राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय
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301. जसनाथजी को कतरियासर, बीकानेर के पास किस शासक ने भूमि दान में दी -
Answer: दिल्ली के सुल्तान सिकंदर लोदी संत जसनाथजी के चमत्कारों से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने जसनाथजी को कतरियासर में भूमि दान की।
302. मलूकनाथ किस पंथ के साधु थे -
Answer: मलूकनाथ, गरीबदासी पंथ के एक संत थे, जो संत गरीबदास की शिक्षाओं का अनुसरण करता है।
303. निम्न में से किसने गुरु गोरखनाथ से दीक्षा ली थी -
Answer: जाम्भोजी, जो विश्नोई संप्रदाय के संस्थापक थे, ने गुरु गोरखनाथ से दीक्षा प्राप्त की थी। इसी कारण वे गोरखनाथ के शिष्य माने जाते हैं।
304. रसिक संप्रदाय का प्रवर्तक कौन था -
Answer: रसिक संप्रदाय की स्थापना अग्रदास जी ने की थी। उन्होंने राम-भक्ति में रसिक भाव को महत्व दिया।
305. दादूजी के पार्थिव शरीर को किस स्थान पर समाधि दी गई -
Answer: संत दादूदयाल की इच्छानुसार, उनके पार्थिव शरीर को भैराणा की पहाड़ी पर स्थित 'दादूखोल' नामक गुफा में रखा गया था।
306. सन्त मावजी की पीठ कहां पर स्थित है -
Answer: संत मावजी द्वारा स्थापित निष्कलंकी संप्रदाय की मुख्य पीठ डूंगरपुर के साबला गांव में है।
307. निम्न में से कौन सी रचना संत मीरां बाई की नहीं है -
Answer: 'दयाबोध' संत दयाबाई की रचना है, जबकि अन्य सभी रचनाएँ मीरां बाई द्वारा रचित हैं।
308. निरंजनी संप्रदाय के संस्थापक _______ थे -
Answer: निरंजनी संप्रदाय की स्थापना संत हरिदास जी ने की थी, जिनका मूल नाम हरिसिंह सांखला था।
309. 'जम्भसागर' का संबंध किस सम्प्रदाय से है-
Answer: जम्भसागर, विश्नोई संप्रदाय का प्रमुख ग्रंथ है, जिसमें संत जाम्भोजी के उपदेशों का संग्रह है।
310. राजस्थान में नरसिंह के नाम से प्रसिद्ध हैं -
Answer: कवि दुर्लभजी को उनकी कृष्ण-भक्ति के कारण 'राजस्थान का नरसिंह' कहा जाता है।