अधातुएँ और उनके यौगिक
TOPICS ▾
अधातुएँ और उनके यौगिक
अम्ल, भस्म और लवण
ईंधन
उत्प्रेरण
ऑक्सीकरण और अवकरण
कार्बनिक रसायन
गैसों के सामान्य गुण
तत्वों का आवर्ती वर्गीकरण
धातुएं और उनके यौगिक
पदार्थ की अवस्था
परमाणु संरचना
रासायनिक बंधन
रेडियो सक्रियता
समस्थानिक, समभारिक व समन्यूट्रॉनिक
SORT BY ▾
181. यदि पृथ्वी में कार्बन डाइऑक्साइड ना हो तो भुपृष्ट का तापमान -
Answer: कार्बन डाइऑक्साइड एक ग्रीनहाउस गैस है जो पृथ्वी से निकलने वाली गर्मी को रोकती है। इसके बिना, पृथ्वी की सतह का औसत तापमान काफी कम हो जाएगा।
182. मार्शल अम्ल के नाम से जाना जाता है -
Answer: मार्शल का अम्ल पेरोक्सीडाइसल्फ्यूरिक एसिड (H₂S₂O₈) का सामान्य नाम है।
183. क्लोरिन की परमाणु संख्या है -
Answer: क्लोरीन (Cl) का परमाणु क्रमांक 17 है, जिसका अर्थ है कि इसके नाभिक में 17 प्रोटॉन होते हैं।
184. पक्षियों की हड्डियों का पाउडर उर्वरक के रूप में काम आता है , क्योंकि इसमें होता है -
Answer: हड्डियों का पाउडर (बोन मील) कैल्शियम फॉस्फेट का एक समृद्ध स्रोत है, इसलिए यह पौधों को फॉस्फोरस प्रदान करने के लिए एक उत्कृष्ट उर्वरक है।
185. तनु गंधकाम्ल की जस्ते के साथ प्रतिक्रिया के परिणामस्वरूप उत्पन्न होती है-
Answer: जस्ता (जिंक) तनु सल्फ्यूरिक एसिड (गंधकाम्ल) के साथ अभिक्रिया करके जिंक सल्फेट और हाइड्रोजन गैस (H₂) बनाता है।
186. वायु में किस की अधिकता के कारण पेड़ों की पत्तियां काली होकर गिर जाती हैं ?
Answer: सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) एक प्रमुख वायु प्रदूषक है जो पौधों में क्लोरोफिल को नष्ट कर सकता है, जिससे पत्तियां काली पड़ जाती हैं और गिर जाती हैं।
187. उबलती हुई गंधक को ठंडे जल में डालने पर क्या प्राप्त होगा ?
Answer: जब पिघले हुए सल्फर को तेजी से ठंडे पानी में डाला जाता है, तो यह प्लास्टिक सल्फर नामक एक अक्रिस्टलीय, रबर जैसा अपरूप बनाता है।
188. समुद्री जल से शुद्ध जल को किस प्रकार प्राप्त किया जा सकता है
Answer: आसवन (Distillation) वह प्रक्रिया है जिसमें पानी को उबालकर भाप में बदला जाता है और फिर उसे ठंडा करके शुद्ध तरल पानी के रूप में संघनित कर लिया जाता है, जबकि नमक और अन्य अशुद्धियाँ पीछे रह जाती हैं।
189. किस तत्व को रसायन विज्ञान में आवारा तत्व की संज्ञा दी गई है
Answer: हाइड्रोजन को उसके अद्वितीय गुणों के कारण, जो क्षार धातुओं और हैलोजन दोनों से मिलते-जुलते हैं, आवर्त सारणी में कोई निश्चित स्थान नहीं दिया गया है, इसलिए इसे 'आवारा तत्व' कहा जाता है।
190. कार्बोरेन्डम निम्नलिखित में से किसका दूसरा नाम है ?
Answer: सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) को कार्बोरेन्डम के नाम से भी जाना जाता है। यह एक बहुत कठोर पदार्थ है जिसका उपयोग अपघर्षक के रूप में किया जाता है।
191. आकाश में बिजली चमकने पर कौन-सी गैस उत्पन्न होती है ?
Answer: बिजली की चमक की उच्च ऊर्जा वायुमंडल में नाइट्रोजन (N₂) और ऑक्सीजन (O₂) के बीच प्रतिक्रिया का कारण बनती है, जिससे नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) का निर्माण होता है।
192. प्रतिशतता के आधार पर वायुमंडल में सर्वाधिक पाई जाने वाली गैस कौन-सी है ?
Answer: नाइट्रोजन पृथ्वी के वायुमंडल का सबसे बड़ा घटक है, जो आयतन के हिसाब से लगभग 78% है।
193. सूर्य की सतह पर हाइड्रोजन के अलावा दूसरा कौन सा तत्व बहुतायत पाया जाता है ?
Answer: सूर्य मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम से बना है। हाइड्रोजन के बाद हीलियम दूसरा सबसे प्रचुर तत्व है।
194. केतली में पानी के उबलने पर उसकी आंतरिक परत पर सफ़ेद पदार्थ की एक परत जम जाती है , वह परत है -
Answer: यह सफेद परत कठोर जल में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट के कारण बनती है। गर्म करने पर, वे अघुलनशील कार्बोनेट के रूप में अवक्षेपित हो जाते हैं।
195. हैलोजन में सर्वाधिक अभिक्रिया है -
Answer: फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत्-ऋणात्मक तत्व है, जो इसे सभी हैलोजनों में सबसे अधिक अभिक्रियाशील बनाता है।
196. टेप्लोन ने पाया जाने वाला हेलोजन है -
Answer: टेफ्लॉन एक पॉलीमर है जिसका रासायनिक नाम पॉलीटेट्राफ्लूरोएथिलीन (PTFE) है। इसकी संरचना में कार्बन और फ्लोरीन परमाणु होते हैं।
197. कैरो अम्ल के नाम से जाना जाता है -
Answer: कैरो का अम्ल पेरोक्सीमोनोसल्फ्यूरिक एसिड (H₂SO₅) का सामान्य नाम है।
198. निम्न में से किस एक को स्ट्रेंजर गैस भी कहा जाता है ?
Answer: ज़ेनॉन (Xenon) का नाम ग्रीक शब्द 'xenos' से आया है, जिसका अर्थ है 'अजनबी', इसलिए इसे स्ट्रेंजर गैस भी कहा जाता है।
199. सुखी वर्फ क्या है ?
Answer: सूखी बर्फ कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का ठोस रूप है, जो गर्म होने पर सीधे गैस में बदल जाती है (उर्ध्वपातन)।
200. निम्न में से कौन वायु को सबसे अधिक प्रदूषित करता है
Answer: कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत विषैली है क्योंकि यह रक्त की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता को बाधित करती है, जिससे यह एक बहुत खतरनाक प्रदूषक बन जाती है।