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21. ‘सुधा प्रबन्ध’ किसने लिखी -
Answer: ‘सुधा प्रबन्ध’ या 'सूड प्रबंध' की रचना महाराणा कुंभा ने की थी। यह संगीत शास्त्र से संबंधित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
22. राजस्थानी साहित्य (Rajasthani literature) का वीर गाथा काल है -
Answer: राजस्थानी साहित्य का प्रारंभिक काल, जो विक्रम संवत 800 से 1460 तक माना जाता है, वीर गाथा काल कहलाता है। इस काल में मुख्यतः वीर रस प्रधान रचनाएँ हुईं।
23. निम्नलिखित में से कौन सी रचना मीराबाई की है -
Answer: मीराबाई की रचनाओं का संग्रह 'मीरा पदावली' के नाम से प्रसिद्ध है। सखी, बीजक और शबद कबीर की रचनाओं के भाग हैं।
24. राजस्थानी साहित्य की एक प्रारंभिक रचना ‘हंसावली’ रचित है -
Answer: ‘हंसावली’ एक प्रेमाख्यान काव्य है जिसकी रचना कवि असाईत द्वारा 1370 ई. में की गई थी। इसे राजस्थानी साहित्य की प्रारंभिक महत्वपूर्ण रचनाओं में गिना जाता है।
25. 'ढोला मारू रा दुहा' के रचयिता हैं -
Answer: 'ढोला मारू रा दुहा' एक प्रसिद्ध राजस्थानी लोकगाथा है, जिसके मूल रचयिता कवि कल्लोल माने जाते हैं।
26. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रसिद्ध उपन्यास राजस्थान के नथमल जोशी द्वारा नहीं लिखा गया है -
Answer: 'समंद और थार' उपन्यास के लेखक रांगेय राघव हैं। 'आभैपटकी', 'धोरां रो धोरी' (धोरां री छोरी नहीं), और 'एक बीनणी दो बींद' नथमल जोशी की प्रसिद्ध रचनाएँ हैं।
27. 'भारतेश्वर बाहुबली घोर' राजस्थानी भाषा का सबसे प्राचीन ग्रन्थ है, इसके रचियता कौन है -
Answer: 'भारतेश्वर बाहुबली घोर' को राजस्थानी भाषा का सबसे प्राचीन ग्रंथ माना जाता है, जिसकी रचना 1168 ई. में वज्रसेन सूरि (ब्रज सैन सूरि) ने की थी।
28. भूंगल पुराण का संबंध है -
Answer: 'भूंगल पुराण' का संबंध जसनाथी संप्रदाय के प्रवर्तक जसनाथजी से है। यह ग्रंथ इस संप्रदाय के सिद्धांतों और उपदेशों को संकलित करता है।
29. निम्नांकित में से कौन सी पुस्तक/पुस्तकें सूर्यमल मिश्रण द्वारा लिखी गई थीं ? नीचे दिए गए कोड की सहायता से सही विकल्प चुनिए :i. वंश भास्कर ii. रामरंजाटiii. धातुरूपावली iv. राजरूपककोड :
Answer: सूर्यमल मिश्रण ने 'वंश भास्कर', 'रामरंजाट', 'धातु रूपावली', 'बलवद् विलास' और 'वीर सतसई' जैसे ग्रंथों की रचना की। 'राजरूपक' के लेखक वीरभाण हैं।
30. विजयदान देथा के बारे में अधोलिखित कथनों पर विचार कीजिए -अ. विजयदान देथा राजस्थान के प्रसिद्ध लेखक थे, जिनकी कहानी चरणदास चोर नामक नाटक के रूप में रूपान्तरित की गयी।ब. विजयदान देथा रूपायण संस्थान के सह-संस्थापक थे।निम्नलिखित कूट में से सही उत्तर चुनिए-
Answer: दोनों कथन सत्य हैं। विजयदान देथा ('बिज्जी') की कहानी पर हबीब तनवीर ने 'चरणदास चोर' नाटक बनाया। उन्होंने कोमल कोठारी के साथ मिलकर बोरूंदा में 'रूपायण संस्थान' की स्थापना की।
31. ‘बारात लौट गई’ किसकी रचना है -
Answer: ‘बारात लौट गई’ प्रसिद्ध साहित्यकार चन्द्रधर शर्मा गुलेरी की रचना है। वे अपनी कहानी 'उसने कहा था' के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं।
32. राजस्थानी साहित्य विषयक लेखक एवं उसकी पुस्तक के संबंध में निम्नांकित जोड़ों में से कौनसा एक जोड़ा सही सुमेलित नहीं है -
Answer: 'सूरज प्रकाश' के लेखक करणीदान कविया हैं, न कि ईसर दास। अन्य सभी युग्म सही सुमेलित हैं।
33. राजरत्नाकर का लेखक कौन था -
Answer: ‘राजरत्नाकर’ के लेखक सदाशिव भट्ट थे, जो बीकानेर के महाराजा अनूप सिंह के दरबारी कवि थे।
34. राजस्थानी रा पैला कहाणीकार किणनैं मान्या जावै -
Answer: शिवचन्द भरतिया को राजस्थानी का पहला कहानीकार, पहला नाटककार और पहला उपन्यासकार माना जाता है। उनकी कहानी 'विश्रांत प्रवास' पहली राजस्थानी कहानी मानी जाती है।
35. ‘शिशुपाल वधम्’ संस्कृत महाकाव्य के रचयिता महाकवि माघ का निवास स्थान था -
Answer: संस्कृत के प्रसिद्ध महाकवि माघ, जिन्होंने 'शिशुपाल वधम्' की रचना की, राजस्थान के भीनमाल (जालौर) के निवासी थे।
36. ‘जिन भद्र सूरि ग्रंथ भण्डार’ राजस्थान में किस जिले में संरक्षित है -
Answer: ‘जिनभद्र सूरि ग्रंथ भंडार’ जैसलमेर दुर्ग में स्थित एक भूमिगत पुस्तकालय है। यह भारत के सबसे पुराने और सबसे बड़े जैन पांडुलिपि भंडारों में से एक है।
37. कुवलयमाला में कितनी देशी भाषाओं का उल्लेख है -
Answer: उद्योतन सूरि द्वारा रचित ग्रंथ ‘कुवलयमाला’ में 18 देशी भाषाओं का उल्लेख मिलता है, जिसमें 'मरु-भाषा' (मारवाड़ी) भी शामिल है।
38. 'मधुमती' पत्रिका का प्रकाशन निम्नलिखित विकल्पों में से कहाँ से होता है?
Answer: 'मधुमती' राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर की मासिक पत्रिका है। यह हिंदी साहित्य की एक प्रतिष्ठित पत्रिका है।
39. ‘कुवलयमाला’ ग्रंथ में उल्लिखित क्षेत्रीय भाषाओं की संख्या है -
Answer: जैन आचार्य उद्योतन सूरि द्वारा रचित ‘कुवलयमाला’ ग्रंथ में कुल 18 क्षेत्रीय भाषाओं का उल्लेख किया गया है।
40. ‘दयालदास री ख्यात’ में किस रियासत के शासकों का वर्णन है -
Answer: ‘दयालदास री ख्यात’ में बीकानेर के राठौड़ वंश के शासकों का विस्तृत वर्णन मिलता है। इसकी रचना दयालदास सिंचायच ने की थी।