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1. कार्यालयी पत्र का अंतिम रूप देने से पहले तैयार किया गया कच्चा, अनौपचारिक लेख क्या कहलाता है?
Answer: किसी भी पत्र को अंतिम रूप में जारी करने से पहले उसकी कच्ची रूपरेखा तैयार की जाती है, जिसे प्रारूप या मसौदा कहते हैं।
2. प्रारूपण (Drafting) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Answer: प्रारूपण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पत्र भेजे जाने से पहले पूरी तरह से त्रुटिहीन और स्पष्ट हो।
3. एक उत्तम प्रारूप की विशेषता इनमें से कौन-सी नहीं है?
Answer: कार्यालयी प्रारूप की भाषा सरल, स्पष्ट और सटीक होनी चाहिए, न कि अलंकारिक या साहित्यिक।
4. प्रारूप पर सक्षम अधिकारी द्वारा दी जाने वाली स्वीकृति क्या कहलाती है?
Answer: जब उच्च अधिकारी प्रारूप से सहमत होकर उसे जारी करने की अनुमति देता है, तो इसे अनुमोदन कहा जाता है।
5. टिप्पण (Noting) और प्रारूपण (Drafting) में मुख्य अंतर क्या है?
Answer: टिप्पणी (Noting) फाइल पर की जाने वाली आंतरिक विवेचना है, जबकि प्रारूपण (Drafting) बाहर भेजे जाने वाले पत्र की तैयारी है।
6. शासकीय पत्र के प्रारूप में सबसे ऊपर दाईं ओर क्या लिखा जाता है?
Answer: मानक प्रारूप के अनुसार, शासकीय पत्र में सबसे ऊपर दाईं ओर पत्र संख्या और दिनांक का स्थान होता है।
7. अर्ध-शासकीय पत्र (D.O. Letter) के प्रारूप की क्या विशेषता है?
Answer: अर्ध-शासकीय पत्र में आत्मीयता होती है और प्रायः 'मैं आपसे अनुरोध करना चाहूँगा कि...' जैसी उत्तम पुरुष शैली अपनाई जाती है।
8. प्रारूप में 'भवदीय' के बाद हस्ताक्षर के लिए स्थान छोड़ा जाता है। 'भवदीय' को क्या कहते हैं?
Answer: पत्र के अंत में लिखे जाने वाले इन समापन सूचक शब्दों को स्वनिर्देश (Subscription) कहते हैं।
9. अनुमोदन के पश्चात् प्रारूप का क्या किया जाता है?
Answer: अनुमोदन का अर्थ है कि प्रारूप अंतिम रूप देने के लिए तैयार है। इसके बाद उसकी साफ टाइपिंग या छपाई होती है।
10. परिपत्र (Circular) का प्रारूप तैयार करते समय किस बात का ध्यान रखना आवश्यक है?
Answer: चूंकि परिपत्र एक साथ कई कार्यालयों को भेजा जाता है, इसमें व्यक्तिगत संबोधन (जैसे महोदय) और स्वनिर्देश (जैसे भवदीय) नहीं होते।
11. यदि किसी पत्र का उत्तर देना हो, तो प्रारूप लिखने से पहले सबसे महत्वपूर्ण चरण क्या है?
Answer: उत्तर का प्रारूप मूल पत्र के संदर्भ और उस पर अधिकारियों के निर्देशों (टिप्पणी) के आधार पर ही तैयार होता है।
12. प्रारूप में विषय (Subject) का उल्लेख क्यों किया जाता है?
Answer: विषय से पत्र के मुख्य प्रयोजन का पता चलता है, जिससे उसे समझने और फाइल करने में आसानी होती है।
13. अधिसूचना (Notification) का प्रारूप तैयार करते समय भाषा कैसी होनी चाहिए?
Answer: अधिसूचना एक विधिक दस्तावेज़ है, इसलिए इसकी भाषा औपचारिक, सटीक और अन्य पुरुष शैली में होती है।
14. प्रारूप लेखन में संक्षिप्तता का क्या आशय है?
Answer: संक्षिप्तता का अर्थ है अनावश्यक शब्दों और वाक्यों से बचते हुए पत्र को सारगर्भित बनाना।
15. ज्ञापन (Memorandum) के प्रारूप में क्या नहीं होता है?
Answer: ज्ञापन या कार्यालय ज्ञाप में 'महोदय' और 'भवदीय' जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाता।
16. एक ही विषय पर कई बार पत्र-व्यवहार हो चुकने के बाद लिखे जाने वाले पत्र के प्रारूप में क्या उल्लेख करना अनिवार्य होता है?
Answer: संदर्भ देने से मामले को समझने और पुरानी फाइल से जोड़ने में आसानी होती है।
17. अनुस्मारक (Reminder) के प्रारूप में क्या विशेष होता है?
Answer: अनुस्मारक का मुख्य उद्देश्य ही पिछले पत्र की याद दिलाना है, इसलिए उसका संदर्भ देना अनिवार्य है।
18. पृष्ठांकन (Endorsement) का प्रारूप कब तैयार किया जाता है?
Answer: पृष्ठांकन का प्रयोग पत्र की प्रतिलिपि (copy) अन्य संबंधितों को भेजने के लिए किया जाता है।
19. कार्यालय आदेश (Office Order) का प्रारूप किसके लिए होता है?
Answer: यह कार्यालय के आंतरिक प्रशासन से संबंधित होता है, जैसे अवकाश, पदोन्नति आदि।
20. यदि प्रारूप में कोई त्रुटि हो, तो संशोधन करने का अधिकार किसे है?
Answer: अंतिम निर्णय और संशोधन का अधिकार अनुमोदनकर्ता अधिकारी का होता है।