राजस्थान के मेले
TOPICS ▾
राजस्थान का संगीत एवं लोकगीत
राजस्थान का साहित्य
राजस्थान की चित्र शैलियाँ
राजस्थान की प्रसिद्ध महिला व्यक्तित्व
राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ
राजस्थान की भाषा एवं बोलियाँ
राजस्थान की शब्दावली
राजस्थान की स्थापत्य कला
राजस्थान की हस्तकला
राजस्थान के आभूषण एवं वेशभूषा
राजस्थान के क्षेत्रीय कार्यक्रम
राजस्थान के त्यौहार
राजस्थान के नृत्य
राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व
राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय
राजस्थान के प्रमुख स्थानों के उपनाम
राजस्थान के मेले
राजस्थान के रीति-रिवाज एवं प्रथाएँ
राजस्थान के लोक देवता व देवियाँ
राजस्थान के सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल
SORT BY ▾
131. मत्स्य महोत्सव राजस्थान के किस शहर में मनाया जाता है -
Answer: प्राचीन मत्स्य प्रदेश की राजधानी रहे अलवर में प्रतिवर्ष मत्स्य महोत्सव का आयोजन किया जाता है।
132. खाटू श्यामजी का मेला किस माह में भरता है -
Answer: सीकर जिले में स्थित खाटू श्यामजी का प्रसिद्ध लक्खी मेला फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी और द्वादशी को भरता है।
133. गौतमजी का मेला कहां पर आयोजित किया जाता है -
Answer: मीणा जनजाति के आराध्य देव गौतमेश्वर जी (भूरिया बाबा) का मेला प्रतापगढ़ के अरनोद और सिरोही के पोसालिया में लगता है। दिए गए विकल्पों में सिरोही सही है।
134. निम्न में से किस स्थान पर बोहरा समुदाय का प्रमुख उर्स लगता है -
Answer: दाऊदी बोहरा समुदाय का प्रमुख आस्था केंद्र और उर्स डूंगरपुर जिले के गलियाकोट में सैय्यद फखरुद्दीन की दरगाह पर आयोजित होता है।
135. बाड़मेर के कानन मेले का मुख्य आकर्षण क्या है -
Answer: बाड़मेर में आयोजित होने वाले कानन मेले का मुख्य आकर्षण पारंपरिक 'गैर नृत्य' है।
136. बादशाह का प्रसिद्ध मेला राजस्थान के किस शहर में आयोजित होता है -
Answer: बादशाह का प्रसिद्ध मेला धुलंडी के दिन ब्यावर (अब नया जिला) शहर में आयोजित होता है, जिसमें बादशाह टोडरमल की सवारी निकाली जाती है।
137. कोंकण तीर्थ कहा जाता है-
Answer: पुष्कर को तीर्थों का राजा 'तीर्थराज', 'कोंकण तीर्थ' और 'आदि तीर्थ' जैसे अनेक नामों से जाना जाता है।
138. अजमेर शरीफ का वार्षिक उर्स और गलियाकोट पुष्कर मेला आयोजित होता है :
Answer: ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स और प्रसिद्ध पुष्कर मेला, दोनों ही बड़े आयोजन अजमेर जिले में होते हैं।
139. सवाई भोज का मेला भिलवाड़ा(असींद) में प्रतिवर्ष किस समय लगता है-
Answer: गुर्जर समाज के आराध्य देव देवनारायण जी (सवाई भोज) का मेला भीलवाड़ा जिले के आसींद में भाद्रपद शुक्ल षष्ठी से अष्टमी तक लगता है।
140. चौहाटन (बाड़मेर) में आयोजित होने वाला वह मेला जिसे अर्द्धकुम्भ माना जाता है -
Answer: बाड़मेर के चौहटन में लगने वाले सुईयां मेले को 'मरुस्थल का अर्द्धकुम्भ' माना जाता है। यह मेला पौष माह की सोमवती अमावस्या को लगता है।