राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय
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261. राजस्थान के वे प्रसिद्ध सन्त जिन्होंने यह लिखा था कि ‘ईश्वर नित्य है, सर्वोपरि है, मनुष्य वासनाओं का दास है’ -
Answer: यह दार्शनिक विचार संत रैदास (रविदास) की शिक्षाओं का हिस्सा है, जो ईश्वर की परम सत्ता और मानवीय कमजोरियों पर जोर देते थे।
262. सम्राट अकबर ने किस संत को फतेहपुर सीकरी में आमंत्रित किया था -
Answer: सम्राट अकबर ने 1585 ई. में संत दादू दयाल जी को आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा के लिए फतेहपुर सीकरी आमंत्रित किया था।
263. सलेमाबाद में निम्बार्कचार्य पीठ की स्थापना किसने की -
Answer: निम्बार्काचार्य सम्प्रदाय की प्रधान पीठ की स्थापना सलेमाबाद (अजमेर) में परशुराम देव द्वारा की गई थी।
264. ‘जोधपुर का महामन्दिर’ उपासना स्थल है -
Answer: जोधपुर का महामंदिर नाथ सम्प्रदाय का एक प्रमुख उपासना स्थल है, जिसे महाराजा मानसिंह ने बनवाया था।
265. रामस्नेही सम्प्रदाय री प्रधान पीठ कठीने है -
Answer: रामस्नेही सम्प्रदाय की प्रधान पीठ (मुख्य गद्दी) भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में स्थित है।
266. राजस्थान रा प्रसिद्ध संत धन्ना भगत कठे रा हा -
Answer: प्रसिद्ध संत धन्ना भगत, जो रामानंद के शिष्य थे, टोंक जिले के धुवन गाँव के रहने वाले थे।
267. दादू दयाल के अनुयायियों में से कौन सा समूह खानाबदोश जीवन जीता था -
Answer: दादूपंथ की 'विरक्त' शाखा के अनुयायी गृहस्थ जीवन त्याग कर साधु बन जाते थे और घूम-घूम कर दादूजी की शिक्षाओं का प्रचार करते थे, यानी खानाबदोश जीवन जीते थे।
268. परनामी सम्प्रदाय के प्रवर्तक हैं-
Answer: परनामी सम्प्रदाय की स्थापना महामति प्राणनाथ जी ने की थी, जिनकी शिक्षाएं 'कुलजम स्वरूप' नामक ग्रंथ में संकलित हैं।
269. संत लालदास के संम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए एवं निम्नांकित में से सही विकल्प चुनिए :A. संत लालदास आजीवन अविवाहित रहे।B. संत लालदास की मृत्यु के पश्चात् उनके समाधि स्थान पर मन्दिर का निर्माण करवाया गया।
Answer: कथन A असत्य है क्योंकि संत लालदास गृहस्थ संत थे, उनका विवाह हुआ था और उनके बच्चे भी थे। कथन B सत्य है।
270. निम्न में से वल्लभ सम्प्रदाय की “पुष्टिमार्ग शाखा” का प्रमुख केन्द्र कौन-सा रहा है -
Answer: नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी का मंदिर वल्लभ सम्प्रदाय की पुष्टिमार्ग शाखा का सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण केंद्र है।