राजस्थान का संगीत एवं लोकगीत
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SORT BY ▾QUESTION 211
‘हर रौ हिंडोळौ’ कद गायो जावै -
Answer: ‘हर रौ हिंडोळौ’ एक शोक गीत है, जो किसी वृद्ध व्यक्ति की मृत्यु पर गाया जाता है।
QUESTION 212
‘तालबंदी गायिकी’ प्रचलित है -
Answer: तालबंदी गायिकी, जो कि एक शास्त्रीय संगीत शैली है, पूर्वी राजस्थान के अलवर, भरतपुर क्षेत्रों में प्रचलित है।
QUESTION 213
वाद्य यंत्रों के वर्गीकरण में “एकतारा” किस घराने से संबंधिन है -निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
Answer: एकतारा एक तार वाला वाद्य यंत्र है, इसलिए यह 'तत्' (टाट) वाद्य की श्रेणी में आता है।
QUESTION 214
पाबूजी के भोपों का वाद्ययंत्र है -
Answer: पाबूजी की फड़ का वाचन करते समय भोपे रावणहत्था नामक वाद्य यंत्र का प्रयोग करते हैं।
QUESTION 215
हेला ख्याल में प्रयुक्त होने वाला प्रमुख वाद्य है-
Answer: हेला ख्याल, जो कि दौसा और सवाई माधोपुर में लोकप्रिय है, में मुख्य रूप से नौबत का प्रयोग होता है।
QUESTION 216
चकरी व धाकड़ नृत्य संबंधित है-
Answer: चकरी और धाकड़ नृत्य कंजर जनजाति की महिलाओं और पुरुषों द्वारा किए जाने वाले प्रसिद्ध नृत्य हैं।
QUESTION 217
कामण गीत गाए जाते हैं -
Answer: विवाह के समय वर को जादू-टोने और बुरी नजर से बचाने के लिए कामण गीत गाए जाते हैं।
QUESTION 218
गरासिया जनजाति का लोक नृत्य है -
Answer: वालर गरासिया जनजाति का एक प्रसिद्ध नृत्य है, जिसे बिना किसी वाद्य यंत्र के किया जाता है।
QUESTION 219
‘बागड़ की मीरा’ के नाम से निम्न में से कौन प्रसिद्ध है -
Answer: डूंगरपुर की गवरी बाई को उनकी कृष्ण भक्ति के कारण 'बागड़ की मीरा' कहा जाता है।
QUESTION 220
शंख का प्रवर्तक माना जाता है-
Answer: हिन्दू धर्म में शंख को भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है और वे इसे अपने हाथ में धारण करते हैं।