राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय
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321. जाम्भोजी जहां प्रवचन करते थे, वह क्या कहलाता था -
Answer: वह स्थान जहां संत जाम्भोजी अपने अनुयायियों को उपदेश या प्रवचन देते थे, 'सथारी' कहलाता था।
322. जांभोजी किसके शिष्य थे-
Answer: विश्नोई संप्रदाय के प्रवर्तक जांभोजी ने नाथ संप्रदाय के प्रसिद्ध योगी गुरु गोरखनाथ से दीक्षा ली थी।
323. रामस्नेही सम्प्रदाय की रैण शाखा के प्रवर्तक थे -
Answer: रामस्नेही संप्रदाय की रैण (मेड़ता, नागौर) शाखा की स्थापना संत दरियाव जी ने की थी।
324. संत चरणदास जी की समाधि कहाँ स्थित है -
Answer: संत चरणदास जी का जन्म अलवर में हुआ था, लेकिन उनका अधिकांश जीवन और प्रधान पीठ दिल्ली में थी, जहाँ उनकी समाधि भी है।
325. नाथ सम्प्रदाय के प्रवर्तक हैं -
Answer: नाथ संप्रदाय की शुरुआत नाथ मुनि ने की थी, और बाद में गुरु गोरखनाथ ने इसे व्यवस्थित और लोकप्रिय बनाया।
326. कौन सा युग्म गलत सुमेलित है -
Answer: मल्लीनाथजी का मुख्य मंदिर तिलवाड़ा (बाड़मेर) में है, न कि गागरोन में। अन्य सभी विकल्प सही ढंग से सुमेलित हैं।
327. धन्ना किसका शिष्य था -
Answer: संत धन्ना, संत कबीर और पीपा की तरह, स्वामी रामानंद के प्रमुख शिष्यों में से एक थे।
328. आचार्य तुलसी दास ने अणुव्रत आन्दोलन का सूत्रपात कब किया -
Answer: नैतिकता और सद्भावना के प्रचार के लिए आचार्य तुलसीदास ने 1 मार्च 1949 को सरदारशहर (चूरू) में अणुव्रत आंदोलन की शुरुआत की।
329. राजस्थान की दूसरी मीरा संत रानाबाई का जन्म कहाँ हुआ था -
Answer: संत रानाबाई, जिन्हें 'राजस्थान की दूसरी मीरा' कहा जाता है, का जन्म नागौर जिले के हरनावा गाँव में हुआ था।
330. रामस्नेही संप्रदाय की शाहपुरा शाखा के संस्थापक कौन थे -
Answer: संत रामचरण जी ने रामस्नेही संप्रदाय की स्थापना की और शाहपुरा (भीलवाड़ा) को इसकी मुख्य पीठ बनाया।