राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय
TOPICS ▾
राजस्थान का संगीत एवं लोकगीत
राजस्थान का साहित्य
राजस्थान की चित्र शैलियाँ
राजस्थान की प्रसिद्ध महिला व्यक्तित्व
राजस्थान की प्राचीन सभ्यताएँ
राजस्थान की भाषा एवं बोलियाँ
राजस्थान की शब्दावली
राजस्थान की स्थापत्य कला
राजस्थान की हस्तकला
राजस्थान के आभूषण एवं वेशभूषा
राजस्थान के क्षेत्रीय कार्यक्रम
राजस्थान के त्यौहार
राजस्थान के नृत्य
राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व
राजस्थान के प्रमुख संत एवं सम्प्रदाय
राजस्थान के प्रमुख स्थानों के उपनाम
राजस्थान के मेले
राजस्थान के रीति-रिवाज एवं प्रथाएँ
राजस्थान के लोक देवता व देवियाँ
राजस्थान के सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल
SORT BY ▾
331. संत पीपा की गुफा कहाँ है -
Answer: संत पीपा का जन्म गागरोन में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपने जीवन के अंतिम समय में टोडा (टोंक) की एक गुफा में तपस्या की थी।
332. दादू दयाल का जन्म हुआ था:
Answer: संत दादू दयाल जी का जन्म 1544 ईस्वी में गुजरात के अहमदाबाद में हुआ था, हालांकि उनकी कर्मभूमि राजस्थान रही।
333. निम्नलिखित में से कौन से संत राजस्थान के हैं -
Answer: सुंदर दास (दौसा), लाल दास (अलवर), और मावजी (डूंगरपुर) - ये सभी संत राजस्थान से संबंधित हैं।
334. संत मावजी किस संप्रदाय के प्रवर्तक थे -
Answer: संत मावजी ने वागड़ क्षेत्र में निष्कलंकी संप्रदाय की स्थापना की, जिसका मुख्य केंद्र साबला (डूंगरपुर) है।
335. पाशुपत नामक शैव सम्प्रदाय के प्रवर्तक थे -
Answer: पाशुपत, शैव धर्म का सबसे पुराना संप्रदाय माना जाता है, जिसके संस्थापक लकुलिश थे।
336. पाशुपत सम्प्रदाय के प्रवर्तक हैं-
Answer: दण्डधारी लकुलीश को पाशुपत शैव संप्रदाय का प्रवर्तक माना जाता है। उन्हें भगवान शिव का अवतार भी कहा जाता है।
337. ‘अलखिया सम्प्रदाय’ की स्थापना किसने की -
Answer: अलखिया संप्रदाय की स्थापना स्वामी लाल गिरी जी ने की थी, जिनका जन्म चूरू में हुआ था।