Adyayan.com

किसान एवं आदिवासी आन्दोलन

किसान एवं आदिवासी आन्दोलन
QUESTION 281
निम्नलिखित में से कौन सी घटना या परिणाम अलवर में नीमूचाणा किसान आंदोलन (14 मई 1925) से सटीक रूप से संबंधित नहीं है -
  • A महाराजा जय सिंह द्वारा लगान दरों में वृद्धि के कारण आंदोलन शुरू हुआ, जिसके कारण नीमूचाणा गांव में किसानों की एक सभा हुई, जिसमें 156 लोग शहीद हुए।
  • B गांधी ने “यंग इंडिया” में नीमूचाणा नरसंहार को “दोहरी द्वैध शासन” के रूप में वर्णित किया, इसे जलियांवाला बाग हत्याकांड से भी बदतर बताया।
  • C “रियासत” और “तरुण राजस्थान” समाचार पत्रों ने इस घटना को उजागर किया, बाद वाले ने इसे चित्रों के साथ प्रकाशित किया, और राजपूत किसान प्रमुख रूप से शामिल थे।
  • D आंदोलन सफलतापूर्वक समाप्त हो गया, क्योंकि किसानों को जंगली सूअरों को मारने की अनुमति मिल गई, जो अलवर राज्य के खिलाफ एक बड़ी शिकायत थी।
Answer: जंगली सूअरों को मारने की अनुमति वाला आंदोलन 1921 में हुआ था और वह सफल रहा था। जबकि नीमूचाणा आंदोलन 1925 में बढ़ी हुई लगान दरों के खिलाफ हुआ था। दोनों अलग-अलग आंदोलन थे।
QUESTION 282
भूपसिंह का सम्बन्ध किस किसान आंदोलन से था -
  • A बेगु किसान आंदोलन
  • B बिजौलिया किसान आंदोलन
  • C बूंदी किसान आंदोलन
  • D बीकानेर किसान आंदोलन
Answer: भूपसिंह, विजय सिंह पथिक का मूल नाम था। उन्होंने 1916 में बिजोलिया किसान आंदोलन का नेतृत्व संभाला था।
QUESTION 283
निम्नलिखित में से गलत युग्म को पहचानिएः
  • A बिजौलिया किसान आन्दोलन : विजय सिंह पथिक
  • B बेगूं किसान आन्दोलन : रामनारायण चौधरी
  • C मीणा आंदोलन: मोतीलाल तेजावत्त
  • D भगत आंदोलन : गुरु गोविन्द गिरि
Answer: मीणा आंदोलन का नेतृत्व बंशीधर शर्मा और मगन सागर जी महाराज जैसे नेताओं ने किया था। मोतीलाल तेजावत ने भीलों के 'एकी आंदोलन' का नेतृत्व किया था।
QUESTION 284
निम्न में से कौन बूंदी राज्य में हुए कृषक आन्दोलन का नेता था -
  • A नैनू राम शर्मा
  • B साधु सीताराम दास
  • C हनुमान सिंह
  • D जीवन चौधरी
Answer: पंडित नैनूराम शर्मा ने बूंदी के बरड़ क्षेत्र में किसानों पर हो रहे अत्याचारों, बेगार और ऊंची लगान दरों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन का नेतृत्व किया था।