राजस्थान के लोक देवता व देवियाँ
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21. लोक देवता वीर तेजाजी का जन्म स्थल है -
Answer: वीर तेजाजी का जन्म नागौर जिले के खरनाल गाँव में हुआ था। यह उनका मुख्य पूजा स्थल भी है।
22. लुले, लंगड़े और लकवाग्रस्त लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती हैं -
Answer: चित्तौड़गढ़ के निकुंभ में स्थित आवरी माता का मंदिर लकवा और पोलियो से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए प्रसिद्ध है।
23. भूमि के देवता के रूप में कौन विख्यात है-
Answer: भोमिया जी को भूमि रक्षक देवता के रूप में पूजा जाता है। गाँव की सीमाओं की रक्षा करने और भूमि संबंधी विवादों को सुलझाने के लिए उनकी पूजा की जाती है।
24. करौली में कैलादेवी का मंदिर किस नदी के किनारे स्थित है -
Answer: करौली में त्रिकुट पर्वत की घाटी में स्थित कैलादेवी का भव्य मंदिर कालीसिल नदी के किनारे बना हुआ है।
25. चार हाथों वाला लोकदेवता किसे कहा जाता है -
Answer: वीर कल्लाजी राठौड़ ने चित्तौड़ के तीसरे साके में अपने ताऊ जयमल राठौड़ को कंधों पर बिठाकर युद्ध किया था, जिससे देखने वालों को उनके चार हाथ दिखाई दिए। इसी कारण वे 'चार हाथों वाले देवता' कहलाए।
26. चारण चरजाएं से क्या अभिप्राय है -
Answer: चारण जाति के लोग अपनी कुलदेवी करणी माता की आराधना में जो विशेष स्तुति गीत गाते हैं, उन्हें 'चरजाएं' कहा जाता है।
27. गोगाजी का जन्मस्थल ददरेवा क्या कहलाता है -
Answer: युद्ध के दौरान गोगाजी का सिर ददरेवा (चूरू) में गिरा था, इसलिए इस स्थान को शीर्षमेड़ी कहा जाता है। उनका धड़ गोगामेड़ी (हनुमानगढ़) में गिरा था, जिसे धुरमेड़ी कहते हैं।
28. निम्नलिखित में से कौनसा लोकदेवता साँपों से भी सम्बंधित है -
Answer: गोगाजी को 'नागराज' का अवतार माना जाता है और वे साँपों के देवता के रूप में पूजे जाते हैं। सर्पदंश से मुक्ति के लिए उनकी पूजा की जाती है।
29. वह लोक देवी, जो रामदेवजी की शिष्या मानी जाती है-
Answer: आई माता, जिनका मुख्य मंदिर बिलाड़ा (जोधपुर) में है, लोकदेवता रामदेवजी की शिष्या थीं। वे सीरवी जाति की कुलदेवी हैं।
30. ‘बीजासण माता’ का मंदिर किस जिले में स्थित है -
Answer: बीजासण माता का प्रसिद्ध मंदिर बूंदी जिले के इंदरगढ़ में एक ऊँचे पर्वत पर स्थित है।