राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय
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141. किस सूफी संत ने नागौर के पास ‘सुचाल’ गाँव में अपना केन्द्र बनाकर शांतिपूर्वक प्रचार किया
Answer: शेख हमीदुद्दीन नागौरी ने नागौर के पास सुवाल (सुचाल) गाँव में खेती करते हुए एक सादा जीवन बिताया और शांतिपूर्वक अपने विचारों का प्रचार किया।
142. ‘धौलीधूप’ राजस्थान के किस संत से सम्बन्धित है -
Answer: संत लालदास का जन्म अलवर के धौलीदूब गाँव में हुआ था, इसलिए यह स्थान उनसे संबंधित है।
143. लालनाथ जी निम्नलिखित में से किस संप्रदाय के संत थे -
Answer: लालनाथ जी, जसनाथी सम्प्रदाय के एक सिद्ध संत थे।
144. मीरा ने अपना अन्तिम समय किस जगह पर बिताया था -
Answer: मीराबाई ने अपना अंतिम जीवन गुजरात में द्वारिका के रणछोड़ मंदिर में कृष्ण भक्ति में बिताया।
145. रामस्नेही सम्प्रदाय के संस्थापक संत रामचरण के गुरू कौन थे -
Answer: संत रामचरण जी ने दांतड़ा (भीलवाड़ा) के संत कृपाराम जी से दीक्षा ली थी।
146. निम्न में से राजस्थान के कौन-से संत गागरोण के खीची राजपूत शासक थे -
Answer: संत पीपा, जिनका मूल नाम प्रतापसिंह खींची था, संत बनने से पहले गागरोन के शासक थे।
147. संत लालदास .......... के लिए अच्छी तरह से जाने जाते हैं -
Answer: संत लालदास ने हिंदू और मुस्लिम एकता पर जोर दिया। उनका मानना था कि ईश्वर एक है, चाहे उसे राम कहो या रहीम, इसलिए वे सांप्रदायिक सद्भाव के लिए जाने जाते हैं।
148. दादूपंथ का प्रमुख केन्द्र :
Answer: नारायणा (जयपुर के पास) दादूपंथ का प्रमुख केंद्र है, क्योंकि संत दादूदयाल ने अपने जीवन का अंतिम समय यहीं बिताया और यहीं उनकी मुख्य गद्दी स्थापित है।
149. निम्नलिखित में से किस संत को ‘राजस्थान का कबीर’ कहा जाता है -
Answer: दादूदयाल जी को उनकी शिक्षाओं के कारण 'राजस्थान का कबीर' कहा जाता है, जो कबीर की तरह ही निर्गुण भक्ति, सामाजिक समानता और हिंदू-मुस्लिम एकता पर आधारित थीं।
150. मुगल सम्राट अकबर द्वारा जिस सन्त को फतेहपुर सीकरी आमंत्रित किया गया था, वह था -
Answer: सम्राट अकबर ने 1585 ई. में संत दादू दयाल को उनकी ख्याति और ज्ञान से प्रभावित होकर आध्यात्मिक चर्चा के लिए फतेहपुर सीकरी आमंत्रित किया था।