राजस्थान के लोक देवता व देवियाँ
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101. हरिरामजी बाबा के संदर्भ में कौनसा युग्म संगम है -
Answer: हरिराम बाबा की पूजा मुख्यतः सर्प दंश के इलाज के लिए की जाती है। उनका मंदिर नागौर के झोरड़ा गाँव में है।
102. किस देवी को नर बलि दी जाती थी -
Answer: ऐसी मान्यता है कि प्राचीन काल में आमेर की शिला देवी को नर बलि दी जाती थी, जिसे बाद में बंद कर छाग बलि (बकरे की बलि) दी जाने लगी।
103. निम्नलिखित में से किसे राठौड़ राजवंश की कुल देवी के रूप में भी जाना जाता है -
Answer: नागणेची माता जोधपुर सहित विभिन्न राठौड़ वंशों की कुलदेवी हैं। उनका मुख्य मंदिर नागाणा (बाड़मेर) में है।
104. अलवर क्षेत्र की लोकदेवी के रूप में किसे मान्यता प्राप्त है -
Answer: जिलाणी माता का मंदिर अलवर जिले के बहरोड़ कस्बे में है और वे इस क्षेत्र की प्रमुख आराध्य देवी हैं।
105. रिखिया, ब्यावले और नेजा निम्न में से किस लोक देवता से संबंधित हैं -
Answer: 'नेजा' रामदेवजी की पचरंगी ध्वजा है, 'ब्यावले' उनके भजन हैं और 'रिखिया' मेघवाल जाति के भक्त होते हैं। ये सभी रामदेवजी से संबंधित हैं।
106. ‘हाली’ द्वारा हल जोतना आरम्भ करते समय जो ‘गोगा राखड़ी’ बांधी जाती है उसमें कितनी गांठे होती हैं -
Answer: किसान हल जोतने से पहले हल और हाली (चालक) दोनों को नौ गांठों वाली 'गोगा राखड़ी' बांधते हैं, जो गोगाजी का प्रतीक है।
107. ऊँटों के देवता के रूप में कौनसे देव लोकप्रिय है-
Answer: पाबूजी को मारवाड़ में सबसे पहले ऊँट लाने का श्रेय दिया जाता है, इसलिए उन्हें 'ऊँटों का देवता' कहा जाता है। ऊँट पालने वाली रेबारी जाति उन्हें अपना आराध्य मानती है।
108. राठौड़ राजवंश की कुलदेवी कौन है -
Answer: नागणेची माता राठौड़ वंश की कुलदेवी हैं। उनकी मूर्ति कर्नाटक से लाई गई थी और मुख्य मंदिर नागाणा (बाड़मेर) में है।
109. सेन(नाई) समाज की कुलदेवी के रूप में प्रसिद्ध लोक-देवी कौन हैं -
Answer: अलवर में स्थित नारायणी माता का मंदिर सेन (नाई) समाज की कुलदेवी के रूप में प्रसिद्ध है।
110. लोक देव गोगा जी के पुत्र कौन थे -
Answer: केसरिया कुंवर जी को लोक देवता गोगाजी का पुत्र माना जाता है और उन्हें भी सर्प रक्षक देवता के रूप में पूजा जाता है।