसान पंचायत) की स्थापना की।
QUESTION 6
शेखावाटी के किसानों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने हेतु भरतपुर के किस व्यक्ति ने प्रेरित किया था -
Answer: भरतपुर के ठाकुर देशराज ने शेखावाटी के किसानों को उनके अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया था।
QUESTION 7
प्रसिद्ध भगत आन्दोलन का नेतृत्व किया गया था -
Answer: भगत आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से गोविंद गिरी ने किया था, और पुंजा धीरजी उनके प्रमुख सहयोगी थे।
QUESTION 8
गोविंदगिरी और उनके भगत आंदोलन के संदर्भ में कौनसे कथन सही नहीं हैं -(A) 1921-22 में पंचमहल जिले में गोविंदगिरी ने असहयोग आंदोलन में भाग लिया।(B) अहमदाबाद केंद्रीय कारागृह से छूटने के बाद अपनी मृत्यु तक गोविंदगिरी पंचमहल के बारसोद में निर्वासन में रहे।(C) गोविंदगिरी के प्रभाव से बांसवाड़ा के भगत भीलों ने स्वयं को हिंदू धर्म के ढांचे में संगठित कर लिया।(D) 1927 से 1931 के मध्य बांसवाड़ा के दीवान एन. भट्टाचार्य ने भगत आंदोलन को दबाया।सही उत्तर का चयन कीजिए -
Answer: कथन (B) और (D) गलत हैं। गोविंदगिरी अहमदाबाद जेल से छूटने के बाद गुजरात के कंबोई गांव में बस गए थे। एन. भट्टाचार्य का भगत आंदोलन को दबाने से सीधा संबंध नहीं था।
QUESTION 9
‘राजस्थान केसरी’ समाचारपत्र का प्रकाशन किसने आरम्भ किया -
Answer: विजय सिंह पथिक ने 1919 में वर्धा (महाराष्ट्र) से 'राजस्थान केसरी' समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू किया, जिसका उद्देश्य किसान आंदोलनों को आवाज देना था।
QUESTION 10
किस समाचार पत्र के माध्यम से विजय सिंह पथिक ने बिजौलियां किसान आंदोलन को भारत में चर्चित बनाया -
Answer: विजय सिंह पथिक ने गणेश शंकर विद्यार्थी द्वारा संपादित 'प्रताप' समाचार पत्र (कानपुर से प्रकाशित) में बिजोलिया आंदोलन पर लेख लिखकर इसे पूरे भारत में प्रसिद्ध कर दिया।