राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ
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211. निम्नलिखित सभ्यताओं का मिलान उनके संबंधित स्थान के साथ कीजिये -सभ्यता स्थान1. लोद्रवा A. भरतपुर2. खानपुरा B. जैसलमेर3. इस्वाल C. झालावाड़4. दार D. उदयपुर
Answer: सही मिलान है: लोद्रवा-जैसलमेर, खानपुरा-झालावाड़, इस्वाल-उदयपुर, दार-भरतपुर।
212. निम्न में से किस स्थल को ताम्रवती नगरी के नाम से भी जाना जाता था -
Answer: तांबे के व्यापक उद्योग के कारण आहड़ को ताम्रवती नगरी के नाम से जाना जाता था।
213. 1998 में राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में इनमें से किस स्थल की खुदाई की गई थी -
Answer: भीलवाड़ा जिले के लच्छुरा नामक स्थल पर 1998 में उत्खनन कार्य किया गया था।
214. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है -
Answer: अन्य सभी कथन गलत हैं। आहड़वासी तांबे को गलाकर उपकरण बनाने में विशेषज्ञ थे।
215. बागोर पुरास्थल के संदर्भ में कौनसे कथन सही हैं -(1) यह कोठारी नदी के तट पर स्थित है।(2) स्थानीय लोग इसे ‘महासती’ के नाम से जानते हैं।(3) इसके उत्खनन कार्य से डॉ. वी.एन. मिश्रा सम्बद्ध रहे।
Answer: ये तीनों ही कथन बागोर सभ्यता के संदर्भ में पूरी तरह से सही हैं।
216. राजस्थान की बालाथल सभ्यता की खोज निम्नलिखित में से किसके द्वारा की गई थी -
Answer: बालाथल सभ्यता की खोज और उत्खनन का श्रेय प्रोफेसर वीरेंद्र नाथ मिश्र (वी. एन. मिश्रा) को जाता है।
217. निम्न में से किस सभ्यता को भारत की ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी माना जा सकता है -
Answer: गणेश्वर से हड़प्पा जैसी सभ्यताओं को भी तांबे की आपूर्ति के कारण इसे 'ताम्रयुगीन सभ्यताओं की जननी' कहा जाता है।
218. आहड़ सभ्यता के बारे में निम्न कथनों पर विचा कीजिए –(A) आहड़वासी तांबा गलाना जानते थे।(B) ये लोग चावल से परिचित नहीं थे।(C) धातु का काम आहड़वासियों की अर्थव्यवस्था की एक साधन था।(D) यहाँ से काले – लाल रंग मद्भाण्ड मिले हैं, जिन पर सामान्यतः सफेद रंग से ज्यामितीय आकृति उकेरी गई हैं।सही विकल्प का चयन कीजिए –
Answer: कथन (B) गलत है क्योंकि आहड़वासी चावल से परिचित थे। अन्य तीनों कथन (A, C, D) सही हैं।
219. गणेश्वर सभ्यता का सम्बन्ध किस नदी से है -
Answer: गणेश्वर सभ्यता नीम का थाना में कांतली नदी के किनारे फली-फूली।
220. बागोर एवं तिलवाड़ा नामक स्थान मुख्यतया निम्न काल से संबंधित थे -
Answer: बागोर (भीलवाड़ा) और तिलवाड़ा (बालोतरा), दोनों ही राजस्थान में मध्य पाषाण काल के प्रमुख स्थल हैं।