अधातुएँ और उनके यौगिक
TOPICS ▾
अधातुएँ और उनके यौगिक
अम्ल, भस्म और लवण
ईंधन
उत्प्रेरण
ऑक्सीकरण और अवकरण
कार्बनिक रसायन
गैसों के सामान्य गुण
तत्वों का आवर्ती वर्गीकरण
धातुएं और उनके यौगिक
पदार्थ की अवस्था
परमाणु संरचना
रासायनिक बंधन
रेडियो सक्रियता
समस्थानिक, समभारिक व समन्यूट्रॉनिक
SORT BY ▾
QUESTION 191
आकाश में बिजली चमकने पर कौन-सी गैस उत्पन्न होती है ?
Answer: बिजली की चमक की उच्च ऊर्जा वायुमंडल में नाइट्रोजन (N₂) और ऑक्सीजन (O₂) के बीच प्रतिक्रिया का कारण बनती है, जिससे नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) का निर्माण होता है।
QUESTION 192
प्रतिशतता के आधार पर वायुमंडल में सर्वाधिक पाई जाने वाली गैस कौन-सी है ?
Answer: नाइट्रोजन पृथ्वी के वायुमंडल का सबसे बड़ा घटक है, जो आयतन के हिसाब से लगभग 78% है।
QUESTION 193
सूर्य की सतह पर हाइड्रोजन के अलावा दूसरा कौन सा तत्व बहुतायत पाया जाता है ?
Answer: सूर्य मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम से बना है। हाइड्रोजन के बाद हीलियम दूसरा सबसे प्रचुर तत्व है।
QUESTION 194
केतली में पानी के उबलने पर उसकी आंतरिक परत पर सफ़ेद पदार्थ की एक परत जम जाती है , वह परत है -
Answer: यह सफेद परत कठोर जल में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट के कारण बनती है। गर्म करने पर, वे अघुलनशील कार्बोनेट के रूप में अवक्षेपित हो जाते हैं।
QUESTION 195
हैलोजन में सर्वाधिक अभिक्रिया है -
Answer: फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत्-ऋणात्मक तत्व है, जो इसे सभी हैलोजनों में सबसे अधिक अभिक्रियाशील बनाता है।
QUESTION 196
टेप्लोन ने पाया जाने वाला हेलोजन है -
Answer: टेफ्लॉन एक पॉलीमर है जिसका रासायनिक नाम पॉलीटेट्राफ्लूरोएथिलीन (PTFE) है। इसकी संरचना में कार्बन और फ्लोरीन परमाणु होते हैं।
QUESTION 197
कैरो अम्ल के नाम से जाना जाता है -
Answer: कैरो का अम्ल पेरोक्सीमोनोसल्फ्यूरिक एसिड (H₂SO₅) का सामान्य नाम है।
QUESTION 198
निम्न में से किस एक को स्ट्रेंजर गैस भी कहा जाता है ?
Answer: ज़ेनॉन (Xenon) का नाम ग्रीक शब्द 'xenos' से आया है, जिसका अर्थ है 'अजनबी', इसलिए इसे स्ट्रेंजर गैस भी कहा जाता है।
QUESTION 199
सुखी वर्फ क्या है ?
Answer: सूखी बर्फ कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का ठोस रूप है, जो गर्म होने पर सीधे गैस में बदल जाती है (उर्ध्वपातन)।
QUESTION 200
निम्न में से कौन वायु को सबसे अधिक प्रदूषित करता है
Answer: कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत विषैली है क्योंकि यह रक्त की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता को बाधित करती है, जिससे यह एक बहुत खतरनाक प्रदूषक बन जाती है।