राजस्थान के लोक देवता व देवियाँ
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161. आवरीमाता का मंदिर है -
Answer: लकवाग्रस्त लोगों का इलाज करने के लिए प्रसिद्ध आवरी माता का मंदिर चित्तौड़गढ़ जिले के निकुम्भ में स्थित है।
162. ऊँटों के देवता के रूप में किसे पूजा जाता है -
Answer: पाबूजी को मारवाड़ में ऊँट लाने का श्रेय दिया जाता है, इसीलिए उन्हें 'ऊँटों के देवता' के रूप में पूजा जाता है।
163. ‘कनफटे जोगी’ डमरू एवं सारंगी वाद्य यन्त्रों के साथ किस देवी के गीत गाते हैं -
Answer: कनफटे जोगी (नाथ संप्रदाय के) डमरू और सारंगी बजाते हुए जीण माता के भक्ति गीत गाते हैं, जो राजस्थान का सबसे लंबा लोकगीत माना जाता है।
164. अष्टभुजी देवी “जीण माता” किस देवी का अवतार मानी जाती हैं -निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
Answer: जीण माता को शक्ति की देवी, दुर्गा का अवतार माना जाता है, और उनकी पूजा अष्टभुजी प्रतिमा के रूप में होती है।
165. नेजा है -
Answer: नेजा, रामदेवजी के मंदिर पर फहराई जाने वाली पांच रंगों की ध्वजा (पताका) को कहा जाता है।
166. बालकनाथ के रूप में किसे हिमाचल प्रदेश में पूजा जाता है -
Answer: रूपनाथ जी (झरड़ाजी), जो पाबूजी के भतीजे थे, को हिमाचल प्रदेश में 'बालकनाथ' के रूप में पूजा जाता है।
167. क्षेत्रपाल राजस्थान की संस्कृति में एक महत्वपूर्ण पहलू रहा है-
Answer: क्षेत्रपाल को पूरे क्षेत्र की रक्षा करने वाले 'ग्राम देवता' या 'खेतलाजी' के रूप में पूजा जाता है।
168. तेजाजी का मुख्य तीर्थ स्थल कहां पर है -
Answer: तेजाजी का मुख्य तीर्थ स्थल और जन्म स्थान नागौर जिले का खड़नाल (खरनाल) गाँव है।
169. कौन सी लोक देवी झाला वंश की कुलदेवी हैं -
Answer: आद माता, जिन्हें बड़ी माता भी कहा जाता है, झाला राजवंश की कुलदेवी हैं।
170. 'लांगुरिया गीत' किस लोक देवी से संबंधित है-
Answer: करौली स्थित कैला देवी के मंदिर में उनके भक्त आराधना के लिए 'लांगुरिया' गीत गाते हैं।