राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ
TOPICS ▾
राजस्थान का संगीत एवं लोकगीत
राजस्थान का साहित्य
राजस्थान की चित्र शैलियाँ
राजस्थान की प्रसिद्ध महिला व्यक्तित्व
राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ
राजस्थान की भाषा एवं बोलियाँ
राजस्थान की शब्दावली
राजस्थान की स्थापत्य कला
राजस्थान की हस्तकला
राजस्थान के आभूषण एवं वेशभूषा
राजस्थान के क्षेत्रीय कार्यक्रम
राजस्थान के त्यौहार
राजस्थान के नृत्य
राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व
राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय
राजस्थान के प्रमुख स्थानों के उपनाम
राजस्थान के मेले
राजस्थान के रीति-रिवाज एवं प्रथाएँ
राजस्थान के लोक देवता व देवियाँ
राजस्थान के सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल
SORT BY ▾
QUESTION 311
स्वीडन देश के पुरातत्वविद् हन्नारिड़ के निर्देशन में किस सभ्यता का उत्खन्न हुआ -
Answer: हनुमानगढ़ स्थित रंगमहल सभ्यता का उत्खनन 1952-54 में एक स्वीडिश दल द्वारा डॉ. हन्नारिड़ के नेतृत्व में किया गया था।
QUESTION 312
गणेश्वर सभ्यता थी -
Answer: गणेश्वर सभ्यता एक प्राक्-हड़प्पा ताम्र युगीन सभ्यता थी, जहाँ से बड़ी मात्रा में तांबे के उपकरण प्राप्त हुए हैं।
QUESTION 313
शैल चित्र और पंचमार्क मुद्राओं के प्रमाण किस सभ्यता से मिले हैं -
Answer: बैराठ से प्रागैतिहासिक काल के शैल चित्र (रॉक पेंटिंग्स) और मौर्यकाल से संबंधित चांदी की पंचमार्क (आहत) मुद्राएं प्राप्त हुई हैं।
QUESTION 314
ब्राह्मी लिपि युक्त एक मिट्टी की मुहर कहाँ से प्राप्त हुई है -
Answer: टोंक के रैढ़ नामक पुरातात्विक स्थल से ब्राह्मी लिपि में 'मालव जनपदस' अंकित एक मिट्टी की मुहर प्राप्त हुई है।
QUESTION 315
निम्नलिखित में से कौन सा/से मध्यपाषाण स्थल राजस्थान में स्थित है/हैं -A. बागोरB. रत्नापुरC. तिलवाराD. लोटेश्वर
Answer: बागोर (भीलवाड़ा) और तिलवाड़ा (बालोतरा) दोनों राजस्थान में स्थित महत्वपूर्ण मध्यपाषाण (Mesolithic) कालीन स्थल हैं।
QUESTION 316
आहड़ संस्कृति के लोग निम्नाकित में से किस धातु से परिचित नहीं थे -
Answer: आहड़ के लोग तांबा गलाने और उसके उपकरण बनाने में माहिर थे। वे लोहे से भी परिचित हो चुके थे, लेकिन यहां से चांदी के उपयोग का कोई निश्चित प्रमाण नहीं मिला है।
QUESTION 317
आहड़ सभ्यता किस अन्य नाम से भी जानी जाती है -
Answer: दसवीं और ग्यारहवीं शताब्दी में आहड़ को 'आघाटपुर' या 'आघाटदुर्ग' के नाम से जाना जाता था, जो इसका एक प्राचीन नाम है।
QUESTION 318
आहड़ को ताम्रवती नाम से भी जाना जाता था क्योंकि -
Answer: आहड़ तांबे के अयस्क को गलाकर औजार और उपकरण बनाने का एक बड़ा केंद्र था। यहाँ से बड़ी संख्या में तांबे की वस्तुएं मिलने के कारण इसे 'ताम्रवती' कहा जाता था।
QUESTION 319
300 ई. पू. से 300 ई. तक के काल के राजस्थान में गोल चैत्य कहाँ मिला है -
Answer: बैराठ की बीजक की पहाड़ी से मौर्यकालीन गोल बौद्ध चैत्यगृह (मंदिर) के अवशेष मिले हैं।
QUESTION 320
आहड़ का प्राचीन नाम था:
Answer: आहड़ का एक प्रमुख प्राचीन नाम 'ताम्रवती' था, जो यहाँ तांबे के व्यापक उद्योग को दर्शाता है।