राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
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आमेर का कछवाहा वंश
किसान एवं आदिवासी आन्दोलन
गुर्जर प्रतिहार वंश
चौहान वंश
प्रजामंडल आंदोलन
ब्रिटिश शासन के दौरान प्रेस और पत्रकारिता
महाजनपद काल में राजस्थान
मेवाड़ का गुहिल वंश
राजपूत युग
राजस्थान का एकीकरण
राजस्थान की मध्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था
राजस्थान की रियासतें एवं ब्रिटिश संधियाँ
राजस्थान के अन्य राजवंश
राजस्थान के इतिहास के प्रमुख स्रोत
राजस्थान में 1857 की क्रांति
राठौड़ वंश
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गठित संगठन
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1. “एनल्स एंड एंटीक्विटीज़ ऑफ राजस्थान” के लेखक का नाम बताइए। Rajasthan Patwar Exam 2025 1st Shift
Answer: कर्नल जेम्स टॉड को 'राजस्थान के इतिहास का जनक' और 'घोड़े वाले बाबा' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 1829 में 'एनल्स एंड एंटीक्विटीज़ ऑफ राजस्थान' (Annals and Antiquities of Rajasthan) पुस्तक लिखी, जिसे 'सेंट्रल एंड वेस्टर्न राजपूत स्टेट्स ऑफ इंडिया' भी कहा जाता है। यह पुस्तक राजस्थान के इतिहास के लेखन का आधार मानी जाती है।
2. “एनल्स एंड एंटीक्विटीज़ ऑफ राजस्थान” के लेखक का नाम बताइए। Rajasthan Patwar Exam 2025 1st Shift
Answer: कर्नल जेम्स टॉड को 'राजस्थान के इतिहास का जनक' और 'घोड़े वाले बाबा' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 1829 में 'एनल्स एंड एंटीक्विटीज़ ऑफ राजस्थान' (Annals and Antiquities of Rajasthan) पुस्तक लिखी, जिसे 'सेंट्रल एंड वेस्टर्न राजपूत स्टेट्स ऑफ इंडिया' भी कहा जाता है। यह पुस्तक राजस्थान के इतिहास के लेखन का आधार मानी जाती है।
3. मेवाड़ के महाराणा शम्भू सिंह के दरबारी कवि कौन थे - Rajasthan Patwar Exam 2025 1st Shift
Answer: कविराज श्यामल दास मेवाड़ के महाराणा शम्भू सिंह और उनके उत्तराधिकारी महाराणा सज्जन सिंह के दरबारी कवि थे। उन्होंने मेवाड़ का प्रसिद्ध इतिहास ग्रंथ 'वीर विनोद' लिखा था। उनकी विद्वत्ता के कारण ब्रिटिश सरकार ने उन्हें 'कैसर-ए-हिंद' और महाराणा ने 'कविराज' की उपाधि से सम्मानित किया था।
4. ‘ललित विग्रहराज’ नाटक की रचना किसने की -
Answer: सोमदेव, चौहान शासक विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव) के दरबारी कवि थे। उन्होंने यह नाटक अपने शासक के सम्मान में लिखा था।
5. मध्यकालीन ‘पट्टा रेख’ आप क्या समझते हैं -
Answer: मध्यकाल में 'पट्टा रेख' का अर्थ जागीर की अनुमानित वार्षिक आय या उस पर निर्धारित राजस्व (कर) से था, जिसका उल्लेख पट्टे या भूमि अनुदान पत्र में होता था।
6. हाड़ी रानी कर्मावती द्वारा जौहर में प्रवेश करते समय दिये गये भूमि अनुदान की जानकारी का स्त्रोत कौन सा है -
Answer: पुर के ताम्रपत्र (1535 ई.) इस बात का ऐतिहासिक प्रमाण देते हैं कि रानी कर्मावती ने चित्तौड़ के जौहर में प्रवेश करने से पहले भूमि का अनुदान किया था।
7. नीचे दिए गए विकल्पों में से लेखक और उनके लेखन के साथ सही मिलान की पहचान कीजिए।
Answer: कविराज श्यामलदास ने 'वीर विनोद' की रचना की, जो मेवाड़ के इतिहास का एक विस्तृत ग्रंथ है। अन्य विकल्प गलत हैं: वंश भास्कर-सूर्यमल्ल मिश्रण, चेतावनी रा चूंगट्या-केसरी सिंह बारहठ, पद्मावत-मलिक मोहम्मद जायसी।
