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स्थानीय स्वायत्त शासन एवं पंचायती राज

राजस्थान में त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था और 73वें संशोधन पर आधारित महत्वपूर्ण MCQs हल करें।

स्थानीय स्वायत्त शासन एवं पंचायती राज
QUESTION 181
अनुच्छेद 243ZE के तहत गठित महानगर योजना समिति के कितने न्यूनतम सदस्य, नगरपालिकाओं और पंचायतों में से निर्वाचित होते हैं -
  • A (अ) एक-तिहाई
  • B (ब) दो-तिहाई
  • C (स) दस प्रतिशत
  • D (द) बीस प्रतिशत
Answer: संविधान के अनुच्छेद 243ZE के अनुसार, महानगर योजना समिति के कम से कम दो-तिहाई सदस्य उस महानगरीय क्षेत्र की नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों और पंचायतों के अध्यक्षों द्वारा अपने में से चुने जाते हैं।
QUESTION 182
निम्न में से कौन-सा ग्राम पंचायत की आय का स्रोत है -
  • A (अ) भूमि कर
  • B (ब) आय कर
  • C (स) बिक्री कर
  • D (द) संपत्ति कर
Answer: ग्राम पंचायतें राज्य सरकार द्वारा लगाए गए भूमि कर (Land Revenue) पर उपकर (cess) लगा सकती हैं, जो उनकी आय का एक स्रोत होता है। आयकर और बिक्री कर केंद्र और राज्य सरकार के अधीन होते हैं।
QUESTION 183
पंचायती राज अधिनियम के अनुसार पंच, उपसरपंच व सरपंच अपना त्यागपत्र किसको सौंपते हैं -
  • A (अ) उपखण्ड अधिकारी
  • B (ब) जिला प्रमुख
  • C (स) विकास अधिकारी
  • D (द) जिला कलेक्टर
Answer: राजस्थान पंचायती राज अधिनियम के तहत, ग्राम पंचायत के सरपंच, उप-सरपंच और पंच अपना त्यागपत्र संबंधित पंचायत समिति के विकास अधिकारी (BDO - Block Development Officer) को सौंपते हैं।
QUESTION 184
भारत के संविधान की 12वीं अनुसूची के अनुच्छेद 243 W के अनुसार नगरपालिकाओं का कौनसा विषय नहीं है -
  • A (अ) जन्म-मरण सांख्यिकी
  • B (ब) सड़कें और पुल
  • C (स) अग्निशमन सेवायें
  • D (द) बाजार और मेले
Answer: 'बाजार और मेले' (Markets and fairs) का विषय संविधान की 11वीं अनुसूची (पंचायतों से संबंधित) में शामिल है, न कि 12वीं अनुसूची (नगरपालिकाओं से संबंधित) में।
QUESTION 185
किस संशोधन अधिनियम द्वारा ग्राम सेवक को ग्राम विकास अधिकारी से प्रतिस्थापित किया गया है -
  • A (अ) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2015
  • B (ब) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2017
  • C (स) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2019
  • D (द) राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2021
Answer: राजस्थान सरकार ने 2021 में एक संशोधन के माध्यम से 'ग्राम सेवक' पद का नाम बदलकर 'ग्राम विकास अधिकारी' (Village Development Officer - VDO) कर दिया था।
QUESTION 186
राजस्थान में एक ग्राम सभा बनती है -
  • A (अ) ग्राम-पंचायत के निर्वाचित सदस्यों से
  • B (ब) ग्राम-पंचायत की कार्यकारी समिति से
  • C (स) पंचायत सर्किल में आने वाले गांव/गांवों के पंजीकृत मतदाताओं से
  • D (द) पंचायत-सर्किल में आने वाले गांव/गांवों के सभी निवासियों से
Answer: ग्राम सभा में उस पंचायत क्षेत्र की मतदाता सूची में पंजीकृत सभी वयस्क मतदाता शामिल होते हैं। यह पंचायती राज व्यवस्था की मूल इकाई है।
QUESTION 187
अनुसूचित क्षेत्रों के अलावा, राजस्थान में जिला परिषद-सीट पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए कौन सी शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य कर दी गई है -
  • A (अ) कक्षा 5 उत्तीर्ण
  • B (ब) कक्षा 7 उत्तीर्ण
  • C (स) कक्षा 10 उत्तीर्ण
  • D (द) इनमें से कोई नहीं
Answer: राजस्थान में 2015 में पंचायती राज चुनावों के लिए शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान किया गया था, लेकिन राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2019 के द्वारा इस अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया।
QUESTION 188
राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2019 द्वारा, राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की किस धारा के प्रावधानों में संशोधन किया गया -
  • A (अ) धारा 29
  • B (ब) धारा 19
  • C (स) धारा 30
  • D (द) धारा 25
Answer: 2019 के संशोधन ने धारा 19 में बदलाव किया था। यह धारा पंच या सरपंच के रूप में चुने जाने के लिए योग्यताओं से संबंधित है, और इसी में से शैक्षणिक योग्यता की शर्त को हटाया गया था।
QUESTION 189
निम्नलिखित में से रियासती राज्यों के किस समूह ने स्वाधीनता से पहले पंचायतों पर विधेयक पारित कर दिया था -
  • A (अ) अलवर, बाँसवाड़ा, करौली, सिरोही
  • B (ब) बाँसवाड़ा, बीकानेर, भरतपुर, बूँदी
  • C (स) जोधपुर, जयपुर, उदयपुर, सिरोही
  • D (द) करौली, बूँदी, अलवर, जैसलमेर
Answer: स्वतंत्रता से पहले, राजस्थान की कई रियासतों ने ग्राम पंचायतों की स्थापना के लिए कानून बनाए थे। बीकानेर (1928) पहली रियासत थी, जिसके बाद जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, सिरोही, उदयपुर और करौली ने भी कानून पारित किए।
QUESTION 190
राजस्थान पंचायत अधिनियम किस वर्ष में लागू किया गया था -
  • A (अ) 1956
  • B (ब) 1954
  • C (स) 1955
  • D (द) 1953
Answer: स्वतंत्रता के बाद राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था को कानूनी रूप देने के लिए 'राजस्थान पंचायत अधिनियम, 1953' पारित किया गया और इसे 1954 में लागू किया गया था।