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किसान एवं आदिवासी आन्दोलन

किसान एवं आदिवासी आन्दोलन
QUESTION 271
बिजोलिया किसान आंदोलन के नेतृत्व और चरणों के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है -
  • A पहले चरण (1897-1916) का नेतृत्व साधु सीताराम दास ने किया था, और इसकी शुरुआत गिरधरपुरा गाँव में हुई थी।
  • B विजय सिंह पथिक ने 1917 में “ऊपरमाल पंच बोर्ड” की स्थापना की और दूसरे चरण (1916-1923) के दौरान “ऊपरमाल का डंका” नामक एक समाचार पत्र प्रकाशित किया।
  • C तीसरे चरण (1923-1941) में माणिक्यलाल वर्मा और जमनालाल बजाज जैसे नेताओं की भागीदारी देखी गई, और आंदोलन बेगार प्रथा के उन्मूलन के साथ समाप्त हुआ।
  • D साधु सीताराम दास को 1923 में गिरफ्तार किया गया और 6 साल की जेल की सजा सुनाई गई, जो पहले चरण का अंत था।
Answer: साधु सीताराम दास को आंदोलन से अलग कर दिया गया था, लेकिन उन्हें 1923 में गिरफ्तार कर 6 साल की जेल नहीं हुई थी। यह कथन गलत है।
QUESTION 272
सम्प सभा की स्थापना किसने की -
  • A माणिक्यलाल वर्मा
  • B जयनारायण व्यास
  • C बलवंतसिंह मेहता
  • D गोविन्द गिरी
Answer: गोविंद गिरि ने 1883 में भीलों को संगठित करने और उनमें सामाजिक सुधार लाने के उद्देश्य से 'सम्प सभा' की स्थापना की थी।
QUESTION 273
चुरू में ‘सर्वहितकारिणी सभा’ की स्थापना कब एवं किसने की -
  • A 1907 ई. स्वामी गोपालदास
  • B 1909 ई. मघाराम वैद्य
  • C 1912 ई. प्यारेलाल साधु
  • D 1913 ई. विष्णुदत्त
Answer: स्वामी गोपालदास ने शिक्षा और सामाजिक सुधारों को बढ़ावा देने के लिए 1907 में चूरू में 'सर्वहितकारिणी सभा' की स्थापना की।
QUESTION 274
‘दूधवा खारा आन्दोलन’ किस रियासत से संबंधित है -
  • A बीकानेर
  • B अलवर
  • C जैसलमेर
  • D भरतपुर
Answer: दूधवा खारा गाँव, जो वर्तमान में चूरू जिले में है, उस समय बीकानेर रियासत का हिस्सा था। यहाँ के किसानों ने जागीरदारों के अत्याचारों के खिलाफ आंदोलन किया था।
QUESTION 275
श्री मोतीलाल तेजावत द्वारा एकी आंदोलन की शुरुआत कहाँ से की गई -
  • A उदयपुर
  • B मातृकुण्डिया
  • C नीमड़ा
  • D डूंगरपुर
Answer: मोतीलाल तेजावत ने 1921 में वैशाख पूर्णिमा के दिन चित्तौड़गढ़ के मातृकुंडिया नामक स्थान से 'एकी आंदोलन' की शुरुआत की थी, जिसे 'मेवाड़ का हरिद्वार' भी कहा जाता है।
QUESTION 276
बीकानेर किसान आंदोलन के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है -
  • A महाराजा गंगा सिंह द्वारा 1925 में शुरू की गई गंगनहर परियोजना के परिणामस्वरूप अप्रैल 1929 में जमींदार संघ का गठन हुआ, जो 1947 तक श्री गंगानगर, श्री करणपुर और अन्य क्षेत्रों में शाखाओं के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हुआ।
  • B जागीर क्षेत्रों में, जीवन चौधरी के नेतृत्व में 37 प्रकार के लाग-बाग और बेगार के खिलाफ 1937 में उदरासर में आंदोलन शुरू हुआ, लेकिन यह महाराजा से कोई महत्वपूर्ण सफलता हासिल करने में विफल रहा।
  • C अप्रैल 1932 में बीकानेर षडयंत्र में लंदन में “बीकानेर दिग्दर्शन” पर्चे बांटे गए, जिसके कारण स्वामी गोपालदास और अन्य को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया।
  • D 1942 में कांगड़ कांड, बीकानेर किसान आंदोलन की अंतिम घटना, रतनगढ़ (चूरू) में हुई।
Answer: कांगड़ कांड 1946 में हुआ था, 1942 में नहीं। यह बीकानेर किसान आंदोलन की एक महत्वपूर्ण घटना थी।
QUESTION 277
दौलत राम सारण को राजस्थान में सम्बोधित किया जाता था यह कहकर -
  • A महात्मा
  • B किसानों का मसीहा
  • C बाबू जी
  • D राजा
Answer: दौलत राम सारण एक प्रमुख किसान नेता थे जिन्होंने किसानों के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया, जिसके कारण उन्हें सम्मानपूर्वक 'किसानों का मसीहा' कहा जाता था।
QUESTION 278
किसे आदिवासियों का गांधी या बांगड़ का गांधी कहते हैं -
  • A हरिभाऊ उपाध्याय
  • B गुरू गोविन्द गिरि
  • C भोगीलाल पाण्ड्या
  • D गोकुल भाई भट्ट
Answer: भोगीलाल पांड्या ने अपना जीवन वागड़ क्षेत्र (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) के आदिवासियों की सेवा और उनके सामाजिक उत्थान में समर्पित कर दिया, इसलिए उन्हें 'वागड़ का गांधी' कहा जाता है।
QUESTION 279
निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिये -1. डाबरा काण्ड2. नीमूचना काण्ड3. चण्डावल कांड4. मानगढ़ पहाड़ी हत्याकाण्ड
  • A 1, 2, 4, 3
  • B 1, 2, 3, 4
  • C 4, 2, 3, 1
  • D 3, 1, 4, 2
Answer: घटनाओं का सही कालानुक्रम है: मानगढ़ पहाड़ी हत्याकांड (1913), नीमूचाणा कांड (1925), चण्डावल कांड (1942), और डाबरा कांड (1947)।
QUESTION 280
मेवाड़ में 1881 का भील विद्रोह कहाँ से शुरू हुआ -
  • A खेरवाड़ा
  • B बारापाल
  • C कोटडा
  • D रिखबदेव
Answer: 1881 का भील विद्रोह, जो मुख्य रूप से नई प्रशासनिक और वन नीतियों के खिलाफ था, बारापाल गाँव से शुरू हुआ था।