राजस्थान के लोक देवता व देवियाँ
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QUESTION 121
किस लोकदेवता की पत्नी ‘सती’ नहीं हुई -
Answer: पाबूजी की पत्नी फूलमदे, तेजाजी की पत्नी पेमल और गोगाजी की पत्नी केलमदे सती हुईं थीं, जबकि हड़बूजी ने विवाह नहीं किया था।
QUESTION 122
गायों की रक्षा में अपने प्राणोत्सर्ग करने वालों में कौन प्रसिद्ध है -
Answer: तेजाजी (लाछा गुर्जरी की गायें), पाबूजी (देवल चारणी की गायें) और गोगाजी (अपने मौसेरे भाइयों से गायें), इन सभी ने गायों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था।
QUESTION 123
करणी माता का बचपन का नाम था -
Answer: करणी माता के बचपन का नाम रिदु बाई (या रिद्धि बाई) था। 'करणी' नाम उन्हें उनकी चमत्कारिक शक्तियों के कारण बाद में मिला।
QUESTION 124
निम्न में से असत्य कथन को पहचानिये -
Answer: यह कथन असत्य है। रामदेवजी का जन्म बाड़मेर जिले के उण्डूकासमेर गाँव में हुआ था। रूणिचा (जैसलमेर) उनकी समाधि स्थली और कर्मस्थली है।
QUESTION 125
लोकदेवी जीणमाता मंदिर स्थित है -
Answer: जीण माता का प्रसिद्ध मंदिर सीकर जिले के रेवासा गाँव के पास की पहाड़ियों पर स्थित है।
QUESTION 126
ग्वालों के देवता के रूप में विख्यात हैं -
Answer: देव बाबा को पशुपालकों, विशेषकर ग्वालों के पालनहार और कष्ट-निवारक देवता के रूप में पूजा जाता है। उनका मुख्य मंदिर नगला जहाज (भरतपुर) में है।
QUESTION 127
लोकदेवता तेजाजी महाराज का पवित्र तीर्थस्थल बांसी दुगारी कहां स्थित है -
Answer: बांसी दुगारी, जिसे तेजाजी की कर्मस्थली माना जाता है, राजस्थान के बूंदी जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है।
QUESTION 128
बिलाडा का संबंध किस लोक देवी से है -
Answer: आई माता, जो रामदेवजी की शिष्या थीं, का मुख्य मंदिर जोधपुर के बिलाड़ा में स्थित है। वे सीरवी समाज की कुलदेवी हैं।
QUESTION 129
जैसलमेर के नरेश कुलदेवी के रूप में किस देवी की पूजा करते थे -
Answer: स्वांगिया माता जैसलमेर के भाटी राजवंश की कुलदेवी हैं। आवड़ माता को ही स्वांगिया माता का अवतार माना जाता है।
QUESTION 130
चुरू जिले के ददरेवा ग्राम से सम्बंधित हैं -
Answer: ददरेवा, जो चुरू जिले में है, लोक देवता गोगाजी का जन्म स्थान है। इसे 'शीर्षमेड़ी' भी कहते हैं।