राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय
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SORT BY ▾QUESTION 131
किण संत री वाणियां रो संग्रे ‘हरडे वाणी’ नांव सूं संकलित करीज्यो -
Answer: संत दादू दयाल के उपदेशों और वाणियों का संग्रह उनके शिष्यों द्वारा 'हरडेवाणी' नामक ग्रंथ में किया गया था।
QUESTION 132
‘धर्म जहाज’, ‘भक्ति पदारथ’ एवं ‘नासकेत लीला’ रचनाएं निम्न में से किस संत की है -
Answer: ये सभी ग्रंथ संत चरणदास द्वारा रचे गए हैं, जो चरणदासी सम्प्रदाय के संस्थापक थे।
QUESTION 133
मावजी ने किस भाषा में “कृष्ण लीला” लिखी थी -
Answer: संत मावजी वागड़ क्षेत्र (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) के थे, इसलिए उन्होंने अपने ग्रंथों की रचना स्थानीय बोली वागड़ी में की।
QUESTION 134
जांभोजी की प्रमुख कार्यस्थली रही-
Answer: सम्भराथल (बीकानेर) वह स्थान है जहाँ जाम्भोजी ने अपने अनुयायियों को उपदेश दिए और विश्नोई सम्प्रदाय की स्थापना की।
QUESTION 135
निम्नलिखित में से कौन सा कथन संत दादू दयाल के बारे में सही नहीं है -
Answer: संत दादू दयाल का जन्म 1544 ई. में अहमदाबाद (गुजरात) में हुआ था, न कि इलाहाबाद में। बाकी सभी कथन सही हैं।
QUESTION 136
‘सिंभूदड़ा व कोंडा’ क्या हैं -
Answer: ये दोनों जसनाथी सम्प्रदाय के प्रमुख ग्रंथ हैं, जिनमें संत जसनाथ जी के उपदेश और शिक्षाएं संगृहीत हैं।
QUESTION 137
भक्ति संत रानाबाई का जन्म कहाँ हुआ था -
Answer: रानाबाई, जिन्हें 'राजस्थान की दूसरी मीरा' कहा जाता है, का जन्म नागौर के हरनावा गाँव में हुआ था।
QUESTION 138
कतरियासर प्रमुख गद्दी है –
Answer: बीकानेर का कतरियासर गाँव जसनाथी सम्प्रदाय की प्रमुख गद्दी या पीठ है।
QUESTION 139
अष्ट छाप कवि मंडली का संगठन किया-
Answer: वल्लभाचार्य के पुत्र विट्ठलनाथ ने अपने पिता और अपने चार-चार शिष्यों को मिलाकर 'अष्टछाप कवि मंडली' का गठन किया था।
QUESTION 140
दादू पंथ का साहित्य किस भाषा में संगृहीत है -
Answer: संत दादूदयाल ने अपने उपदेश स्थानीय भाषा ढूंढाड़ी (या साधुक्कड़ी) में दिए ताकि आम लोग उन्हें आसानी से समझ सकें।