8. मत्स्य का सर्व प्रथम उल्लेख आता है -
Answer: मत्स्य महाजनपद, जिसकी राजधानी विराटनगर थी, का सबसे पहला और प्रमुख उल्लेख महाभारत में मिलता है, जहाँ पांडवों ने अपने अज्ञातवास का समय बिताया था।
9. निम्नलिखित में से कौनसा (अभिलेख / शिलालेख - जिला / स्थान) सुमेलित नहीं है
Answer: घटियाल शिलालेख जोधपुर के पास से मिला है, न कि जैसलमेर से। यह प्रतिहार शासक कक्कुक से संबंधित है।
10. निम्न में से शिलालेख/प्रशस्ति और उनके वर्ष के सही जोड़े कौन से हैं -1. अचलेश्वर शिलालेख – 12852. दिलवाड़ा शिलालेख – 12163. कुम्भलगढ़ प्रशस्ति – 1460
Answer: अचलेश्वर शिलालेख (1285 ई.) और कुम्भलगढ़ प्रशस्ति (1460 ई.) के वर्ष सही हैं। दिलवाड़ा शिलालेख का वर्ष गलत है।
11. ‘ब्रोचगुर्जर’ नामक एक ताम्रपत्र के आधार पर राजपूतों को यू-ची जाति का वंशज मानते हुए इनका संबंध कुषाण जाति से किसने जोड़ा है -
Answer: अलेक्जेंडर कनिंघम ने 'ब्रोचगुर्जर' ताम्रपत्र के आधार पर यह सिद्धांत दिया कि गुर्जर कुषाणों से संबंधित यू-ची जाति के वंशज थे।
12. रघुवंश तिलक किन शासकों को कहा जाता है -
Answer: आमेर के कच्छवाहा शासक स्वयं को भगवान राम के पुत्र कुश का वंशज मानते थे, और इसी कारण उन्हें 'रघुवंश तिलक' कहा जाता है।
13. किस मुगल शासक ने चित्तौड़ विजय के उपरान्त मेवाड़ में सिक्का एलची जारी किया -
Answer: 1568 में चित्तौड़गढ़ पर विजय प्राप्त करने के बाद, अकबर ने अपनी संप्रभुता स्थापित करने के लिए मेवाड़ में 'सिक्का एलची' नामक मुद्रा जारी की।
14. घटियाला अभिलेख से संबंधित निम्नलिखित कथनों में असत्य है -
Answer: घटियाला अभिलेख में प्रतिहार शासक कक्कुक का वर्णन है, न कि नागभट्ट-प्रथम द्वारा राजधानी स्थानांतरण का। अन्य सभी कथन सही हैं।
15. निम्नलिखित मेें से कौन-सा शिलालेख प्रतिहारों का इतिहास बताता है -
Answer: मंडोर शिलालेख (837 ई.) प्रतिहार शासकों, विशेषकर बाउक प्रतिहार, के इतिहास और उनकी वंशावली के बारे में जानकारी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
16. राजस्थान का सबसे प्राचीन शिलालेख कौनसा है -
Answer: अजमेर के पास मिला बड़ली शिलालेख, जो लगभग 443 ई.पू. का माना जाता है, राजस्थान का अब तक का ज्ञात सबसे प्राचीन शिलालेख है।
17. ‘हम्मीर हठ’ के लेखक कौन हैं -
Answer: चंद्रशेखर ने 'हम्मीर हठ' नामक ग्रंथ की रचना की, जिसमें रणथंभौर के वीर शासक हम्मीर देव चौहान के हठ और शौर्य का वर्णन है।
18. घोसुण्डी अभिलेख किस लिपि में लिखा गया है -
Answer: घोसुण्डी अभिलेख, जो राजस्थान में वैष्णव धर्म का प्राचीनतम प्रमाण है, ब्राह्मी लिपि और संस्कृत भाषा में लिखा गया है।
19. सूर्यमल्ल मिश्रण (मीसण) कृत ‘वीर सत्सई’ किस राजपूत राज्य के इतिहास से सरोकार रखता है -
Answer: महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण बूंदी के दरबारी कवि थे। उनकी रचना 'वीर सत्सई' 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में वीरता की भावना जगाने के लिए लिखी गई थी और यह बूंदी राज्य से संबंधित है।
20. ‘जगतसिंह काव्य’ के रचयिता कौन थे -
Answer: रघुनाथ ने 'जगतसिंह काव्य' की रचना की थी, जिसमें मेवाड़ के महाराणा जगत सिंह प्रथम के शासनकाल की घटनाओं का वर्णन है।