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राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ

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141. बागोर के बारे में निम्नलिखित कथनों को पढ़िये :(i) बागोर से लघुपाषाणोपकरण पुरातत्त्व सामग्री प्राप्त हुई है।(ii) डॉ. एल.एस. लेशनि एवं पूना विश्वविद्यालय के सहयोग से यहाँ उत्खनन कार्य सम्पादित किया है।
  • A. केवल (ii) सही है।
  • B. (i) और (ii) दोनों सही हैं।
  • C. (i) और (ii) दोनों गलत हैं।
  • D. केवल (i) सही है।
Answer: दोनों कथन सही हैं। बागोर से बड़ी संख्या में लघुपाषाण उपकरण मिले हैं और इसका उत्खनन वी.एन. मिश्र (पूना विश्वविद्यालय) और एल.एस. लेशनिक (जर्मनी) के निर्देशन में हुआ।
142. सात अग्नि वेदिकाओं की पंक्ति प्राप्त हुई है –
  • A. गणेश्वर से
  • B. कालीबंगा से
  • C. बैराठ से
  • D. आहड़ से
Answer: कालीबंगा के दुर्ग टीले पर एक कतार में बनी सात आयताकार अग्नि वेदिकाएं या हवन कुंड मिले हैं।
143. भरतपुर जिले के किस गाँव में उत्खनन से ताम्रयुगीन सभ्यता के अवशेष मिले हैं -
  • A. नदबई
  • B. नोह
  • C. रूपबास
  • D. कुम्हेर
Answer: नोह (भरतपुर) से ताम्रयुगीन और विशेष रूप से लौह-युगीन सभ्यता के महत्वपूर्ण अवशेष प्राप्त हुए हैं।
144. निम्न में से कौन सी वस्तु आहड़ सभ्यता के स्थलों से संबंधित नहीं है -
  • A. चावल
  • B. कृष्ण-लोहित मृदभाण्ड
  • C. तांबे की वस्तुएं
  • D. चित्रित धूसर मृदभाण्ड
Answer: चित्रित धूसर मृद्भांड (Painted Grey Ware) का संबंध लौह युगीन संस्कृति से है, जबकि आहड़ ताम्रपाषाणिक संस्कृति थी जिसकी विशेषता कृष्ण-लोहित मृद्भांड थे।
145. प्रागैतिहासिक स्थल, जहाँ से भारी मात्रा में ताम्र उपकरण प्राप्त हुए हैं :
  • A. बैराठ
  • B. कालीबंगा
  • C. गणेश्वर
  • D. तिलवाड़ा
Answer: गणेश्वर से प्राप्त तांबे के उपकरणों में 99% तांबा है, और यहाँ से मछली पकड़ने के कांटे, बाणाग्र आदि बड़ी संख्या में मिले हैं।
146. राजस्थान की किस सभ्यता को मृतकों के टीले के रूप में भी जाना जाता है -
  • A. कालीबंगा
  • B. आहड़
  • C. बैराठ
  • D. बागोर
Answer: आहड़ में शवों को दफनाने की प्रथा के कारण मिले टीलों को 'मृतकों का टीला' (महासतियों का टीला) भी कहा जाता है।
147. आहड़ के उत्खनन का कार्य सर्वप्रथम 1953 ई. में किसके नेतृत्व में हुआ -
  • A. रतनचन्द्र अग्रवाल
  • B. एच. डी. सांकलिया
  • C. वी. एन. मिश्र
  • D. अक्षय कीर्ति व्यास
Answer: आहड़ में उत्खनन की शुरुआत 1953 में अक्षय कीर्ति व्यास के नेतृत्व में की गई थी।
148. निम्नलिखित में से किसके साक्ष्य कालीबंगा के पुरास्थल के उत्खनन से प्राप्त नहीं हुए हैं -
  • A. गेहूँ
  • B. बाजरा
  • C. चावल
  • D. हाथीदाँत की कंघी
Answer: कालीबंगा से जौ, चना और सरसों की मिश्रित खेती के साक्ष्य मिले हैं, लेकिन चावल के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं। चावल के साक्ष्य आहड़ और रंगमहल से मिले हैं।
149. निम्नलिखित में से कौन से स्थल लघुपाषाणयुगीन संस्कृति से संबद्ध हैं -(i) सोजत(ii) धनेरी(iii) तिलवाड़ा(iv) गणेश्वरनिम्नलिखित में से सही उत्तर चुनिए :
  • A. (i) और (ii)
  • B. (i) और (iii)
  • C. (i), (ii) और (iii)
  • D. (i), (ii), (iii) और (iv)
Answer: सोजत, धनेरी और तिलवाड़ा लघुपाषाण (मध्यपाषाण) कालीन स्थल हैं, जबकि गणेश्वर एक ताम्रयुगीन स्थल है।
150. आहड़ का उत्खन्न कार्य किसके नेतृत्व में निष्पादित हुआ -
  • A. एच.डी. सांकलिया
  • B. वी.एन. मिश्रा
  • C. वी.एस. वाकणकर
  • D. बी.बी. लाल
Answer: आहड़ में व्यापक स्तर पर उत्खनन का कार्य डेक्कन कॉलेज, पुणे के प्रोफेसर हसमुख धीरजलाल सांकलिया (एच.डी. सांकलिया) के नेतृत्व में हुआ।