राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय
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21. निरंजनी संप्रदाय के संस्थापक कौन थे -
Answer: संत हरिदास ने निरंजनी सम्प्रदाय की स्थापना की थी। उनका मूल नाम हरिसिंह सांखला था और वे पहले डाकू थे।
22. कुंडा पंथ के प्रणेता कौन थे -
Answer: लोक देवता राव मल्लीनाथ ने 1399 ईस्वी में कुंडा पंथ की स्थापना की थी।
23. किस संत को ‘राजस्थान का कबीर’ कहा जाता है-
Answer: संत दादू दयाल के विचार और उपदेश संत कबीर से काफी मिलते-जुलते हैं। इसी समानता के कारण उन्हें 'राजस्थान का कबीर' कहा जाता है।
24. ‘मंत्र राजप्रकाश’ किस संत के आध्यात्मिक विचारों का संकलन है -
Answer: 'मंत्र राजप्रकाश' और 'हरि पुरुष जी की वाणी' संत हरिदास (निरंजनी सम्प्रदाय के संस्थापक) के आध्यात्मिक विचारों का संकलन है।
25. कुणसा संत राजस्थान रा नीं है -
Answer: जाम्भोजी, पीपाजी और लालदासजी, ये सभी राजस्थान के प्रमुख संत हैं, जबकि अखाजी (अखो भगत) गुजरात के एक प्रसिद्ध संत और कवि थे।
26. निर्गुण निराकर ईश्वर में विश्वास रखने वाले मल्लीनाथजी के नाम पर ही बाड़मेर परगने का नाम पड़ा -
Answer: लोक देवता मल्लीनाथजी के नाम पर ही बाड़मेर के आस-पास का क्षेत्र 'मालाणी प्रदेश' कहलाया।
27. राजस्थान के कौन से प्रसिद्ध सन्त बीकानेर के कातरियासर से संबंधित है -
Answer: जसनाथी सम्प्रदाय के प्रवर्तक सिद्ध जसनाथ जी का प्रमुख केंद्र बीकानेर का कतरियासर गाँव है। यहीं पर उन्होंने जीवित समाधि ली थी।
28. बृंदावन में पासी संप्रदाय की स्थापना किसने की?
Answer: इस प्रश्न में त्रुटि हो सकती है, क्योंकि मीरा बाई ने किसी नए संप्रदाय की स्थापना नहीं की थी। हालांकि, कुछ स्रोतों के अनुसार, उनके अनुयायियों ने बाद में एक पंथ बनाया। दिए गए विकल्पों में मीरा बाई सबसे उपयुक्त उत्तर है।
29. सुप्रसिद्ध ‘कायाबेलि’ ग्रन्थ की रचना किसने की -
Answer: 'कायाबेलि' संत दादू दयाल द्वारा रचित एक प्रसिद्ध ग्रंथ है, जिसमें उनके उपदेश और विचार संकलित हैं।
30. ‘अलखिया सम्प्रदाय’ की स्थापना किसने की?
Answer: स्वामी लाल गिरी ने अलखिया सम्प्रदाय की स्थापना की थी। इस सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ बीकानेर में है।
31. रज्जब जी के संबंध में कौन सा कथन सही नहीं है -
Answer: बेणेश्वर धाम की स्थापना संत मावजी ने की थी। रज्जब जी, दादू दयाल के शिष्य थे, उनका जन्म सांगानेर में हुआ था और उनकी रचना 'रज्जब वाणी' प्रसिद्ध है।
32. साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रतीक काज़ी हमीदुद्दीन नागौरी, किस सूफी सिलसिले के थे -
Answer: काज़ी हमीदुद्दीन नागौरी सुहरावर्दी सूफी सिलसिले से संबंधित थे। ध्यान दें कि एक और प्रसिद्ध संत शेख हमीदुद्दीन नागौरी थे जो चिश्ती सिलसिले से थे।
33. निम्नांकित संतों को उनकी जाति से सुमेलित कीजिए एवं नीचे दिये गये सही कूट का चयन कीजिए -संत जातिअ. जसनाथ 1. पठानब. लालदास 2. जाटस. रज्जब 3. मिरासीद. बखना 4. मेवकूट - अ, ब, स, द
Answer: यह संतों और उनकी जातियों का सही मिलान है: जसनाथ - जाट, लालदास - मेव, रज्जब - पठान, बखना - मिरासी।
34. ____ को नाथद्वारा में श्रीकृष्ण का प्रतीक रूप मान कर पूजा की जाती है।
Answer: नाथद्वारा में वल्लभ सम्प्रदाय की मुख्य पीठ है, जहाँ श्रीनाथजी (भगवान कृष्ण का बाल रूप) की पूजा की जाती है।
35. निम्न में से कौन सा आर्य समाजी विचारधारा का सम्पोषक नहीं है -
Answer: देश हितैषी, जनहितकारक और परोपकारक समाचार पत्र आर्य समाजी विचारधारा का समर्थन करते थे, जबकि राजपूताना गजट के संपादक मौलवी मुराद अली थे और यह इस विचारधारा से नहीं जुड़ा था।
36. अजमेर शरीफ किस प्रसिद्ध सूफी संत की दरगाह है -
Answer: अजमेर शरीफ, सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह है, जो भारत में चिश्ती सिलसिले के संस्थापक थे। यह एक प्रमुख तीर्थ स्थल है।
37. ‘रज्जब वाणी’ पुस्तक किस पंथ / संप्रदाय से संबंधित है?
Answer: 'रज्जब वाणी' संत रज्जबजी की रचनाओं का संग्रह है, और रज्जबजी संत दादू दयाल के शिष्य थे। इसलिए यह पुस्तक दादू पंथ से संबंधित है।
38. भक्तिमती मीरां के पति थे-
Answer: मीराबाई का विवाह मेवाड़ के महाराणा सांगा के ज्येष्ठ पुत्र भोजराज से हुआ था।
39. दादूपंथ की मुख्य गद्दी कहां है -
Answer: संत दादूदयाल ने अपना अंतिम समय जयपुर के पास नरायणा (या नरैना) में बिताया था, और यहीं पर दादू पंथ की मुख्य गद्दी (पीठ) स्थित है।
40. भृर्तहरि की गुफा स्थित है-
Answer: राजा भर्तृहरि (जो बाद में संत बन गए) की तपोस्थली और गुफा अजमेर के पास बघेरा गाँव में स्थित है।